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एक लाख प्रेरकों की उम्मीदों पर सरकार ने फेरा पानी, एक अक्तूबर से हो जाएंगे बेरोजगार
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 28 Sep 2017 12:49 PM IST
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मांगों को लेकर प्रदर्शन करते प्रेरक। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में साक्षर भारत योजना के तहत कार्यरत करीब एक लाख प्रेरक 1 अक्तूबर से बेरोजगार हो जाएंगे।
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केंद्र सरकार ने प्रदेश में साक्षर भारत योजना को 30 सितंबर के बाद संचालित करने की अनुमति नहीं नहीं दी है।
साक्षर भारत योजना में प्रदेश की 49,921 ग्राम पंचायतों में एक महिला और एक पुरुष प्रेरक नियुक्त किया गया।
प्रदेश में कुल 99,842 प्रेरक कार्यरत हैं, जिन्हें दो हजार रुपये महीने मानदेय दिया जाता है। ये प्रेरक 15 साल या उससे ऊपर के अशिक्षित लोगों को साक्षर बनाने का काम करते हैं।
राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सचिव एवं निदेशक, साक्षरता अवध नरेश शर्मा ने बताया कि योजना को 30 सितंबर, 2017 तक स्वीकृत है।
इसको आगे जारी रखने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन केंद्र सरकार ने 30 सितंबर के बाद योजना को संचालित करने की अनुमति नहीं दी है।
उन्होंने बताया कि सभी जिला लोक सेवा समितियों के सचिव को योजना के लिए संविदा पर नियुक्त जिला समन्वयक, ब्लॉक समन्वयक और प्रेरकों की संविदा अवधि को 30 सितंबर बाद आगे नहीं बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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30 सितंबर के बाद योजना पर किसी भी मद में कोई व्यय नहीं करने को कहा गया है।
शर्मा ने योजना से जुड़े 70 जिलों की जिला लोक सेवा समितियों को 30 सितंबर के बाद योजना का संचालन न करने और योजना के लिए नियुक्त संविदा कर्मचारियों की संविदा अवधि न बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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