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किसानों के मुद्दे पर प्रसपा के कार्यकर्ताओं ने सिर पर टोकरी और हाथ में अनाज लेकर किया प्रदर्शन
Tue, 08 Dec 2020 12:08 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 08 Dec 2020 12:08 AM IST
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लखनऊ में किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करते प्रसपा के कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
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प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) ने किसान कानूनों के विरोध में सोमवार को प्रदर्शन किया। सिर पर टोकरी और हाथ में अनाज लिए कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए। इस दौरान पुलिस से कई बार उनकी तीखी झड़प भी हुई। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने कानून वापस नहीं लिया तो पार्टी अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के नेतृत्व में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रसपा के प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस ने बेगम हजरत महल पार्क के आसपास के इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था। कलेक्ट्रेट जाने वाले मार्ग को बैरिकेडिंग कर रोक दिया गया था। दोपहर करीब 12 बजे जुलूस के रूप में पार्टी के पदाधिकारी आगे बढ़े तो भारी संख्या में मौजूद पुलिस फोर्स ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान हुई सभा में प्रदेश महासचिव अजय त्रिपाठी मुन्ना ने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
रामसिंह यादव, रंजीत यादव, कल्पेश द्विवेदी, प्रेमप्रकाश वर्मा, रामबाबू रस्तोगी ने भी सभा को संबोधित किया। मौके पर पहुंचे एसीपी कैसरबाग ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन लिया। प्रदर्शन में प्रसपा के सभी अनुषांगिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के जुटने से पुलिस सशंकित नजर आई।
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प्रसपा के प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस ने बेगम हजरत महल पार्क के आसपास के इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था। कलेक्ट्रेट जाने वाले मार्ग को बैरिकेडिंग कर रोक दिया गया था। दोपहर करीब 12 बजे जुलूस के रूप में पार्टी के पदाधिकारी आगे बढ़े तो भारी संख्या में मौजूद पुलिस फोर्स ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान हुई सभा में प्रदेश महासचिव अजय त्रिपाठी मुन्ना ने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
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रामसिंह यादव, रंजीत यादव, कल्पेश द्विवेदी, प्रेमप्रकाश वर्मा, रामबाबू रस्तोगी ने भी सभा को संबोधित किया। मौके पर पहुंचे एसीपी कैसरबाग ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन लिया। प्रदर्शन में प्रसपा के सभी अनुषांगिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के जुटने से पुलिस सशंकित नजर आई।
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