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पुनिया बोले, 'बेनी नहीं, कांग्रेस से गंदगी चली गई'

Sun, 15 May 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 15 May 2016 01:32 AM IST
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P L Puniya reacts over Beni Prasad Verma joing SP.
पी एल पुनिया व बेनी प्रसाद वर्मा - फोटो : getty images

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया कांग्रेस के प्रमुख दलित चेहरों में शुमार होते हैं। दलितों के बीच उन्होंने अच्छी पकड़ व पहुंच बना रखी है। वे नहीं मानते कि बेनी प्रसाद वर्मा के कांग्रेस छोड़ने से पार्टी को नुकसान होगा।

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कहते हैं, बेनी कांग्रेस में थे तो गंदगी ही फैला रहे थे। निष्ठावान व समर्पित कांग्रेसियों की बलि ले रहे थे। कांग्रेस का तो कुछ लाभ नहीं हो रहा था। उनका स्वार्थ जरूर सध रहा था। वे नहीं गए हैं, कांग्रेस की गंदगी चली गई। बेनी घोर अवसरवादी हैं, यह उन्होंने साबित भी कर दिया।
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- बेनी के जाने से कांग्रेस पर क्या असर पड़ेगा?

कोई असर नहीं पड़ेगा। बेनी कांग्रेस से नहीं गए हैं, बल्कि गंदगी चली गई है। गंदगी साफ होने के बाद घर या सामान जैसे चमकने लगता है, कांग्रेस वैसे ही चमकने लगी है। आस्तीन के सांपों का चला जाना ही ठीक है। वह खाते कांग्रेस की थे, लेकिन काम दूसरों का कर रहे थे। कांग्रेस की जड़ों में मट्ठा डाल रहे थे। उनके जाने से कांग्रेस खिलेगी। काम करने वालों को मौका मिलेगा।

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'बेनी अवसर वादी हैं, कांग्रेस के एहसानमंद नहीं'

P L Puniya reacts over Beni Prasad Verma joing SP.
पीएल पुनिया - फोटो : getty images

बेनी बाबू कह रहे हैं कि कांग्रेस ने उन्हें काम नहीं दिया, इसलिए सपा में चले गए?

-कांग्रेस ने उन्हें क्या नहीं दिया। जब दुर्दिन में थे, उस समय संगठन में जगह दी। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में रखा। कोर कमेटी में शामिल किया। कैबिनेट मंत्री बनाया। उनके साथ कोई राज्य मंत्री भी नहीं लगाया गया। उन्हें तो कांग्रेस का एहसानमंद होना चाहिए, पर वह अवसरवादी हैं। इसलिए एहसानमंद कैसे रहते।


दुरुपयोग के आरोप का आधार क्या है?

-चुनाव में अपने ऐरे-गैरे लोगों को कांग्रेस में ले आए। टिकट दिलवा दिए। इससे पुराने कांग्रेसियों को हताशा हुई। उनका नुकसान हुआ। साथ ही खुद तो चुनाव जीते नहीं, कमजोर लोगों को टिकट दिलाकर दूसरी कई सीटों पर भी कांग्रेस को हार के कगार पर पहुंचा दिया।

'स्वार्थ से कांग्रेस में आए, मलाई खाने सपा में गए'

P L Puniya reacts over Beni Prasad Verma joing SP.
बेनी प्रसाद वर्मा - फोटो : getty images

बेनी कह रहे हैं कि वह पुत्रवत अखिलेश से कैसे लड़ते, इसलिए सपा में चले गए?

-बातें बना रहे हैं। बेनी पुत्रवत अखिलेश से लड़ने में संकोच के कारण नहीं, बल्कि अपने और अपने पुत्र के सियासी समायोजन के स्वार्थ में सपा में गए हैं। उन्हें पता हो गया था कि उनकी स्वार्थी राजनीति और हरकतों से कांग्रेस ऊब चुकी है। वह अब उनकी मांगें मानने वाली नहीं है। बेनी स्वार्थ में कांग्रेस में आए थे और मलाई खाने सपा में गए हैं।

क्या कांग्रेस को कुर्मी वोट का नुकसान नहीं होगा?

- कुर्मी समाज की शिक्षा व संपन्नता का स्तर काफी ऊंचा है। यह बिरादरी राजनीतिक रूप से भी सचेत और सक्रिय मानी जाती रही है। यह समाज किसी के कहने भर देने से फैसले नहीं ले लेता। ऐसा होता तो बेनी के आने से कांग्रेस को भी लाभ दिखता। पिछले विधानसभा चुनाव में अपने पुत्र को कुर्मी बहुल इलाके से भी चुनाव नहीं जिता पाए।

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