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ओएलएक्स पर स्कूटी व कंप्यूटर की खरीद-फरोख्त का झांसा देकर ठगी
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ओएलएक्स पर स्कूटी व कंप्यूटर की खरीद-फरोख्त का झांसा देकर ठगी
आशियाना की एलडीए कॉलोनी निवासी राजपूत सिंह और गोमतीनगर के गोपाल बरनवाल ने ओएलएक्स पर स्कूटी व कंप्यूटर की खरीद-फरोख्त के नाम पर ठगी का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
राजपूत सिंह ने बताया कि 29 जून को ओएलएक्स पर विक्रम पटेल की तरफ से स्कूटी बेचने का विज्ञापन देखकर उसने दिए गए मोबाइल नंबर पर बातचीत की।
ठग विक्रम ने खुद को सैन्यकर्मी बताते हुए कहा कि उसका ट्रांसफर हो गया है इसलिए स्कूटी बेच रहा है। बातचीत में 35 हजार रुपये में स्कूटी का सौदा तय हो गया।
ठग ने अपना पेटीएम खाता देते हुए 15150 रुपये जमा करने को कहा। शेष रकम 19850 रुपये स्कूटी की डिलीवरी होने पर देने की बात कही।
रुपया भेजने पर उसने 30 जून की शाम तक स्कूटी की डिलीवरी का आश्वासन दिया। हालांकि, स्कूटी नहीं मिली। राजपूत सिंह ने ठग विक्रम के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो उसने स्कूटी देने से मना करते हुए गाली-गलौज की।
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राजपूत ने स्कूटी के नंबर की पड़ताल कराई तो वह मयंक नाम के व्यक्ति की निकली। इसी तरह गोमतीनगर के विकासखंड निवासी गोपाल बरनवाल ने ओएलएक्स पर कंप्यूटर बेचने का विज्ञापन दिया था।
बुधवार को ठग ने गोपाल को कॉल करके कंप्यूटर खरीदने के बाबत बातचीत की। सौदा तय होने के बाद ठग ने फोन पे से रुपया ट्रांसफर करने को कहा।
गोपाल फोन पे इस्तेमाल नहीं करता था इसलिए उसने अपनी दोस्त दिव्या पांडेय का नंबर दिया। ठग ने दिव्या को रुपया भेजने के नाम पर उसके खाते से 6200 रुपये उड़ा दिए। पीड़ित ने केस दर्ज करा दिया है।
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आशियाना की एलडीए कॉलोनी निवासी राजपूत सिंह और गोमतीनगर के गोपाल बरनवाल ने ओएलएक्स पर स्कूटी व कंप्यूटर की खरीद-फरोख्त के नाम पर ठगी का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
राजपूत सिंह ने बताया कि 29 जून को ओएलएक्स पर विक्रम पटेल की तरफ से स्कूटी बेचने का विज्ञापन देखकर उसने दिए गए मोबाइल नंबर पर बातचीत की।
ठग विक्रम ने खुद को सैन्यकर्मी बताते हुए कहा कि उसका ट्रांसफर हो गया है इसलिए स्कूटी बेच रहा है। बातचीत में 35 हजार रुपये में स्कूटी का सौदा तय हो गया।
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ठग ने अपना पेटीएम खाता देते हुए 15150 रुपये जमा करने को कहा। शेष रकम 19850 रुपये स्कूटी की डिलीवरी होने पर देने की बात कही।
रुपया भेजने पर उसने 30 जून की शाम तक स्कूटी की डिलीवरी का आश्वासन दिया। हालांकि, स्कूटी नहीं मिली। राजपूत सिंह ने ठग विक्रम के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो उसने स्कूटी देने से मना करते हुए गाली-गलौज की।
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राजपूत ने स्कूटी के नंबर की पड़ताल कराई तो वह मयंक नाम के व्यक्ति की निकली। इसी तरह गोमतीनगर के विकासखंड निवासी गोपाल बरनवाल ने ओएलएक्स पर कंप्यूटर बेचने का विज्ञापन दिया था।
बुधवार को ठग ने गोपाल को कॉल करके कंप्यूटर खरीदने के बाबत बातचीत की। सौदा तय होने के बाद ठग ने फोन पे से रुपया ट्रांसफर करने को कहा।
गोपाल फोन पे इस्तेमाल नहीं करता था इसलिए उसने अपनी दोस्त दिव्या पांडेय का नंबर दिया। ठग ने दिव्या को रुपया भेजने के नाम पर उसके खाते से 6200 रुपये उड़ा दिए। पीड़ित ने केस दर्ज करा दिया है।