Lucknow News: अभिभावकों ने किया हंगामा, निलंबित प्रिंसिपल को दौड़ाया
मंगलवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार पांडेय को निर्देश दिया था कि एक सप्ताह में कॉलेज में पढ़ाई या अन्य शैक्षणिक कार्य बंद कराएं। इस आदेश के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक की टीम बुधवार को कॉलेज पहुंची। टीम में शामिल एसोसिएट डीआईओएस अमिता सिंह व मनीषा द्विवेदी ने अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन अभिभावक नहीं माने और हंगामा करने लगे। दोनों अधिकारियों ने कोर्ट का हवाला देते हुए आश्वासन दिया कि उनकी बेटियों का दाखिला दूसरे कॉलेज में कराया जाएगा, लेकिन अभिभावकों ने अपने बच्चों को दूर भेजने से मना कर दिया।
इस बीच अभिभावकों व छात्राओं ने निलंबित प्रिंसिपल सुमन शुक्ला पर आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज की दशा के लिए वही जिम्मेदार हैं। इस बीच निलंबित प्रिंसिपल कार से जाने लगीं तो अभिभावकों ने दौड़ा लिया। वहीं, कॉलेज के शिक्षकों ने बताया कि अभी तक प्रिंसिपल रहीं सुमन शुक्ला व प्रबंधक पवन वर्मा के बीच विवाद चल रहा था, जिसके चलते सुमन शुक्ला को निलंबित किया गया था। दोनों के विवाद के चलते कॉलेज का विकास नहीं हो सका।
निर्माण विभाग की रिपोर्ट में कॉलेज जर्जर
कोर्ट के आदेश पर निर्माण विभाग के अभियंताओं से कॉलेज भवन का निरीक्षण कराया गया था, जिसके बाद कोर्ट में 28 अप्रैल को रिपोर्ट पेश की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भवन की अधिकांश दीवारों में दरारें हैं। भवन की छत पुरानी ईंटों से निर्मित है। मरम्मत की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में संपूर्ण भवन को असुरक्षित घोषित किया गया है।
गांधी जी की पहल पर 1921 में हुआ था निर्माण
जानकारों का दावा है कि 1921 में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जब महात्मा गांधी लखनऊ आए थे, तो उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने और शिक्षा के प्रसार के लिए अनूठा प्रयोग किया था। उन्होंने महिलाओं से प्रतिदिन खाना पकाने से पहले एक चुटकी आटा अलग रखने की अपील की। एकत्रित आटे और चंदे से प्राप्त राशि से नाग पंचमी के दिन स्कूल की नींव रखी गई। दावा ये भी है कि गांधीजी ने अपनी चांदी की थाली बेचकर इस विद्यालय को पुनर्जीवित किया था।
Iकोर्ट के निर्देश पर गठित इंजीनियरों की टीम ने विद्यालय भवन की समीक्षा की थी। इसके बाद कोर्ट का आदेश आया कि विद्यालय बंद करते हुए बच्चों व शिक्षकों का समायोजन दूसरी जगह किया जाए। इस पर उच्च अधिकारियों का परामर्श लेते हुए आगे कार्रवाई की जाएगी। I
- राकेश कुमार जिला विद्यालय निरीक्षक

विद्यालय पहुंचे छात्राएं, परिजन व शिक्षिकाएं। इस दौरान हंगामा भी हुआ।

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