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Lucknow News: राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलीटेक्निक में 365 विद्यार्थियों पर महज पांच प्रशिक्षक
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राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलीटेक्निक की वर्कशॉप का हाल। - संवाद
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जितेंद्र अवस्थी/रविशंकर गुप्ता
लखनऊ। जिस पॉलीटेक्निक में छात्रों को मशीनों और औजारों के जरिये हुनरमंद बनाया जाना है, वहीं प्रशिक्षकों का टोटा प्रैक्टिकल प्रशिक्षण पर भारी पड़ रहा है। समाज कल्याण विभाग से संचालित मोहान रोड स्थित राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलीटेक्निक में 365 छात्रों को कुशल बनाने की जिम्मेदारी सिर्फ पांच वर्कशॉप (कर्मशाला) प्रशिक्षकों पर है। प्रशिक्षकों के पांच पद लंबे समय से रिक्त हैं। इस तरह एक प्रशिक्षक के जिम्मे औसतन 73 छात्र हैं। यही प्रशिक्षक प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले प्रदेशभर के छात्रों को अलग-अलग शॉप्स (ट्रेड) में प्रशिक्षण देते हैं।
पॉलीटेक्निक में तकनीकी, सिविल और इलेक्ट्रिकल में तीन वर्षीय डिप्लोमा कराया जाता है। तकनीकी में प्रवक्ता के छह पद स्वीकृत हैं, जिनमें दो रिक्त हैं। नॉन टेक्निकल का भी एक पद खाली है। सिविल में विभागाध्यक्ष का पद रिक्त है, जबकि मैकेनिकल में भी प्रवक्ता की कमी है। कर्मशाला अधीक्षक का एकमात्र पद भी लंबे समय से खाली है। चतुर्थ श्रेणी के 10 से अधिक पद रिक्त हैं। हालांकि 10 कर्मचारी आउटसोर्सिंग के जरिए लगाए गए हैं। (संवाद)
10 शॉप लेकिन संसाधनों का टोटा
पॉलीटेक्निक की वर्कशॉप का भवन भी जर्जर हो चुका है। परिसर में कारपेंटरी, इलेक्ट्रिक, वेल्डिंग, फाउंड्री, स्मिथि समेत 10 शॉप्स हैं। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2:30 बजे सभी शॉप्स पर ताला लगा था। परिसर में मौजूद कर्मचारी ने बताया कि द्वितीय वर्ष के छात्रों को सुबह प्रैक्टिकल कराया गया था। वर्कशॉप की अधिकांश शॉप्स में संसाधनों की कमी है और छात्रों को जैसे-तैसे प्रैक्टिकल कराया जाता है। इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया अभी चल रही है। प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। बृहस्पतिवार दोपहर कुछ कक्षाओं में छात्र मौजूद थे। एनसीसी का शिविर भी चल रहा था मगर वर्कशॉप में सन्नाटा पसरा था।
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शॉप वार ग्रुप बनाकर दिया जाता है प्रशिक्षण
वर्कशॉप में प्रथम वर्ष के सभी और द्वितीय वर्ष में मैकेनिकल के छात्रों को ही प्रैक्टिकल कराया जाता है। प्रशिक्षक छात्रों के शॉप्स वार ग्रुप बनाकर उन्हें प्रशिक्षित करते हैं। प्रशिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। वर्कशॉप के भवन की हालत और संसाधनों की कमी के संबंध में पत्राचार किया गया है। - अंजू सिंह, प्रधानाचार्य राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलीटेक्निक
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कारपेंटरी शॉप : लकड़ी काटने, जोड़ने और फर्नीचर बनाने का अभ्यास।
इलेक्ट्रिक शॉप: हाउस वायरिंग, मोटर वाइंडिंग और इलेक्ट्रिकल सर्किट का काम।
वेल्डिंग शॉप: धातुओं को गैस या आर्क से जोड़ने की तकनीक।
फाउंड्री शॉप: पिघली धातु को सांचों में ढालकर पुर्जे बनाना।
स्मिथि शॉप: लोहे को गर्म करके पीटकर मनचाहा आकार देना (लोहारगिरी)।
फिटिंग शॉप: धातुओं को काटकर, रेती से घिसकर सटीक साइज में फिट करना।
मशीन शॉप: लेथ, मिलिंग और ड्रिलिंग मशीनों पर काम करना।
शीट मेटल शॉप: पतली मेटल शीट्स से बॉक्स, पाइप या फनल बनाना।
