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लखनऊ में अप्रैल से बंद लाइसेंसिंग का ऑनलाइन सिस्टम शुरू, जारी होंगे लाइसेंस
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अब होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, नर्सिंग होम, पैैथोलॉजी, शराब-बीयर की दुकान व मॉडल शॉप के लाइसेंस जारी हो सकेंगे। करीब तीन महीने से बंद सरकारी ऑनलाइन सुविधा अब शुरू हो गई है।
जिससे करीब चार हजार प्रतिष्ठान वालों को सुविधा मिलेगी जो अब तक बिना लाइसेंस काम कर रहे थे।
नगर निगम सीमा में होटल, रेस्टोरेंट, अस्तपाल, नर्सिंग होम, पैैथालॉजी, शराब-बीयर की दुकानों का संचालन करने के लिए नगर निगम से भी लाइसेंस लेना आवश्यक है।
एक साल के लिए जारी किए जाने वाले लाइसेंस की व्यवस्था एक साल से बदल गई। करीब साल भर पहले शासन ने लाइसेंस जारी करने की मैनुअल व्यवस्था को बंद कर ऑनलाइन सिस्टम लागू किया है, मगर इस साल जब अप्रैल से नए लाइसेंस बनने थे जो ऑनलाइन सिस्टम ही ठप हो गया।
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जिसको लेकर नगर निगम की ओर से कई बार एनआईसी को लिखा गया। अमर उजाला ने भी इस मामले को लेकर समाचार प्रकाशित किए। शुक्रवार शाम से ऑनलाइन सिस्टम काम करने लगा है।
पूरी तरह ऑनलाइन है सिस्टम
लाइसेसिंग विभाग की कर्मचारी लक्ष्मी ने बताया कि लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। आवेदन ऑनलाइन आता है। उसकी जांच कर उसी पर रिपोर्ट लगाई जाती है। उसके बाद आवेदक ऑनलाइन ई-बैंकिंग या ई-चालान के जरिए फीस जमा करेगा। लाइसेंस भी ऑनलाइन ही जारी किया जाता है।
ऑनलाइन सिस्टम अब चालू
ऑनलाइन सिस्टम अब चालू हो गया है। उसको लेकर एनआईसी को पत्र भी लिखे गए थे। लाइसेंस ऑनलाइन ही बनाए जाते हैं। अब तक यह काम नहीं हो पा रहा था।
- अमित कुमार, अपर नगर आयुक्त
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जिससे करीब चार हजार प्रतिष्ठान वालों को सुविधा मिलेगी जो अब तक बिना लाइसेंस काम कर रहे थे।
नगर निगम सीमा में होटल, रेस्टोरेंट, अस्तपाल, नर्सिंग होम, पैैथालॉजी, शराब-बीयर की दुकानों का संचालन करने के लिए नगर निगम से भी लाइसेंस लेना आवश्यक है।
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एक साल के लिए जारी किए जाने वाले लाइसेंस की व्यवस्था एक साल से बदल गई। करीब साल भर पहले शासन ने लाइसेंस जारी करने की मैनुअल व्यवस्था को बंद कर ऑनलाइन सिस्टम लागू किया है, मगर इस साल जब अप्रैल से नए लाइसेंस बनने थे जो ऑनलाइन सिस्टम ही ठप हो गया।
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जिसको लेकर नगर निगम की ओर से कई बार एनआईसी को लिखा गया। अमर उजाला ने भी इस मामले को लेकर समाचार प्रकाशित किए। शुक्रवार शाम से ऑनलाइन सिस्टम काम करने लगा है।
पूरी तरह ऑनलाइन है सिस्टम
लाइसेसिंग विभाग की कर्मचारी लक्ष्मी ने बताया कि लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। आवेदन ऑनलाइन आता है। उसकी जांच कर उसी पर रिपोर्ट लगाई जाती है। उसके बाद आवेदक ऑनलाइन ई-बैंकिंग या ई-चालान के जरिए फीस जमा करेगा। लाइसेंस भी ऑनलाइन ही जारी किया जाता है।
ऑनलाइन सिस्टम अब चालू
ऑनलाइन सिस्टम अब चालू हो गया है। उसको लेकर एनआईसी को पत्र भी लिखे गए थे। लाइसेंस ऑनलाइन ही बनाए जाते हैं। अब तक यह काम नहीं हो पा रहा था।
- अमित कुमार, अपर नगर आयुक्त