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UP: आजाद समाज पार्टी को छोड़ अन्य छोटे दल हुए हवा हवाई, तमाम प्रयास के बाद भी नहीं बचा पाए जमानत
Wed, 05 Jun 2024 02:55 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 05 Jun 2024 02:55 PM IST
सार
यूपी में आजाद समाज पार्टी को छोड़कर सभी छोटे दल हवा हवाई साबित हुए। ये सभी दल तमाम कोशिश के बाद जमानत तक नहीं बचा सके। स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी भी बेअसर ही रही।
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आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद
- फोटो : amar ujala
विस्तार
लोकसभा चुनाव के दौरान एनडीए और इंडिया की लड़ाई में आजाद समाज पार्टी को छोड़ अन्य सभी छोटे दल हवा हवाई साबित हुए। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य सहित अन्य की स्थिति बेहद खराब रही। ज्यादातर प्रत्याशी जमानत भी नहीं बचा पाए।
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आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद बिजनौर से पहली बार मैदान में उतरे और सफल रहे। उन्होंने पांच लाख से अधिक मत हासिल किया। यहां भाजपा दूसरे और सपा तीसरे स्थान पर रही। दूसरी तरफ रामचरितमानस के छंदों पर टिप्पणी और संविधान को खतरे में बताने वाले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने चुनाव से ठीक पहले सपा का साथ छोड़ दिया।
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उन्होंने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी बनाई और कुशीनगर से खुद मैदान में उतरे। यहां वे 30 हजार का आंकड़ा भी नहीं पार कर पाए। उन्होंने अन्य सीटों पर भी उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया था लेकिन ऐन मौके पर फैसला वापस ले लिया। सपा विधायक पल्लवी पटेल ने पीडीएम न्याय मोर्चा का एलान कर दिया। उनके साथ एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी रहे।
पीडीएम न्याय मोर्चा ने कन्नौज, लखनऊ, वाराणसी सहित 23 सीट पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन ज्यादातर 20 हजार से नीचे ही सिमट गए। महान दल चुनाव मैदान में नहीं है। दल के अध्यक्ष केशवदेव मौर्य ने पहले सपा और फिर भाजपा का समर्थन किया। राष्ट्रीय जनवादी पार्टी पहले सपा के साथ थी।
सपा से टिकट नहीं मिलने पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय चौहान को घोसी से मैदान में उतरने का उतरने का ऐलान किया। आठ अन्य सीटों पर भी प्रत्याशी उतार दिए लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नामांकन के दिन वह एनडीए के साथ हो लिए। लोकदल ने इंडिया गठबंधन का साथ दिया। वे मथुरा सहित दो सीटों पर चुनाव लड़ना चाह रहे थे, लेकिन टिकट नहीं मिला।