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आंखों देखी: थोड़ी देर तड़पते रहे...फिर सब खामोश हो गए, चश्मदीद बोला- कार आई और स्कूटी समेत चारों को उड़ा ले गई
Thu, 01 Jun 2023 11:12 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 01 Jun 2023 11:12 AM IST
सार
यूपी की राजधानी लखनऊ में एक कार ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि टक्कर लगने के बाद दंपती और बेटे 100 मीटर तक कार में फंसकर घिसटते रहे। नशे में धुत प्रॉपर्टी डीलर ने कार को और तेज दौड़ा दी। गुलाचीन मंदिर विकासनगर मोड़ के पास यह दर्दनाक हादसा हुआ।
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हादसे का शिकार हुए परिवार का फाइल फोटो, गमगमीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखनऊ के गुलाचीन मंदिर विकासनगर मोड़ के पास मंगलवार देर रात एक प्रॉपर्टी डीलर ने नशे में धुत होकर मौत की एसयूवी दौड़ाई। स्कूटी में टक्कर मारकर उसको करीब 100 मीटर तक घसीटता रहा। आखिर में डिवाइडर से टकराकर एसयूवी बंद हो गई। तब वह वहां से भाग निकला।
हादसे में दंपती और उनके दोनों बेटों की मौत हो गई। हादसा देख राहगीरों की रूह कांप गई। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किए गए। पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर राजेंद्र पाल पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
मूलरूप से सीतापुर के लहरपुर तंबौर (गांव हैथा) निवासी राम सिंह (35) विकासनगर सेक्टर तीन में किराये के मकान में पत्नी ज्ञानवती (32) व बेटे राज (13) व अंश (8) के साथ रहते थे। मंगलवार को वह परिवार समेत अलीगंज में बड़े मंगल पर मेला देखने गए थे। रात करीब दो बजे स्कूटी से लौट रहे थे। जैसे ही विकासनगर मोड़ से लेखराज की तरफ मुड़े वैसे ही टेढ़ी पुलिया की तरफ से आ रही तेज रफ्तार बेकाबू एसयूवी ने स्कूटी में टक्कर मार दी।
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स्कूटी समेत पूरा परिवार एसयूवी में फंस गया। तब भी चालक ने एसयूवी नहीं रोकी। ऐसे में सभी करीब सौ मीटर तक घिसटते चले गए। स्कूटी फंसे होने की वजह से खुद ही गाड़ी रुक गई तब चालक वहां से भाग निकला। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी।
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हादसे में दंपती और उनके दोनों बेटों की मौत हो गई। हादसा देख राहगीरों की रूह कांप गई। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किए गए। पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर राजेंद्र पाल पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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मूलरूप से सीतापुर के लहरपुर तंबौर (गांव हैथा) निवासी राम सिंह (35) विकासनगर सेक्टर तीन में किराये के मकान में पत्नी ज्ञानवती (32) व बेटे राज (13) व अंश (8) के साथ रहते थे। मंगलवार को वह परिवार समेत अलीगंज में बड़े मंगल पर मेला देखने गए थे। रात करीब दो बजे स्कूटी से लौट रहे थे। जैसे ही विकासनगर मोड़ से लेखराज की तरफ मुड़े वैसे ही टेढ़ी पुलिया की तरफ से आ रही तेज रफ्तार बेकाबू एसयूवी ने स्कूटी में टक्कर मार दी।
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स्कूटी समेत पूरा परिवार एसयूवी में फंस गया। तब भी चालक ने एसयूवी नहीं रोकी। ऐसे में सभी करीब सौ मीटर तक घिसटते चले गए। स्कूटी फंसे होने की वजह से खुद ही गाड़ी रुक गई तब चालक वहां से भाग निकला। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी।
