लखनऊ। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान परिसर में जारी जनजाति भागीदारी उत्सव के तीसरे दिन शनिवार को विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी को आकर्षित किया। देशभर के विभिन्न जनजातीय कलाकारों ने अपनी समृद्ध संस्कृति, कला और परंपराओं को मंच पर जीवंत करते हुए आदिवासी समाज की गौरवपूर्ण विरासत को सम्मान दिया। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह उत्सव जनजातीय परंपराओं की विविधता और एकता का उत्कृष्ट प्रतीक है। यूपी लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी ने जानकारी दी कि उत्सव में सोनभद्र के कलाकारों ने झूमर-डोमकच नृत्य, लखीमपुर खीरी के कलाकारों ने सखिया नृत्य और गोवा के कलाकारों ने कुनबी नृत्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही राजस्थान की सहारिया स्वांग, ललितपुर की शैरा, कश्मीर की पहाड़ी, असम की ढाल-ठुंगरी और ओडिशा की डुरुआ जनजाति के नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान परिसर में ज

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान परिसर में ज

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान परिसर में ज

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