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अनियमितताओं पर मंडी परिषद के एक संयुक्त व दो उप निदेशक निलंबित
Fri, 19 Feb 2021 08:43 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 19 Feb 2021 08:43 AM IST
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वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में मंडी परिषद के एक संयुक्त निदेशक व दो उप निदेशकों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इनके निलंबन के साथ ही तीन अन्य उप निदेशकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने परिषद के अतिरिक्त निदेशक को अनियमितताओं के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने यह आदेश बृहस्पतिवार को मंडी परिषद के फैसलों की समीक्षा करते हुए दिया। दोषियों के खिलाफ जल्द आरोप पत्र जारी किया जाएगा। जिन्हें निलंबित किया गया है उनमें बरेली के संयुक्त निदेशक (निर्माण) गोपाल शंकर, वाराणसी के उप निदेशक (निर्माण) राम नरेश व आजमगढ़ के उप निदेशक (निर्माण) हरि राम शामिल हैं। वहीं लखनऊ में तैनात उप निदेशक अशोक कुमार, अलीगढ़ के उप निदेशक नरेंद्र मलिक व कानपुर के उप निदेशक अतर सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
निर्धारित दर से ज्यादा पर खरीद
जानकारी के अनुसार गोपाल शंकर पर 2007-14 के बीच उप निदेशक (निर्माण) के पद पर आगरा में तैनाती के दौरान बिना प्रचार-प्रसार के स्थानीय बाजार से मात्र कोटेशन के आधार तथा अधिक दर पर सीमेंट खरीद कर 32,47,500 रुपये की क्षति पहुंचाने का आरोप है। बुंदेलखंड पैकेज के कार्यों में स्टील मद की दरें के निर्धारण करने के लिए गठित समिति के सदस्य के रूप में अधिक दरों की संस्तुति व निदेशक की स्वीकृति के बाद खुद के हस्ताक्षर से जारी आदेश द्वारा बढ़ी हुई दरें प्रसारित करने तथा वाराणसी मंडी के कार्यों के शिथिल पर्यवेक्षण के लिए उन्हें निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मार्गों के निर्माण में खेल
हरी राम पर निर्माण खंड अयोध्या में तैनाती के दौरान मंडी समिति अकबरपुर क्षेत्र के पांच संपर्क मार्गों की मरम्मत का कार्य बिना टेंडर स्वीकृत हुए स्वयं के स्तर से ठेकेदार का चयन, दो संपर्क मार्गों के मरम्मत की निविदा लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जाने के बाद भी उन्हें मंडी परिषद की कार्य योजना में शामिल करके उनकी निविदा निकालने तथा एक मार्ग के मरम्मत की आवश्यकता न होते हुए भी उसकी निविदा जारी करने, निर्माण खंड बहराइच के कार्यकाल में टेंडर प्रक्रिया, ठेकेदारों के पंजीकरण तथा अन्य विभागीय कार्यों में भ्रष्टाचार व मनमानी किए जाने, बिना मुख्यालय से धन आवंटित हुए ठेकेदारों का भुगतान करने की गंभीर वित्तीय अनियमितता समेत अन्य आरोप हैं।
निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी
राम नरेश पर निर्माण खंड गोंडा में तैनाती के दौरान नवीन मंडी स्थल करनैलगंज के निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति, खराब गुणवत्ता, नवीन मंडी स्थल बलरामपुर में एनजीटी के मानकों का पालन न करने, निम्न स्तरीय निर्माण कार्य, नवीन मंडी स्थल गोंडा में निर्माण कार्य मानक एवं विशिष्टियों के अनुरूप न कराने, पद एवं अधिकारों का दुरुपयोग कर अनुबंधित ठेकेदार को मंडी परिषद से अवमुक्त की गई राशि के सापेक्ष अधिक भुगतान तथा गड्ढा मुक्तिकरण योजना से संबंधित संपर्क मार्गों के संबंध में जिलाधिकारी गोंडा एवं बलरामपुर द्वारा अनुमोदित राशि से अधिक भुगतान, उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन न करने समेत अन्य अनियमितताओं के आरोप हैं।
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मुख्यमंत्री ने यह आदेश बृहस्पतिवार को मंडी परिषद के फैसलों की समीक्षा करते हुए दिया। दोषियों के खिलाफ जल्द आरोप पत्र जारी किया जाएगा। जिन्हें निलंबित किया गया है उनमें बरेली के संयुक्त निदेशक (निर्माण) गोपाल शंकर, वाराणसी के उप निदेशक (निर्माण) राम नरेश व आजमगढ़ के उप निदेशक (निर्माण) हरि राम शामिल हैं। वहीं लखनऊ में तैनात उप निदेशक अशोक कुमार, अलीगढ़ के उप निदेशक नरेंद्र मलिक व कानपुर के उप निदेशक अतर सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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जानकारी के अनुसार गोपाल शंकर पर 2007-14 के बीच उप निदेशक (निर्माण) के पद पर आगरा में तैनाती के दौरान बिना प्रचार-प्रसार के स्थानीय बाजार से मात्र कोटेशन के आधार तथा अधिक दर पर सीमेंट खरीद कर 32,47,500 रुपये की क्षति पहुंचाने का आरोप है। बुंदेलखंड पैकेज के कार्यों में स्टील मद की दरें के निर्धारण करने के लिए गठित समिति के सदस्य के रूप में अधिक दरों की संस्तुति व निदेशक की स्वीकृति के बाद खुद के हस्ताक्षर से जारी आदेश द्वारा बढ़ी हुई दरें प्रसारित करने तथा वाराणसी मंडी के कार्यों के शिथिल पर्यवेक्षण के लिए उन्हें निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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हरी राम पर निर्माण खंड अयोध्या में तैनाती के दौरान मंडी समिति अकबरपुर क्षेत्र के पांच संपर्क मार्गों की मरम्मत का कार्य बिना टेंडर स्वीकृत हुए स्वयं के स्तर से ठेकेदार का चयन, दो संपर्क मार्गों के मरम्मत की निविदा लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जाने के बाद भी उन्हें मंडी परिषद की कार्य योजना में शामिल करके उनकी निविदा निकालने तथा एक मार्ग के मरम्मत की आवश्यकता न होते हुए भी उसकी निविदा जारी करने, निर्माण खंड बहराइच के कार्यकाल में टेंडर प्रक्रिया, ठेकेदारों के पंजीकरण तथा अन्य विभागीय कार्यों में भ्रष्टाचार व मनमानी किए जाने, बिना मुख्यालय से धन आवंटित हुए ठेकेदारों का भुगतान करने की गंभीर वित्तीय अनियमितता समेत अन्य आरोप हैं।
निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी
राम नरेश पर निर्माण खंड गोंडा में तैनाती के दौरान नवीन मंडी स्थल करनैलगंज के निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति, खराब गुणवत्ता, नवीन मंडी स्थल बलरामपुर में एनजीटी के मानकों का पालन न करने, निम्न स्तरीय निर्माण कार्य, नवीन मंडी स्थल गोंडा में निर्माण कार्य मानक एवं विशिष्टियों के अनुरूप न कराने, पद एवं अधिकारों का दुरुपयोग कर अनुबंधित ठेकेदार को मंडी परिषद से अवमुक्त की गई राशि के सापेक्ष अधिक भुगतान तथा गड्ढा मुक्तिकरण योजना से संबंधित संपर्क मार्गों के संबंध में जिलाधिकारी गोंडा एवं बलरामपुर द्वारा अनुमोदित राशि से अधिक भुगतान, उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन न करने समेत अन्य अनियमितताओं के आरोप हैं।