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एसी टैक्सी के नाम पर नॉन एसी का सफर
निशांत कुमार यादव/ अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 19 Jan 2014 10:37 AM IST
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चाहे चारबाग रेलवे स्टेशन हो या फिर एयरपोर्ट, हर कहीं टैक्सी संचालकों की दबंगई के आगे अथॉरिटी व पुलिस प्रशासन नतमस्तक है। जेब कट रही है आम आदमी की।
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टैक्सी चालकों की दबंगई का नमूना ही काफी है कि एयरपोर्ट से आलमबाग चौराहे की दूरी करीब 5 किमी है। रेडियो टैक्सी से इस दूरी को तय करने में जहां 120 रुपये खर्च पड़ना पड़ते हैं।
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वहीं एयरपोर्ट की नॉन एसी टैक्सी से इस दूरी को तय करने पर 250 रुपये चार्ज किए जाते हैं। किराया एसी का लेकर नॉन एसी में यात्रियों को यात्रा कराने का गोरखधंधा चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खुले आम चल रहा है।
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इस गोरखधंधे को रोकने में एयरपोर्ट प्रशासन जहां बेबस है वहीं पुलिस का हस्ताक्षेप भी काम नहीं आ रहा है।
सरोजनीनगर थाने में दो महीने पहले दबंग के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई, जांच सीओ कैंट बबीता सिंह को सौंपी गई लेकिन आज तक कार्रवाई न हो सकी है।
रेट लिस्ट में भी कर दी हेराफेरी एयरपोर्ट पर करीब 300 टैक्सियां पंजीकृत हैं, जबकि करीब डेढ़ सौ से अधिक अवैध टैक्सियों का संचालन हो रहा है। यहां तीन साल पहले पूर्वांचल के माफिया और विधायक के गुर्गे टैक्सी स्टैंड चलवाते थे।
इसके बाद एयरपोर्ट प्रशासन की सख्ती के चलते उसके गुर्गे भाग खड़े हुए, जबकि उनमें से एक दबंग करामत अली सिद्दीकी आज भी पार्किंग स्टैंड पर काबिज है।
यात्रियों से अधिक किराया वसूलने के लिए करामत ही अपने अवैध टैक्सी के चालकों को पहले ही नंबर दिलवा देता है। करामत अली के खिलाफ सरोजनीनगर थाने पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
इसके बाद यहां एयरपोर्ट पर नए सिरे से टोकन व्यवस्था लागू की गई लेकिन कुछ ही दिनों में यह भी ध्वस्त हो गई।
इसका नतीजा यह निकला कि एयरपोर्ट पर यात्रियों से इतनी अधिक वसूली हो रही है कि चार साल पहले जो टैक्सी के ड्राइवर हुआ करते थे उनके पास आज दो से तीन खुद की टैक्सियां हैं।
एयरपोर्ट अथॉरिटी की मानें तो यहां पर आरटीओ की अप्रूव्ड की हुई रेट लिस्ट ही चस्पा की गई है। जबकि सच्चाई यह है कि प्रीपेड बूथ पर रेट लिस्ट में ही हेराफेरी कर दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के समय होती है मार
वैसे तो एयरपोर्ट की पार्किंग पर सभी यात्रियों से अधिक किराया वसूला जा रहा है लेकिन यहां आने वाले अंतरराष्ट्रीय विमानों को लेकर जमकर मारामारी मचती है।
रोजाना शारजाह, दुबई और सऊदी अरब से आने वाले यात्री सीतापुर, बहराइच, गोंडा व आसपास के जिलों की ओर जाते हैं। इन यात्रियों से 3000 से 4000 रुपये तक की वसूली की जाती है। इसी तरह 32 घरेलू विमानों से आने व जाने वाले यात्रियों से भी अधिक किराया लिया जाता है।