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निजी स्कूलों ने जारी की एसओपी, बकाया फीस जमा करने पर ही छात्रों को मिलेगी ऑफलाइन क्लास में एंट्री
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मुख्यमंत्री की ओर से कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑफलाइन तरीके से कराने के आदेश के बाद निजी स्कूलों के संगठन ने स्कूल चलाने के लिए एसओपी जारी कर दी है।
इसमें तीन घंटे की कक्षाएं लगेंगी। 14 दिन के ट्रायल के बाद नियमित कक्षाएं चलाने का प्रस्ताव है। हालांकि, जिन छात्रों की फीस बकाया है, उन्हें इसे जमा करने के बाद ही क्लास में बैठने दिया जाएगा।
वहीं, ऑफलाइन क्लास में पढ़ने के लिए अभिभावक की सहमति भी अनिवार्य है। उधर, निजी स्कूल आठ फरवरी से जूनियर कक्षाओं की ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं।
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एसओपी के अनुसार सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक जूनियर कक्षाएं एक शिफ्ट में चलाई जाएंगी। अभिभावक की सहमति के बाद फीस जमा करने वाले छात्र कक्षा में बैठ सकेंगे।
कक्षाएं तीन घंटे की ही चलेंगी, इसलिए लंच ब्रेक नहीं होगा। संगठन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि स्कूलों की ओर से अभिभावकों को सहमति के लिए पत्र व दिशा-निर्देश भेजे जा रहे हैं।
वहीं, छात्र बिना मास्क के स्कूल नहीं आएंगे। प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग होगी और उन्हें सैनिटाइज किया जाएगा। पढ़ाई के दौरान स्कूल कोविड प्रोटोकॉल के वही नियम अपनाएंगे जो कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए हैं।
एसओपी में शामिल प्रस्ताव
- एक क्लासरूम में अधिकतम 20 छात्र ही बैठेेंगे। कक्षा को दो सेक्शन में विभाजित किया जाएगा।
- कक्षाएं लगातार चलेंगी। बीच में कोई ब्रेक नहीं दिया जाएगा।
- पढ़ाई शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद क्लास, हॉल, परिसर आदि को सैनिटाइज किया जाएगा।
- एक साथ न तो छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा और न ही वे एक साथ बाहर आएंगे। सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
- सुबह की असेंबली नहीं होगी। छात्र गेट से सीधे हॉल व क्लास में जाएंगे। कक्षा में बुक, कॉपी आदि किसी भी तरह की शेयरिंग नहीं की जाएगी।
- छात्रों को अपने साथ सैनिटाइजर की छोटी बोतल लानी होगी। वे पानी की बोतल भी साथ लाएंगे।
- निजी वाहनों की जिम्मेदारी स्कूलों की नहीं होगी। जहां जरूरत होगी वहां छात्रों को स्कूल की ओर से ट्रांसपोर्ट मुहैया कराने पर विचार किया जाएगा।
...तो अगले चरण में एक से पांच तक की कक्षाएं शुरू होंगी
जूनियर की कक्षाएं शुरू होने के बाद बाकी कक्षाएं भी चरणबद्ध तरीके से ऑफलाइन तरीके में शुरू करने की तैयारी है। संगठन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि इसका प्रस्ताव शासन को दिया गया है। कक्षा 6 से 8 तक के सफल ट्रायल के बाद अगले चरण में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू होंगी। इसके बाद प्री-स्कूल खोले जाने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि संगठन के बैनर तले सभी निजी स्कूलों ने स्कूल खोले जाने का आदेश दिए जाने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
परिषदीय विद्यालयों में भी पढ़ाई शुरू करने की तैयारी
बेसिक के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी कक्षाओं में पढ़ाई शुरू करने की तैयारी हो रही है। बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि परिषदीय स्कूल एक जुलाई से लगातार खुले हैं। शिक्षक जाते हैं। ऐसे में साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन का काम हो चुका है। शिक्षक छात्रों के संपर्क में हैं। सभी शिक्षकों को पढ़ाने का मैटीरियल भी उपलब्ध करा दिया गया है। फिलहाल शासन की एसओपी का इंतजार है।
