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तृतीय वर्ष के विद्यार्थी भी कराएंगे ऑनलाइन काउंसलिंग
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लविवि के तृतीय वर्ष के छात्र ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए 5 तक करें आवेदन
लखनऊ विश्वविद्यालय ने इसी सत्र से स्नातक तृतीय वर्ष में दाखिले के लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन काउंसलिंग का मौका दिया है। बीए, बीएससी और बीकॉम में द्वितीय वर्ष की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को इसके लिए विवि की वेबसाइट पर जाकर पांच जुलाई तक विषय के लिए अपने विकल्प देने हैं। इसके बाद ऑनलाइन सत्यापन के लिए उन्हें अपने प्रमाणपत्र डीन कार्यालय में जमा करने होंगे। सत्यापन के बाद 7 से 25 जुलाई के बीच विद्यार्थियों को ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी।
लविवि में स्नातक तृतीय वर्ष में विद्यार्थियों को बीए और बीएससी में तीन के बजाय दो-दो विषय लेने होते हैं। इसलिए उन्हें इन विषयों का विकल्प देना होता है। जबकि बीकॉम के विद्यार्थियों को दो वैकल्पिक विषय में एक का चयन करना होता है। विवि ने यूडीआरसी पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों को यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध करा दी है। अब उन्हें ऑनलाइन विकल्प भरने के बाद इसका प्रिंट आउट अपनी अंकतालिका और प्रमाणपत्र स्वप्रमाणित करने के बाद संबंधित डीन कार्यालय में जमा करने होंगे। प्रमाणपत्र सही होने पर वे लिंक पर जाकर अपनी फीस जमा कर पाएंगे।
प्रमाणपत्र जमा करके ही फीस जमा कर पाएंगे सेमेस्टर के विद्यार्थी
विवि ने सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए भी काउंसलिंग के निर्देश जारी किए हैं। स्नातक के विद्यार्थियों को अपनी अंकतालिकाओं की फोटोकॉपी तथा परिचय पत्र की कॉपी संबंधित संकायाध्यक्ष, पीजी कक्षाओं के विद्यार्थियों को विभागाध्यक्ष तथा इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों को अपने संस्थान में जमा करने होंगे। इसके बाद वे भी सात से 25 जुलाई के बीच अपनी फीस जमा कर पाएंगे।
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फीस 50 हजार रुपये से अधिक तो देना होगा डीडी
लविवि यूडीआरसी निदेशक प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया कि फीस जमा करते समय विद्यार्थी सिर्फ एक ही कार्ड का उपयोग कर पाएंगे। इसलिए उन्हें बैंक खाते में फीस के बराबर धनराशि रखनी होगी। फीस की राशि 50 हजार रुपये से ज्यादा होने पर विद्यार्थियों को इसका भुगतान डिमांड ड्राफ्ट बनाकर करना होगा। यह डिमांड ड्राफ्ट लखनऊ विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक के नाम बना होना चाहिए।
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लखनऊ विश्वविद्यालय ने इसी सत्र से स्नातक तृतीय वर्ष में दाखिले के लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन काउंसलिंग का मौका दिया है। बीए, बीएससी और बीकॉम में द्वितीय वर्ष की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को इसके लिए विवि की वेबसाइट पर जाकर पांच जुलाई तक विषय के लिए अपने विकल्प देने हैं। इसके बाद ऑनलाइन सत्यापन के लिए उन्हें अपने प्रमाणपत्र डीन कार्यालय में जमा करने होंगे। सत्यापन के बाद 7 से 25 जुलाई के बीच विद्यार्थियों को ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी।
लविवि में स्नातक तृतीय वर्ष में विद्यार्थियों को बीए और बीएससी में तीन के बजाय दो-दो विषय लेने होते हैं। इसलिए उन्हें इन विषयों का विकल्प देना होता है। जबकि बीकॉम के विद्यार्थियों को दो वैकल्पिक विषय में एक का चयन करना होता है। विवि ने यूडीआरसी पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों को यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध करा दी है। अब उन्हें ऑनलाइन विकल्प भरने के बाद इसका प्रिंट आउट अपनी अंकतालिका और प्रमाणपत्र स्वप्रमाणित करने के बाद संबंधित डीन कार्यालय में जमा करने होंगे। प्रमाणपत्र सही होने पर वे लिंक पर जाकर अपनी फीस जमा कर पाएंगे।
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प्रमाणपत्र जमा करके ही फीस जमा कर पाएंगे सेमेस्टर के विद्यार्थी
विवि ने सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए भी काउंसलिंग के निर्देश जारी किए हैं। स्नातक के विद्यार्थियों को अपनी अंकतालिकाओं की फोटोकॉपी तथा परिचय पत्र की कॉपी संबंधित संकायाध्यक्ष, पीजी कक्षाओं के विद्यार्थियों को विभागाध्यक्ष तथा इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों को अपने संस्थान में जमा करने होंगे। इसके बाद वे भी सात से 25 जुलाई के बीच अपनी फीस जमा कर पाएंगे।
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फीस 50 हजार रुपये से अधिक तो देना होगा डीडी
लविवि यूडीआरसी निदेशक प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया कि फीस जमा करते समय विद्यार्थी सिर्फ एक ही कार्ड का उपयोग कर पाएंगे। इसलिए उन्हें बैंक खाते में फीस के बराबर धनराशि रखनी होगी। फीस की राशि 50 हजार रुपये से ज्यादा होने पर विद्यार्थियों को इसका भुगतान डिमांड ड्राफ्ट बनाकर करना होगा। यह डिमांड ड्राफ्ट लखनऊ विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक के नाम बना होना चाहिए।