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Lucknow News: 3.45 करोड़ की ठगी में एक आरोपी गिरफ्तार
Wed, 14 Jan 2026 02:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 14 Jan 2026 02:32 AM IST
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आरोपी इमरान गाजी।
लखनऊ। क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देकर लोगों से 3.45 करोड़ रुपये हड़पने के एक आरोपी को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास फर्जी आधार और पैन कार्ड बरामद हुआ है।
इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी गुडंबा के मिश्रपुर का रहने वाला इमरान गाजी है। गिरोह में शामिल भाविका शेट्टी, शहजाद व अन्य लोगों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं।
दो जून को थाने में गोमतीनगर के विजयंतखंड निवासी सीए शलभ पांडेय ने 1.93 करोड़ रुपये ठगे जाने की एफआईआर दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि 26 अप्रैल को फेसबुक पर उनकी दोस्ती भाविका से हुई थी। उसके झांसे में आकर उन्होंने रुपये निवेश कर दिए थे।
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सिर्फ 54 लाख रुपये ही ठग कर सका था ट्रांसफर
इंस्पेक्टर के अनुसार, ठग के बैंक खाते को फ्रीज करा दिया गया था। इमरान ने बताया कि ठगे गए 1.93 करोड़ में से वह सिर्फ 54 लाख ही ट्रांसफर कर सका था। खाता फ्रीज होने पर उसका संपर्क शहजाद से हुआ था। उसी के जरिये उसने फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इसी के जरिये उसने विभिन्न बैंकों में कई अकाउंट खुलवाए थे।
इमरान पर दस से अधिक मामले दर्ज
इमरान ने बताया कि वह और उसका गिरोह पहले सोशल मीडिया के जरिये लोगों से दोस्ती करता था। भरोसा जीतने पर निवेश के नाम पर रकम ऐंठ लेता था। इसी तरह आरोपी ने अन्य लोगों से 1.52 भी करोड़ ठगे हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी का गिरोह काफी बड़ा है। सिर्फ इमरान पर ही ठगी के दस से अधिक मामले दर्ज हैं। इसके मोबाइल में कई नंबर मिले हैं। इनकी तफ्तीश की जा रही है।
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इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी गुडंबा के मिश्रपुर का रहने वाला इमरान गाजी है। गिरोह में शामिल भाविका शेट्टी, शहजाद व अन्य लोगों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं।
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दो जून को थाने में गोमतीनगर के विजयंतखंड निवासी सीए शलभ पांडेय ने 1.93 करोड़ रुपये ठगे जाने की एफआईआर दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि 26 अप्रैल को फेसबुक पर उनकी दोस्ती भाविका से हुई थी। उसके झांसे में आकर उन्होंने रुपये निवेश कर दिए थे।
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सिर्फ 54 लाख रुपये ही ठग कर सका था ट्रांसफर
इंस्पेक्टर के अनुसार, ठग के बैंक खाते को फ्रीज करा दिया गया था। इमरान ने बताया कि ठगे गए 1.93 करोड़ में से वह सिर्फ 54 लाख ही ट्रांसफर कर सका था। खाता फ्रीज होने पर उसका संपर्क शहजाद से हुआ था। उसी के जरिये उसने फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इसी के जरिये उसने विभिन्न बैंकों में कई अकाउंट खुलवाए थे।
इमरान पर दस से अधिक मामले दर्ज
इमरान ने बताया कि वह और उसका गिरोह पहले सोशल मीडिया के जरिये लोगों से दोस्ती करता था। भरोसा जीतने पर निवेश के नाम पर रकम ऐंठ लेता था। इसी तरह आरोपी ने अन्य लोगों से 1.52 भी करोड़ ठगे हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी का गिरोह काफी बड़ा है। सिर्फ इमरान पर ही ठगी के दस से अधिक मामले दर्ज हैं। इसके मोबाइल में कई नंबर मिले हैं। इनकी तफ्तीश की जा रही है।