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सात जिलों के मरीजों का केजीएमयू से होगा ऑनलाइन इलाज

Wed, 27 Feb 2019 01:04 AM IST
सौरभ दिक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: सौरभ दिक्षित Updated Wed, 27 Feb 2019 01:04 AM IST
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online treatment from kgmu to patient of 7 district
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केजीएमयू में मरीजों की भीड़ कम करने को नई रणनीति बनाई गई है। इसके तहत ट्रॉमा सेंटर में टेली मेडिसिन सेंटर खोला गया है, जो 24 घंटे काम करेगा। पहले चरण में इससे एक्यूट इंसेफेलाइटिस एवं जापानीज इंसेफेे लाइटिस (से प्रभावित सात जिलों एवं लखनऊ जेल को जोड़ा जा रहा है। पांच मार्च से इसकी शुरुआत की तैयारी है।
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केजीएमयू में विभिन्न जिलों के करीब छह से आठ हजार मरीज रोजाना आते हैं। इससे यहां की व्यवस्थाएं तार-तार हो जाती हैं। पिछले दिनों हॉस्पिटल एडवाइजरी कमेटी ने भी यह मुद्दा उठाया था। इसमें निर्धारित संख्या में मरीजों का पंजीयन करने का सुझाव दिया गया था।
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कमेटी ने मरीजों की पंजीयन संख्या तय करने के बजाय विभागाध्यक्षों को स्वविवेक से निर्णय लेने को कहा है। ऐसे में टेली मेडिसिन का विकल्प बढ़ाने की रणनीति अपनाई गई है।
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इन जिलों में शुरू होगा
ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर हेल्थ रडार सेंटर बनाया गया है। पहले चरण में बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर एवं महराजगंज जिले को इससे जोड़ा गया है। इनके जिला चिकित्सालयों में भी टेलीमेडिसिन केंद्र बनाया गया है। ऐसे में जिला अस्पताल में आने वाले मरीज के बारे में वहां के चिकित्सक केजीएमयू के टेली मेडिसिन केंद्र में कॉल कर यहां के डॉक्टर से इलाज संबंधी परामर्श ले सकेंगे। यदि मरीज को केजीएमयू के ट्रॉमा सेटंर ले आने की जरूरत पड़ती है तो उसके वहां से रवाना होते ही यहां व्यवस्थाएं मुकम्मल कर ली जाएंगी। इससे बेड खाली न होने, स्ट्रेचर पर मरीज के पड़े रहने की समस्या खत्म हो जाएगी।

लखनऊ जिला जेल में भी होगी व्यवस्था
लखनऊ जेल से प्रतिदिन मरीज केजीएमयू आते हैं। ऐसे में प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था लगानी पड़ती है। जेल के मरीजों के आने से यहां की व्यवस्था भी प्रभावित होती है। ऐसे में जिला जेल में भी टेली मेडिसिन का केंद्र बनाया गया है। जेल के चिकित्सक किसी भी आपात स्थिति में केजीएमयू के टेलीमेडिसिन केंद्र पर कॉल कर इलाज संबंधी परामर्श ले सकेंगे।


भविष्य में और जिले भी जुड़ेंगे
सेंटर संयोजक डॉ. शीतल वर्मा ने बताया कि हेल्थ रडार सेंटर से मरीजों को त्वरित इलाज मिलेगा। इससे जुड़े जिलों के चिकित्सक ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सक से परामर्श ले सकेंगे। इसकी टेस्टिंग कर ली गई है। सेंटर चालू होने से सातों जिले के मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा। वहां मृत्यु दर रुकेगी। केजीएमयू पर मरीजों का दबाव कम होगा। भविष्य में इसे अन्य जिलों के अस्पतालों से भी जोड़ने की योजना है।

 
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