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इसमें तीन घंटे की कक्षाएं लगेंगी। 14 दिन के ट्रायल के बाद नियमित कक्षाएं चलाने का प्रस्ताव है। हालांकि, जिन छात्रों की फीस बकाया है, उन्हें इसे जमा करने के बाद ही क्लास में बैठने दिया जाएगा।
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वहीं, ऑफलाइन क्लास में पढ़ने के लिए अभिभावक की सहमति भी अनिवार्य है। उधर, निजी स्कूल आठ फरवरी से जूनियर कक्षाओं की ऑफलाइन पढ़ाई शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं।
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एसओपी के अनुसार सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक जूनियर कक्षाएं एक शिफ्ट में चलाई जाएंगी। अभिभावक की सहमति के बाद फीस जमा करने वाले छात्र कक्षा में बैठ सकेंगे।
कक्षाएं तीन घंटे की ही चलेंगी, इसलिए लंच ब्रेक नहीं होगा। संगठन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि स्कूलों की ओर से अभिभावकों को सहमति के लिए पत्र व दिशा-निर्देश भेजे जा रहे हैं।
वहीं, छात्र बिना मास्क के स्कूल नहीं आएंगे। प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग होगी और उन्हें सैनिटाइज किया जाएगा। पढ़ाई के दौरान स्कूल कोविड प्रोटोकॉल के वही नियम अपनाएंगे जो कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए हैं।
एसओपी में शामिल प्रस्ताव
- एक क्लासरूम में अधिकतम 20 छात्र ही बैठेेंगे। कक्षा को दो सेक्शन में विभाजित किया जाएगा।
- कक्षाएं लगातार चलेंगी। बीच में कोई ब्रेक नहीं दिया जाएगा।
- पढ़ाई शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद क्लास, हॉल, परिसर आदि को सैनिटाइज किया जाएगा।
- एक साथ न तो छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा और न ही वे एक साथ बाहर आएंगे। सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
- सुबह की असेंबली नहीं होगी। छात्र गेट से सीधे हॉल व क्लास में जाएंगे। कक्षा में बुक, कॉपी आदि किसी भी तरह की शेयरिंग नहीं की जाएगी।
- छात्रों को अपने साथ सैनिटाइजर की छोटी बोतल लानी होगी। वे पानी की बोतल भी साथ लाएंगे।
- निजी वाहनों की जिम्मेदारी स्कूलों की नहीं होगी। जहां जरूरत होगी वहां छात्रों को स्कूल की ओर से ट्रांसपोर्ट मुहैया कराने पर विचार किया जाएगा।
...तो अगले चरण में एक से पांच तक की कक्षाएं शुरू होंगी
जूनियर की कक्षाएं शुरू होने के बाद बाकी कक्षाएं भी चरणबद्ध तरीके से ऑफलाइन तरीके में शुरू करने की तैयारी है। संगठन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि इसका प्रस्ताव शासन को दिया गया है। कक्षा 6 से 8 तक के सफल ट्रायल के बाद अगले चरण में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू होंगी। इसके बाद प्री-स्कूल खोले जाने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि संगठन के बैनर तले सभी निजी स्कूलों ने स्कूल खोले जाने का आदेश दिए जाने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
परिषदीय विद्यालयों में भी पढ़ाई शुरू करने की तैयारी
बेसिक के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी कक्षाओं में पढ़ाई शुरू करने की तैयारी हो रही है। बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि परिषदीय स्कूल एक जुलाई से लगातार खुले हैं। शिक्षक जाते हैं। ऐसे में साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन का काम हो चुका है। शिक्षक छात्रों के संपर्क में हैं। सभी शिक्षकों को पढ़ाने का मैटीरियल भी उपलब्ध करा दिया गया है। फिलहाल शासन की एसओपी का इंतजार है।