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सेकंडहैंड कारों के कारोबार का झांसा देकर एक करोड़ ठगे
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लखनऊ। गुडंबा के कारोबारी को पुरानी कारों के धंधे में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर जालसाजों ने एक करोड़ रुपये ठग लिए। पीड़ित की तहरीर पर तीन जालसाजों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
गुडंबा के नूर प्लाजा निवासी मनोज सिंह इंपीरियल एसोसिएट के नाम से कारोबार करते हैं। मनोज सिंह के मुताबिक, गुडंबा का ही रहने वाला गजनफर अली सेकंडहैंड कार का व्यापार करता है। मनोज और गजनफर में पहचान थी। गजनफर ने मनोज को ऑफर दिया कि सेकंडहैंड कार बेचने के कारोबार में मोटा मुनाफा होता है। उसने पुरानी कारों में होने वाले मुनाफे की पूरी डिटेल भी बताई। मनोज गजनफर के झांसे में आ गए।
65 कार का सौदा किया भेजीं केवल चार
मनोज के मुताबिक, गजनफर उन्हें लेकर मुंबई गया जहां बीएनएस इंटरप्राइजेज नाम की एक कंपनी के प्रोपराइटर निजामुद्दीन से मुलाकात करवाई। निजामुद्दीन ठाणे कौसा का रहने वाला है। उसके साथ शिवाजी कॉलोनी नागपुर का रोशन मनोहर बंधारे भी कारोबार करता था। मनोज के मुताबिक, बातचीत के दौरान बीएनएस इंटरप्राइजेज से 65 गाड़ियों का सौदा तय हुआ। सौदा तय होने के बाद मनोज ने निजामुद्दीन की कंपनी के खाते में एक करोड़ रुपये जमा करा दिए। इसके बाद गाड़ियों की डिलीवरी लखनऊ में होनी थी।
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आरोप है कि जालसाजों ने 65 गाड़ियों का सौदा करने के बाद सिर्फ चार गाड़ियां ही भेजीं। वहीं इन गाड़ियों के कागज भी पूरे नहीं भेजे थे। आरोप है कि दो गाड़ियों के कागज कई बार मांगने के बाद भी नहीं दिए। इसी वजह से दोनों गाड़ियां खड़े-खड़े गैराज में कबाड़ हो गईं। मनोज का आरोप है कि 16 मार्च को उन्होंने तीनों जालसाज से गाड़ी भेजने की बात की तो वे टालमटोल करने लगे। दबाव बनाने की कोशिश की तो उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली। प्रभारी निरीक्षक गुडंबा फरीद अहमद के मुताबिक, मनोज की तहरीर पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
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गुडंबा के नूर प्लाजा निवासी मनोज सिंह इंपीरियल एसोसिएट के नाम से कारोबार करते हैं। मनोज सिंह के मुताबिक, गुडंबा का ही रहने वाला गजनफर अली सेकंडहैंड कार का व्यापार करता है। मनोज और गजनफर में पहचान थी। गजनफर ने मनोज को ऑफर दिया कि सेकंडहैंड कार बेचने के कारोबार में मोटा मुनाफा होता है। उसने पुरानी कारों में होने वाले मुनाफे की पूरी डिटेल भी बताई। मनोज गजनफर के झांसे में आ गए।
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65 कार का सौदा किया भेजीं केवल चार
मनोज के मुताबिक, गजनफर उन्हें लेकर मुंबई गया जहां बीएनएस इंटरप्राइजेज नाम की एक कंपनी के प्रोपराइटर निजामुद्दीन से मुलाकात करवाई। निजामुद्दीन ठाणे कौसा का रहने वाला है। उसके साथ शिवाजी कॉलोनी नागपुर का रोशन मनोहर बंधारे भी कारोबार करता था। मनोज के मुताबिक, बातचीत के दौरान बीएनएस इंटरप्राइजेज से 65 गाड़ियों का सौदा तय हुआ। सौदा तय होने के बाद मनोज ने निजामुद्दीन की कंपनी के खाते में एक करोड़ रुपये जमा करा दिए। इसके बाद गाड़ियों की डिलीवरी लखनऊ में होनी थी।
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आरोप है कि जालसाजों ने 65 गाड़ियों का सौदा करने के बाद सिर्फ चार गाड़ियां ही भेजीं। वहीं इन गाड़ियों के कागज भी पूरे नहीं भेजे थे। आरोप है कि दो गाड़ियों के कागज कई बार मांगने के बाद भी नहीं दिए। इसी वजह से दोनों गाड़ियां खड़े-खड़े गैराज में कबाड़ हो गईं। मनोज का आरोप है कि 16 मार्च को उन्होंने तीनों जालसाज से गाड़ी भेजने की बात की तो वे टालमटोल करने लगे। दबाव बनाने की कोशिश की तो उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली। प्रभारी निरीक्षक गुडंबा फरीद अहमद के मुताबिक, मनोज की तहरीर पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।