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Lucknow News: 55 करोड़ का कोटा एक महीने से पड़ा, पार्षदों ने काम के प्रस्ताव ही नहीं दिए

Sat, 07 Jun 2025 01:47 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 07 Jun 2025 01:47 AM IST
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Parshad did not give any proposal for work
लखनऊ। नए नगर आयुक्त के सख्त तेवर, 300 करोड़ की लागत से हुए विकास कार्याें की जांच, प्रस्ताव तैयार करने के कडे़ नियम और ई टेंडरिंग लागू किए जाने की आशंका के चलते पार्षद विकास कार्य कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। करीब एक महीने पहले सभी 110 वार्डों में सड़क, नाली खडंजा के कार्य कराए जाने के लिए पहले 55 करोड़ रुपये पार्षद कोटा जारी हो चुका, लेकिन काम शुरू होना तो दूर अभी प्रस्ताव तक तैयार नहीं हुए हैं।
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नगर निगम में 110 पार्षद हैं। जिनकी संस्तुति पर विकास कार्य कराने के लिए हर एक वार्ड के लिए 2.10 करोड़ सालाना का कोटा जारी किया है। इसकी पहली किस्त के तौर पर नौ मई को महापौर ने एक करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की थी। जिसके बाद नगर निगम प्रशासन की ओर से हर पार्षद से 50-50 लाख रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जाने के प्रस्ताव मांगे गए थे लेकिन अब तक एक भी पार्षद ने प्रस्ताव नहीं दिया।
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इसकी असली वजह क्या है कि इसको लेकर सूत्रों का कहना है कि नए नगर आयुक्त ने विकास कार्य का प्रस्ताव तैयार करने का लेकर जो कड़े नियम बना दिए हैं उससे विकास कार्यों में घपलेबाजी करना आसान नहीं होगा। अब प्रस्ताव के समय ही इंजीनियरों को मौके पर जाकर फोटो खिंचवानी पड़ेगी और काम का औचित्य भी बताना होगा कि वह क्यों कराना जाना जरूरी है। इसके अलावा टेंडर भी मैनुअल की बजाए ई टेंडर से कराए जा सकते हैं। ऐसा हुआ तो उनकी मनमानी नहीं चल पाएगी। यह आशंका इसलिए है कि क्योंकि अभी तक 10 लाख रुपये से कम लागत के काम ई टेंडर से नहीं कराए जा रहे थे। नए नगर आयुक्त के पास विकास कार्य की जो फाइलें एक महीने में गई हैं उनको काम ई टेंडर से कराने के लिए आदेश नगर आयुक्त ने दिए हैं।
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पार्षदों का कहना इंजीनियर ही नहीं बना रहे एस्टीमेट
महात्मा गांधी-जियामऊ वार्ड के पार्षद अमित चौधरी का कहना है कि फाइल तो इंजीनियरों को बनानी है। इंजीनियरों से कई बार कहा गया कि वह उनके वार्ड में कराए जाने वाले कार्याें के प्रस्ताव तैयार कर लें मगर कोई सुन ही नहीं रहा है। भवानीगंज वार्ड की पार्षद रीता राय के प्रतिनिधि संतोष राय का कहना है कि अभी तो नगर निगम ने सभी इंजीनियरों को नाला सफाई के काम में लगा रखा है। ऐसे में प्रस्ताव बनाएगा कौन। बाजारकालीजी वार्ड के पार्षद अनुराग मिश्रा ने बताया कि प्रस्ताव तो दिया मगर नए नियम के तहत अभी इंजीनियर बना नहीं पाए हैं।
सरोजनी नगर द्वितीय वार्ड के पार्षद रामनरेश रावत का कहना है कि कोटे की पूरी किस्त जारी की जाए। अभी 50 लाख रुपये के प्रस्ताव मांगे गए हैं, इससे वह कुछ काम नहीं करा सकते। उनका कहना है कि वार्ड में ज्यादातर सड़कें-गलियां कच्ची हैं। ऐसे में यदि एक जगह काम कराएंगे तो दूसरी जगह के लोग नाराज होंगे। वार्ड में जल निकासी की भी बहुत समस्या है।


पार्षदों की ओर से अभी कोटे से काम कराए जाने को लेकर प्रस्ताव नहीं मिले हैं, जैसे आएंगे, उन पर काम कराया जाएगा। नगर निगम के विभागाें में जो सामान खरीदा जाएगा या निर्माण के काम हैं, वह सब ई टेंडर से कराए जाएंगे। अब पार्षद कोटे के काम ई टेंडर से हों या नहीं हों, यह पार्षद तय करें। नगर निगम ने अपने कामों से शुरुआत कर दी है।
गौरव कुमार, नगर आयुक्त
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