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लखनऊ के यात्री ने खोली इमरजेंसी विंडो, जोखिम में 170 यात्रियों की जान
Sat, 27 Apr 2019 01:47 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Sat, 27 Apr 2019 01:47 AM IST
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बंगलूरू से लखनऊ आ रही गोएयर की फ्लाइट में उस वक्त हड़कम्प मच गया, जब विमान रनवे पर रफ्तार भरने जा रहा था और एक यात्री ने आपातकालीन खिड़की (इमरजेंसी विंडो) खोल दी। आनन-फानन पायलट ने विमान को रोका। इसके बाद यात्री को सुरक्षाबल ने हिरासत में ले गए और पूछताछ की।
अन्य यात्रियों को दूसरे विमान से लखनऊ रवाना किया गया। विमान में क्रू समेत 170 यात्री सवार थे। गो एयर की फ्लाइट संख्या जी8-805 बीते बृहस्पतिवार को सुबह 8.20 बजे बंगलूरू एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए उड़ान भरने को तैयार थी।
विमान को रनवे पर लाया गया और इसी दौरान फ्लाइट में बैठे लखनऊ के यात्री सुनील ने इमरजेंसी एग्जिट गेट खोल दिया। सुनील बंगलूरू में ही कारपेंटर का काम करता है। एग्जिट गेट खुलने की जानकारी कॉकपिट में बैठे पायलट को हो गई इमरजेंसी गेट खुलने की सूचना मिलते ही विमान में बैठे यात्रियों की सांसे फूल गईं।
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हालांकि विमान को रोक दिया गया और यात्रियों को दूसरे विमान से रवाना किया गया। सुरक्षाकर्मियों ने सुनील से कड़ाई से पूछताछ की। उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, लेकिन विमान से दोबारा यात्रा नहीं करने दी गई। विमान की गहन जांच-पड़ताल के लिए इंजीनियरों की टीम बुलाई गई।
हवा में खुलती तो होता हादसा...
अगर, इमरजेंसी विंडो को अचानक बीच हवा में खोल दिया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। विशेषज्ञों कहते हैं कि 30 हजार फीट की ऊंचाई के आसपास जब विमान उड़ान भर रहा हो और विंडो खोल दी जाए तो केबिन प्रेशर तेजी से घटने लगता है, जिससे एक ओर विमान का संतुलन गड़बड़ा जाता है तो दूसरी ओर ऑक्सीजन का स्तर घटने लगता है, जिससे यात्रियों को हाइपोक्सिया हो जाती है। हालांकि, ऑक्सीजन मास्क विमान में रहते हैं। इतना ही नहीं, गर इसे ठंडे इलाकों में बीच हवा में झटके से खोल दिया जाए तो अंदर का तापमान जमा देने जैसा भी हो सकता है।
इनको नहीं मिलती इमरजेंसी विंडो वाली सीटें
विमान की इमरजेंसी विंडो डैनों पर खुलती है। इससे आपात स्थिति में पैसेंजरों को स्लाइडर की मदद से डैनों के मार्फत नीचे उतारा जाता है। ‘नीरजा’ फिल्म में इसे दिखाया गया है। इमरजेंसी विंडो सीट के लिए अतिरिक्त शुल्क लगता है। दरअसल, इस सीट पर पैर फैलाने व सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह होती है, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को राहत हो जाती है।
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अन्य यात्रियों को दूसरे विमान से लखनऊ रवाना किया गया। विमान में क्रू समेत 170 यात्री सवार थे। गो एयर की फ्लाइट संख्या जी8-805 बीते बृहस्पतिवार को सुबह 8.20 बजे बंगलूरू एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए उड़ान भरने को तैयार थी।
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विमान को रनवे पर लाया गया और इसी दौरान फ्लाइट में बैठे लखनऊ के यात्री सुनील ने इमरजेंसी एग्जिट गेट खोल दिया। सुनील बंगलूरू में ही कारपेंटर का काम करता है। एग्जिट गेट खुलने की जानकारी कॉकपिट में बैठे पायलट को हो गई इमरजेंसी गेट खुलने की सूचना मिलते ही विमान में बैठे यात्रियों की सांसे फूल गईं।
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हालांकि विमान को रोक दिया गया और यात्रियों को दूसरे विमान से रवाना किया गया। सुरक्षाकर्मियों ने सुनील से कड़ाई से पूछताछ की। उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, लेकिन विमान से दोबारा यात्रा नहीं करने दी गई। विमान की गहन जांच-पड़ताल के लिए इंजीनियरों की टीम बुलाई गई।
हवा में खुलती तो होता हादसा...
अगर, इमरजेंसी विंडो को अचानक बीच हवा में खोल दिया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। विशेषज्ञों कहते हैं कि 30 हजार फीट की ऊंचाई के आसपास जब विमान उड़ान भर रहा हो और विंडो खोल दी जाए तो केबिन प्रेशर तेजी से घटने लगता है, जिससे एक ओर विमान का संतुलन गड़बड़ा जाता है तो दूसरी ओर ऑक्सीजन का स्तर घटने लगता है, जिससे यात्रियों को हाइपोक्सिया हो जाती है। हालांकि, ऑक्सीजन मास्क विमान में रहते हैं। इतना ही नहीं, गर इसे ठंडे इलाकों में बीच हवा में झटके से खोल दिया जाए तो अंदर का तापमान जमा देने जैसा भी हो सकता है।
इनको नहीं मिलती इमरजेंसी विंडो वाली सीटें
विमान की इमरजेंसी विंडो डैनों पर खुलती है। इससे आपात स्थिति में पैसेंजरों को स्लाइडर की मदद से डैनों के मार्फत नीचे उतारा जाता है। ‘नीरजा’ फिल्म में इसे दिखाया गया है। इमरजेंसी विंडो सीट के लिए अतिरिक्त शुल्क लगता है। दरअसल, इस सीट पर पैर फैलाने व सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह होती है, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को राहत हो जाती है।