प्लंबिंग शॉप: पाइप फिटिंग, नल और पानी के कनेक्शन का काम।
पेंटिंग शॉप: तैयार सतहों पर रंग और कोटिंग करना।
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लखनऊ। जिस पॉलीटेक्निक में छात्रों को मशीनों और औजारों के जरिये हुनरमंद बनाया जाना है, वहीं प्रशिक्षकों का टोटा प्रैक्टिकल प्रशिक्षण पर भारी पड़ रहा है। समाज कल्याण विभाग से संचालित मोहान रोड स्थित राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलीटेक्निक में 365 छात्रों को कुशल बनाने की जिम्मेदारी सिर्फ पांच वर्कशॉप (कर्मशाला) प्रशिक्षकों पर है। प्रशिक्षकों के पांच पद लंबे समय से रिक्त हैं। इस तरह एक प्रशिक्षक के जिम्मे औसतन 73 छात्र हैं। यही प्रशिक्षक प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले प्रदेशभर के छात्रों को अलग-अलग शॉप्स (ट्रेड) में प्रशिक्षण देते हैं।
पॉलीटेक्निक में तकनीकी, सिविल और इलेक्ट्रिकल में तीन वर्षीय डिप्लोमा कराया जाता है। तकनीकी में प्रवक्ता के छह पद स्वीकृत हैं, जिनमें दो रिक्त हैं। नॉन टेक्निकल का भी एक पद खाली है। सिविल में विभागाध्यक्ष का पद रिक्त है, जबकि मैकेनिकल में भी प्रवक्ता की कमी है। कर्मशाला अधीक्षक का एकमात्र पद भी लंबे समय से खाली है। चतुर्थ श्रेणी के 10 से अधिक पद रिक्त हैं। हालांकि 10 कर्मचारी आउटसोर्सिंग के जरिए लगाए गए हैं। (संवाद)
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10 शॉप लेकिन संसाधनों का टोटा
पॉलीटेक्निक की वर्कशॉप का भवन भी जर्जर हो चुका है। परिसर में कारपेंटरी, इलेक्ट्रिक, वेल्डिंग, फाउंड्री, स्मिथि समेत 10 शॉप्स हैं। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2:30 बजे सभी शॉप्स पर ताला लगा था। परिसर में मौजूद कर्मचारी ने बताया कि द्वितीय वर्ष के छात्रों को सुबह प्रैक्टिकल कराया गया था। वर्कशॉप की अधिकांश शॉप्स में संसाधनों की कमी है और छात्रों को जैसे-तैसे प्रैक्टिकल कराया जाता है। इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया अभी चल रही है। प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। बृहस्पतिवार दोपहर कुछ कक्षाओं में छात्र मौजूद थे। एनसीसी का शिविर भी चल रहा था मगर वर्कशॉप में सन्नाटा पसरा था।
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शॉप वार ग्रुप बनाकर दिया जाता है प्रशिक्षण
वर्कशॉप में प्रथम वर्ष के सभी और द्वितीय वर्ष में मैकेनिकल के छात्रों को ही प्रैक्टिकल कराया जाता है। प्रशिक्षक छात्रों के शॉप्स वार ग्रुप बनाकर उन्हें प्रशिक्षित करते हैं। प्रशिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। वर्कशॉप के भवन की हालत और संसाधनों की कमी के संबंध में पत्राचार किया गया है। - अंजू सिंह, प्रधानाचार्य राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलीटेक्निक
कारपेंटरी शॉप : लकड़ी काटने, जोड़ने और फर्नीचर बनाने का अभ्यास।
इलेक्ट्रिक शॉप: हाउस वायरिंग, मोटर वाइंडिंग और इलेक्ट्रिकल सर्किट का काम।
वेल्डिंग शॉप: धातुओं को गैस या आर्क से जोड़ने की तकनीक।
फाउंड्री शॉप: पिघली धातु को सांचों में ढालकर पुर्जे बनाना।
स्मिथि शॉप: लोहे को गर्म करके पीटकर मनचाहा आकार देना (लोहारगिरी)।
फिटिंग शॉप: धातुओं को काटकर, रेती से घिसकर सटीक साइज में फिट करना।
मशीन शॉप: लेथ, मिलिंग और ड्रिलिंग मशीनों पर काम करना।
शीट मेटल शॉप: पतली मेटल शीट्स से बॉक्स, पाइप या फनल बनाना।
प्लंबिंग शॉप: पाइप फिटिंग, नल और पानी के कनेक्शन का काम।
पेंटिंग शॉप: तैयार सतहों पर रंग और कोटिंग करना।

राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलीटेक्निक की वर्कशॉप का हाल। - संवाद