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Lucknow News: ब्रेनडेड महिला के अंगदान से लखनऊ से दिल्ली तक तीन मरीजों को मिला नया जीवन
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लखनऊ। लखनऊ में मंगलवार के बाद बुधवार को भी ब्रेनडेड घायल से दान में मिले अंग से जरूरतमंद को नया जीवन मिला। मंगलवार को किंग जाॅर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में ब्रेनडेड युवक से दान में मिले अंग से एक व्यक्ति की जान बची थी। वहीं, बुधवार को ब्रेनडेड महिला के अंगदान से तीन जिंदगी बचाने में सफलता मिली।
एक सेवानिवृत्त जूनियर कमीशन अधिकारी (जेसीओ) की 60 वर्षीय पत्नी रायबरेली रोड पर हुई सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थीं। दुर्घटना के बाद उनको कमांड अस्पताल (मध्य कमान) में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों के बेहतरीन प्रयासों के बावजूद उन्हें ब्रेनडेड घोषित करना पड़ा। इसके बाद उनके पति ने अंगदान का फैसला किया। कमांड अस्पताल लखनऊ ने इस पर दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय से संपर्क किया। स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट सोसाइटी के संयुक्त निदेशक डाॅ. राजेश हर्षवर्धन से भी सहयोग लेने का निर्णय लिया गया। संजय गांधी पीजीआई के सहयोग से अंग निकालने से पहले, मेडिकल टीम ने दिवंगत आत्मा के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा।
लखनऊ में प्रत्यारोपित की गईं दोनों किडनी
महिला के शरीर से निकाली गईं दो किडनी में से एक किडनी लखनऊ के कमांड अस्पताल में एक मरीज को सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित की गई। दूसरी किडनी लखनऊ के एसजीपीजीआई में प्रत्यारोपित की गई। नारायण प्रसाद और प्रो. एमएस अंसारी के मार्गदर्शन में प्रत्यारोपण किया गया।
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दिल्ली में प्रत्यारोपित हुआ लिवर
महिला का लिवर निकालकर उसे भारतीय वायुसेना के एक विशेष विमान से आर्मी हॉस्पिटल नई दिल्ली पहुंचाया गया। वहां इसे दूसरे मरीज में प्रत्यारोपित किया गया। इस तरह से ब्रेनडेड महिला के अंगों से तीन लोगों को नया जीवन मिल सका। पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने इसके लिए पूरी टीम को बधाई दी है।
इनका रहा विशेष सहयोग
यह पूरा ऑपरेशन स्टेट ऑगर्न एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन-यूपी, कमांड अस्पताल (सीसी), एसजीपीजीआई, सैन्य पुलिस तथा उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से संभव हो सका।
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एक सेवानिवृत्त जूनियर कमीशन अधिकारी (जेसीओ) की 60 वर्षीय पत्नी रायबरेली रोड पर हुई सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थीं। दुर्घटना के बाद उनको कमांड अस्पताल (मध्य कमान) में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों के बेहतरीन प्रयासों के बावजूद उन्हें ब्रेनडेड घोषित करना पड़ा। इसके बाद उनके पति ने अंगदान का फैसला किया। कमांड अस्पताल लखनऊ ने इस पर दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय से संपर्क किया। स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट सोसाइटी के संयुक्त निदेशक डाॅ. राजेश हर्षवर्धन से भी सहयोग लेने का निर्णय लिया गया। संजय गांधी पीजीआई के सहयोग से अंग निकालने से पहले, मेडिकल टीम ने दिवंगत आत्मा के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा।
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लखनऊ में प्रत्यारोपित की गईं दोनों किडनी
महिला के शरीर से निकाली गईं दो किडनी में से एक किडनी लखनऊ के कमांड अस्पताल में एक मरीज को सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित की गई। दूसरी किडनी लखनऊ के एसजीपीजीआई में प्रत्यारोपित की गई। नारायण प्रसाद और प्रो. एमएस अंसारी के मार्गदर्शन में प्रत्यारोपण किया गया।
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दिल्ली में प्रत्यारोपित हुआ लिवर
महिला का लिवर निकालकर उसे भारतीय वायुसेना के एक विशेष विमान से आर्मी हॉस्पिटल नई दिल्ली पहुंचाया गया। वहां इसे दूसरे मरीज में प्रत्यारोपित किया गया। इस तरह से ब्रेनडेड महिला के अंगों से तीन लोगों को नया जीवन मिल सका। पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने इसके लिए पूरी टीम को बधाई दी है।
इनका रहा विशेष सहयोग
यह पूरा ऑपरेशन स्टेट ऑगर्न एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन-यूपी, कमांड अस्पताल (सीसी), एसजीपीजीआई, सैन्य पुलिस तथा उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से संभव हो सका।