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Lucknow News: दो भाइयों की हत्या में एक दोषी, आजीवन कारावास
Tue, 06 Oct 2026 02:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 06 Oct 2026 02:54 AM IST
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लखनऊ। गैस भरवाने जा रहे दो सगे भाइयों की गोली मारकर हत्या के मामले में एडीजे रोहित सिंह ने चिन्ना उर्फ उमेश कुमार गौतम को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साहिल उर्फ महेश नायर और वीरेंद्र कश्यप को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। मामले के एक अन्य आरोपी शिवम सिंह की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। कोर्ट ने इसी मामले से जुड़े आर्म्स एक्ट के एक अलग मुकदमे में आरोपी उमेश को बरी कर दिया।
अभियोजन के मुताबिक, चार अक्तूबर 2018 को रेहान ने ठाकुरगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रेहान के मुताबिक बीती रात वह अपने भाइयों इमरान और अरमान के साथ गैस भरवाने जा रहे थे। मुसाहबगंज में चुंगी कल्याण मंडप के पीछे टेंट हाउस के पास आरोपियों ने उनकी कार रोक ली। मारपीट के बाद गोलीबारी में इमरान और अरमान गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चश्मदीद की गवाही और सीसीटीवी से उमेश की भूमिका साबित
कोर्ट ने चश्मदीद निशांत शुक्ला की गवाही को उमेश के खिलाफ अहम माना। निशांत के मुताबिक, चिन्ना ने इमरान को कार से खींचकर पीटा और उस पर भी कट्टा तानकर धमकाया था। घटना की सीसीटीवी फुटेज में चिन्ना और शिवम सिंह को कार रोककर मारपीट करते देखा गया। अदालत ने माना कि मारपीट और गोलीबारी एक ही घटनाक्रम का हिस्सा थीं और सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि होती है। वहीं, साहिल और वीरेंद्र फुटेज में नजर नहीं आए। वीरेंद्र का नाम घटना के छह दिन बाद विवेचना में सामने आया था। कोर्ट ने कॉल डिटेल और डिजिटल लोकेशन की जांच नहीं कराने को भी विवेचक की कमी माना।
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अभियोजन के मुताबिक, चार अक्तूबर 2018 को रेहान ने ठाकुरगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रेहान के मुताबिक बीती रात वह अपने भाइयों इमरान और अरमान के साथ गैस भरवाने जा रहे थे। मुसाहबगंज में चुंगी कल्याण मंडप के पीछे टेंट हाउस के पास आरोपियों ने उनकी कार रोक ली। मारपीट के बाद गोलीबारी में इमरान और अरमान गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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चश्मदीद की गवाही और सीसीटीवी से उमेश की भूमिका साबित
कोर्ट ने चश्मदीद निशांत शुक्ला की गवाही को उमेश के खिलाफ अहम माना। निशांत के मुताबिक, चिन्ना ने इमरान को कार से खींचकर पीटा और उस पर भी कट्टा तानकर धमकाया था। घटना की सीसीटीवी फुटेज में चिन्ना और शिवम सिंह को कार रोककर मारपीट करते देखा गया। अदालत ने माना कि मारपीट और गोलीबारी एक ही घटनाक्रम का हिस्सा थीं और सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि होती है। वहीं, साहिल और वीरेंद्र फुटेज में नजर नहीं आए। वीरेंद्र का नाम घटना के छह दिन बाद विवेचना में सामने आया था। कोर्ट ने कॉल डिटेल और डिजिटल लोकेशन की जांच नहीं कराने को भी विवेचक की कमी माना।
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