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UP News : ओवरस्पीड लगा रही जिंदगी पर ब्रेक, लखनऊ में 482 की मौत, कानपुर में टूट रहे सर्वाधिक ट्रैफिक नियम

Sun, 15 Jan 2023 12:02 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 15 Jan 2023 12:02 AM IST
सार

सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पर, यह सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सीमित है। न अफसरों की संजीदगी दिखती है, न ही लोग जागरुक हो रहे हैं। यही वजह है कि यातायात नियमों का उल्लंघन बढ़ता जा रहा है।

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Overspeed putting brakes on life, 482 killed in Lucknow, most traffic rules being broken in Kanpur
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सड़क हादसों पर लगाम नहीं लग रही है। ओवरस्पीड लोगों की जिंदगियों पर ब्रेक लगा रही है। परिवहन विभाग की ओर से ऐसे 20 जिलों के हादसों के आंकड़े जारी किए गए हैं, जहां पिछले तीन वर्षों में सर्वाधिक हादसे हुए हैं। इसमें लखनऊ में 482 मौतें हुई हैं, जबकि कानपुर 618 की संख्या के साथ टॉप पर है।

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सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पर, यह सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सीमित है। न अफसरों की संजीदगी दिखती है, न ही लोग जागरुक हो रहे हैं। यही वजह है कि यातायात नियमों का उल्लंघन बढ़ता जा रहा है। परिवहन विभाग ने उत्तर प्रदेश के ऐसे 20 जिलों के दुर्घटनाओं के आंकड़े जारी किए हैं, जिनमें पिछले तीन साल से सड़क हादसे कम होने का नाम नहीं ले रहे हैंण् इन जिलों में कानपुर टॉप पर है। प्रदेश के 75 जिलों में अकेले इन्हीं 20 जनपदों में मौतों का आंकड़ा 43 फीसद है। अफसर खुद मानते हैं कि नियमों का लोग मखौल उड़ा रहे हैं।
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नतीजतन उन्हें जान से हाथ धोना पड़ रहा है। सड़क हादसों में होने वाली मौतों का आंकड़ा घटने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। वर्ष 2022 के आंकड़ें देखें तो सिर्फ बीस जिलों में 9,011 लोग सड़क दुर्घटनाओं के शिकार हो गए हैं। इस सूची में कानपुर टॉप पर है, जहां 618 लोग हादसे के शिकार हुए। वहीं दूसरे व तीसरे नंबर पर आगरा व प्रयागराज हैं, जहां 560 एवं 550 मौतें हुई हैं। बुलंदशहर में 525, अलीगढ़ में 513, मथुरा में 512, लखनऊ में 482, उन्नाव में 480, हरदोई में 461, बरेली में 440, सीतापुर में 416, फतेहपुर में 412, गोरखपुर में 410, गौतमबुद्धनगर में 406, जौनपुर में 379, मेरठ में 374, बाराबंकी में 374, शाहजहांपुर में 370, गाजियाबाद में 369 और कुशीनगर में 361 लोग हादसे के शिकार हुए। लखनऊ सातवें नंबर पर है।
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नेशनल हाईवे पर सर्वाधिक हादसे
अधिकारियों ने बताया कि आंकड़ों पर गौर करने पर सर्वाधिक हादसे नेशनल हाईवे पर हो रही हैं। 39.9 फीसद लोगों की दुर्घटना नेशनल हाईवे पर हुई है। जबकि स्टेट हाईवे पर दुर्घटनाओं का प्रतिशत 30.4 रहा है। इसके अतिरिक्त अन्य सड़कों पर 28.5 फीसदी हादसे हुए हैं। एक्सप्रेस वे पर हादसों का ग्राफ  कम रहा है। यह महज 1.2 प्रतिशत रहा है।

ओवरस्पीड है मौतों की मुख्य वजह
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों के पीछे जो मुख्य वजहें सामने आ रही हैं, उसमें ओवरस्पीडिंग से 38.4 प्रतिशत लोगों की मौत हुई है। वहीं गलत दिशा से चलने पर 11.9 फीसद, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने पर 9.2 प्रतिशत, नशे में गाड़ी चलाने से 6.6 प्रतिशत, ट्रैफिक लाइट जम्पिंग में 1.7 प्रतिशत तथा अन्य कारणों से 32.3 प्रतिशत लोगों की जान गई।


परिवहन विभाग लगातार हादसों को रोकने के लिए प्रयास कर रहा है। इसकेलिए जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा भी कसा जा रहा है। दुर्घटनाओं में मौत के आंकड़े चिंताजनक हैं, जिन जिलों में ज्यादा मौतें हो रही हैं अब परिवहन विभाग उन्हीं जिलों पर सबसे ज्यादा फोकस करेगा।
- पुष्पसेन सत्यार्थी,  अपर परिवहन आयुक्त, सड़क सुरक्षा

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