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176 में सिर्फ एक कॉलेज कर पाया ई-कंटेंट में योगदान
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176 में सिर्फ एक कॉलेज का ई-कंटेंट में योगदान
लविवि के अतिरिक्त सिर्फ महाराजा बिजली पासी राजकीय महाविद्यालय ने दिखाई गंभीरता
उच्च शिक्षा के लिए ई-कंटेंट अपलोड करने में राजधानी के कॉलेज फेल साबित हुए हैं। कोविड-19 के दौर में पढ़ाई एक बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने केंद्रीकृत पोर्टल बनाया है। इस पर सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अपने ई-कंटेंट अपलोड करने हैं। लविवि ने इसमें अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन राजधानी के 176 में से एकमात्र महाराजा बिजली पासी राजकीय महाविद्यालय ने ही अपना योगदान दिया है। इसके भी महज पांच ई-कंटेंट ही पोर्टल पर अपलोड हैं।
कोविड-19 की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा ई-कंटेंट की जरूरत है। इसको देखते हुए प्रदेश स्तर पर सरकार ने एक पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल पर विवि के साथ ही कॉलेजों को भी ई-कंटेंट अपलोड करने को कहा गया है। ई-कंटेंट अपलोड करने के मामले में जहां लविवि प्रदेश में दूसरे स्थान पर है, वहीं यहां कॉलेजों का बुरा हाल है। यह हाल तब है जब कई कॉलेजों में 100 से ज्यादा शिक्षक हैं। लविवि ने कॉलेजों संग बैठक कर उन्हें ई-कंटेट अपलोड करने को कहा था, मगर इसका कोई सकारात्मक असर नजर नहीं आ रहा। ई-कंटेंट अपलोड करने के मामले में गाजीपुर का टेरी कॉलेज टॉप पर है। इसकी ओर से 128 ई-कंटेंट अपलोड किए गए हैं। अनुदानित और स्ववित्तपोषित कॉलेज सिर्फ नाममात्र के ही हैं।
लाइब्रेरी साइंस के हैं सबसे ज्यादा ई-कंटेंट
विषय वार ई-कंटेंट की बात करें तो लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस ने सभी को पीछे छोड़ दिया है। पोर्टल पर 2744 ई-कंटेंट के साथ यह पहले नंबर पर है। 1554 नंबर के साथ सोश्योलॉजी नंबर दो पर, 1475 कंटेंट के साथ टेक्निकल विषय नंबर 3 पर है। फिजिक्स के 1379, लॉ के 975, केमिस्ट्री के 887, मैनेजमेंट के 857, कॉमर्स के 703, स्किल के 622, कंप्यूटर साइंस के 601, मैथमेटिक्स के 555, बॉटनी के 494, बी फार्मा के 402, साइकोलॉजी के 378, एजुकेशन के 378 और इकोनॉमिक्स के 371 ई-कंटेंट पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
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दूसरे स्थान पर पहुंचा लविवि
ई-कंटेंट अपलोड करने के मामले में अभी तक लखनऊ विद्यालय पहले नंबर पर था। आगरा के भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने 5071 ई-कंटेंट अपलोड करके पहला स्थान हासिल कर लिया है। 4366 कंटेंट के साथ लविवि दूसरे नंबर पर आ गया है। तीसरे नंबर पर गलगोटिया विश्वविद्यालय है, इसके 3482 ई-कंटेंट पोर्टल पर उपलब्ध हैं। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 2149, दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के 1100, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 1027 ई-कंटेंट पोर्टल पर उपलब्ध हैं। अन्य विश्वविद्यालयों के ई-कंटेंट 1000 से कम हैं।
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लविवि के अतिरिक्त सिर्फ महाराजा बिजली पासी राजकीय महाविद्यालय ने दिखाई गंभीरता
उच्च शिक्षा के लिए ई-कंटेंट अपलोड करने में राजधानी के कॉलेज फेल साबित हुए हैं। कोविड-19 के दौर में पढ़ाई एक बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने केंद्रीकृत पोर्टल बनाया है। इस पर सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अपने ई-कंटेंट अपलोड करने हैं। लविवि ने इसमें अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन राजधानी के 176 में से एकमात्र महाराजा बिजली पासी राजकीय महाविद्यालय ने ही अपना योगदान दिया है। इसके भी महज पांच ई-कंटेंट ही पोर्टल पर अपलोड हैं।
कोविड-19 की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा ई-कंटेंट की जरूरत है। इसको देखते हुए प्रदेश स्तर पर सरकार ने एक पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल पर विवि के साथ ही कॉलेजों को भी ई-कंटेंट अपलोड करने को कहा गया है। ई-कंटेंट अपलोड करने के मामले में जहां लविवि प्रदेश में दूसरे स्थान पर है, वहीं यहां कॉलेजों का बुरा हाल है। यह हाल तब है जब कई कॉलेजों में 100 से ज्यादा शिक्षक हैं। लविवि ने कॉलेजों संग बैठक कर उन्हें ई-कंटेट अपलोड करने को कहा था, मगर इसका कोई सकारात्मक असर नजर नहीं आ रहा। ई-कंटेंट अपलोड करने के मामले में गाजीपुर का टेरी कॉलेज टॉप पर है। इसकी ओर से 128 ई-कंटेंट अपलोड किए गए हैं। अनुदानित और स्ववित्तपोषित कॉलेज सिर्फ नाममात्र के ही हैं।
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लाइब्रेरी साइंस के हैं सबसे ज्यादा ई-कंटेंट
विषय वार ई-कंटेंट की बात करें तो लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस ने सभी को पीछे छोड़ दिया है। पोर्टल पर 2744 ई-कंटेंट के साथ यह पहले नंबर पर है। 1554 नंबर के साथ सोश्योलॉजी नंबर दो पर, 1475 कंटेंट के साथ टेक्निकल विषय नंबर 3 पर है। फिजिक्स के 1379, लॉ के 975, केमिस्ट्री के 887, मैनेजमेंट के 857, कॉमर्स के 703, स्किल के 622, कंप्यूटर साइंस के 601, मैथमेटिक्स के 555, बॉटनी के 494, बी फार्मा के 402, साइकोलॉजी के 378, एजुकेशन के 378 और इकोनॉमिक्स के 371 ई-कंटेंट पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
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दूसरे स्थान पर पहुंचा लविवि
ई-कंटेंट अपलोड करने के मामले में अभी तक लखनऊ विद्यालय पहले नंबर पर था। आगरा के भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने 5071 ई-कंटेंट अपलोड करके पहला स्थान हासिल कर लिया है। 4366 कंटेंट के साथ लविवि दूसरे नंबर पर आ गया है। तीसरे नंबर पर गलगोटिया विश्वविद्यालय है, इसके 3482 ई-कंटेंट पोर्टल पर उपलब्ध हैं। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 2149, दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के 1100, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 1027 ई-कंटेंट पोर्टल पर उपलब्ध हैं। अन्य विश्वविद्यालयों के ई-कंटेंट 1000 से कम हैं।