राम सिंह के साथ टेंट हाउस मालिक का भाई भी पीछे बाइक से आ रहा था, उसके सामने हुआ हादसा
मैं भी बड़े मंगल पर मंदिर गया था। देर रात घर लौट रहा था। मेरे आगे राम सिंह स्कूटी से चल रहा था। जैसे वह तिराहा पार करने लगे वैसे ही रफ्तार में आई एसयूवी स्कूटी समेत चारों को उड़ा ले गई। पीछे-पीछे मैं भाग तो देखा कि इधर उधर लोग छिटक कर गिर रहे हैं। कुछ पल के लिए मैं सन्न रह गया। समझ नहीं आया कि हुआ क्या। फिर चंद पल बाद देखा कि चार लाशें पड़ी हुई हैं।
मैं भी बड़े मंगल पर मंदिर गया था। देर रात घर लौट रहा था। मेरे आगे राम सिंह स्कूटी से चल रहा था। जैसे वह तिराहा पार करने लगे वैसे ही रफ्तार में आई एसयूवी स्कूटी समेत चारों को उड़ा ले गई। पीछे-पीछे मैं भाग तो देखा कि इधर उधर लोग छिटक कर गिर रहे हैं। कुछ पल के लिए मैं सन्न रह गया। समझ नहीं आया कि हुआ क्या। फिर चंद पल बाद देखा कि चार लाशें पड़ी हुई हैं।
प्रत्यक्षदर्शी टेंट हाउस के मालिक के भाई विनय ने ये हादसे की आंखों देखी बयां की। विनय ने बताया कि एसयूवी चालक कब वहां से भाग गया पता ही नहीं चला। उन्होंने व अन्य राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। विनय के मुताबिक, जब चारों को एंबुलेंस में लादा जा रहा था, तभी ऐसा लग रहा था कि उनमें जान नहीं बची है। राम सिंह विनय के भाई के टेंट हाउस में 12 साल से नौकरी कर रहा था। विनय ने बताया कि राम सिंह बहुत ईमानदारी से नौकरी करता था। पूरे परिवार का खर्च उसी पर निर्भर रहा था। विनय बार-बार ये बात दोहरा रहा था कि यकीन ही नहीं हो रहा है कि एक झटके में पूरा परिवार खत्म हो गया।
कमजोर है आर्थिक स्थिति, अंतिम संस्कार के लिए जुटाया चंदा
हादसे की जानकारी पर राम सिंह के भाई व अन्य परिजन मोर्चरी पहुंचे। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। यहां तक कि परिचित से रुपये गाड़ी बुक कर लखनऊ आए थे। शव ले जाने के लिए एंबुलेंस के लिए भी पैसे नहीं थे। तब टेंट हाउस मालिक ने दो एंबुलेंस बुक की। इससे चारों शव ले जाए गए। अंतिम संस्कार चंदा लेकर किया गया। इसमें परिचित, रिश्तेदारों व अन्य गांव वालों ने मदद की।
हादसे की जानकारी पर राम सिंह के भाई व अन्य परिजन मोर्चरी पहुंचे। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। यहां तक कि परिचित से रुपये गाड़ी बुक कर लखनऊ आए थे। शव ले जाने के लिए एंबुलेंस के लिए भी पैसे नहीं थे। तब टेंट हाउस मालिक ने दो एंबुलेंस बुक की। इससे चारों शव ले जाए गए। अंतिम संस्कार चंदा लेकर किया गया। इसमें परिचित, रिश्तेदारों व अन्य गांव वालों ने मदद की।
खुशहाल था परिवार, एक साथ सो गए मौत की नींद
राम सिंह पड़ोसियों व परिचितों ने बताया कि राम सिंह का परिवार खुशहाली के साथ जीवन जी रहा था। दोनों बेटों को पढ़ाने पर बहुत जोर देते थे। क्या पता था कि एक साथ सभी मौत की नींद सो जाएंगे। जवान बेटे, बहू व पोतों की अर्थी का कंधा देने वाले बुजुर्ग दादा की आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे।
राम सिंह पड़ोसियों व परिचितों ने बताया कि राम सिंह का परिवार खुशहाली के साथ जीवन जी रहा था। दोनों बेटों को पढ़ाने पर बहुत जोर देते थे। क्या पता था कि एक साथ सभी मौत की नींद सो जाएंगे। जवान बेटे, बहू व पोतों की अर्थी का कंधा देने वाले बुजुर्ग दादा की आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे।