खुशखबरी: बिना आईडी प्रूफ के भी खुलेगा बैंक खाता
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अगर आपके पास किसी भी तरह का कोई सरकारी दस्तावेज पहचान (आईडी) के लिए नहीं है, तो भी आपका बैंक खाता खोला जा सकता है।
मोदी सरकार की ओर से बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे देश के 7.5 करोड़ लोगों के बैंक खाता खोलने के अभियान को जोर देने के लिए रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यह पहल की है।
आरबीआई की इस पहल के तहत कोई भी व्यक्ति बैंक जाकर अपना स्व हस्ताक्षरित फोटो और बैंक अधिकारी के सामने हस्ताक्षर या अंगूठा लगाकर अपना खाता खुलवा सकता है।
हालांकि, खाते को चालू रखने के लिए खाताधारक को एक साल के अंदर अपनी पहचान के लिए सरकारी दस्तावेज पेश करना होगा। यदि वह ऐसा नहीं करता है, तो उसका खाता बंद किया जा सकेगा।
ये होगा आपका 'छोटा खाता'
आरबीआई की यह पहल खासतौर से असंगठित क्षेत्र के लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने में मदद करेगी।
अभी भी देश के एक बड़े हिस्से के पास आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, लाइसेंस, निवास स्थान प्रमाण पत्र आदि नहीं हैं जो कि बैंक खाता खोलने में जरूरी होता है।
रिजर्व बैंक ने बिना सरकारी दस्तावेज से खुलने वाले खातों पर कुछ सीमाएं भी लगाई हैं। इन खातों को ‘छोटा खाता’ कहा जाएगा।
इसके अलावा इन खातों के आधार पर साल में एक लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज नहीं दिया जा सकेगा। इसी तरह महीने में 10 हजार रुपये से ज्यादा की राशि नहीं निकाली जा सकेगी।
साथ ही किसी भी समय खाते में 50 हजार रुपये से ज्यादा की राशि नहीं रखी जा सकती है।
स्थायी निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी नहीं
आरबीआई ने यह भी कहा है कि बिना सरकारी दस्तावेज के खुलने वाले खाते 12 महीने तक वैध रहेंगे। इस अवधि में खाताधारक को पहचान के सरकारी दस्तावेज पेश करने होंगे। उसके बाद दस्तावेज न होने पर खाते को बंद कर दिया जाएगा।
ऐसे लोग जिनके पास आईडी प्रूफ है, लेकिन जहां वह रहते हैं, उसका प्रमाण पत्र नहीं है, तो वह लोग अपने गांव या जहां का उनके पास स्थायी निवास पत्र है, उसके जरिए भी अपना बैंक खाता खुलवा सकेंगे।
इसी तरह खाता ट्रांसफर करने के लिए अलग से केवाईसी की जरूरत नहीं रहेगी।
दूसरे चरण में आएगी आत्मनिर्भरता
चालू वित्तीय वर्ष में योजना के पहले चरण में 7.5 करोड़ बैंक खाता खोलने का लक्ष्य है। योजना का दूसरा चरण 15 अगस्त 2015 से 15 अगस्त 2018 तक चलेगा।
इसमें माइक्रो इंश्योरेंस के अलावा स्वालंबन योजना को भी शुरू किया जाना है। इसमें क्रेडिट गारंटी फंड से लोगों को जरूरी आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
खाता खुलवाने पर मिलेंगी ये सुविधाएं
- जीरो बैलेंस एकाउंट
- पैसों की सुरक्षा के साथ बेहतर ब्याज
- डेबिट कार्ड, एटीएम सुविधा
- दो लाख का दुर्घटना बीमा
- सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे बैंक खाते में
- छह महीने बाद 5,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा
लखनऊ में पहले खुलेंगे एक लाख खाते
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत पहले दिन लखनऊ में एक लाख तो पूरे प्रदेश में 15-16 लाख खाते खोले जाएंगे। इसकी तैयारी के लिए 25 अगस्त से शिविर का आयोजन शुरू कर दिया गया था।
बृस्पतिवार सवेरे 9 बजे से शाम पांच बजे तक विभिन्न बैंक शाखाओं में खाता खोलने केलिए 715 शिविर लगाए जाएंगे। अभियान से जुड़े बैंक अधिकारियों के मुताबिक, योजना में सरकार की कोशिश है कि हर घर में कम से कम दो बैंक खाते हों।
पहले यह मानक एक बैंक खाता-एक परिवार था। स्टेट लेवल बैंकिंग कमेटी (एसएलबीसी) की भूमिका में बैंक ऑफ बडौदा को ही इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैंक ऑफ बडौदा के अलावा एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, पीएनबी जैसी दूसरी संस्थाएं भी इससे जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री जन धन योजना में एचडीएफसी बैंक भी ग्राहकों का जीरो बैलेंस पर खाता खोल रही है।