योगी सरकार से नाराज कैबिनेट मंत्री राजभर, महारैली कर दिखाएंगे अपनी ताकत
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सत्ता में भागीदार होने के बाद भी कई बार सरकार को अपने तेवर दिखा चुके कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर एक बार फिर योगी सरकार को अपनी हैसियत दिखाएंगे। इस बार वह अति पिछड़ा व अति दलित को आरक्षण में भागीदारी के मुद्दे पर 5 नवंबर को यहां रमाबाई अंबेडकर मैदान में महारैली करके अपनी ताकत दिखाएंगे। सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती को लेकर उन्होंने सरकार से कहा है कि जब तक आरक्षण का वर्गीकरण न हो जाए तब तक किसी विभाग में भर्ती न की जाए।
उन्होंने मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर पत्रकार वार्ता की। उन्होंने रैली आयोजित करने का औचित्य तो बताया ही, साथ ही शासन के कुछ अधिकारियों पर सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाकर अपने तेवर का संकेत भी दिया। उन्होंने बताया कि 1990 में पिछड़ी जातियों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन सच्चाई यह है कि आरक्षण का लाभ कुछ जातियां ही उठा रही हैं।
मसलन राजभर, चौहान, मौर्या, कुशवाहा, प्रजापति, पाल, नाई, गौड़ कहार, गोसाईं, बिंद, केवट, मल्लाह, तुरहा, गुप्ता, चौरसिया, लोहार, कोहार व बियार आदि जातियों को अब तक आरक्षण नहीं मिल रहा है। इसी तरह अति दलित की श्रेणी में आने वाले मुसहर, बांसफोर, डोम, मेहतर, पासवान, कमकर, धोबी, पासी, खटिक व नट जैसी जातियों को अनुसूचित जाति के लिए लागू 22.5 प्रतिशत आरक्षण में हिस्सेदारी नहीं मिल पाई है। इसलिए भासपा चाहती है कि इन जातियों को लाभ दिलाने के लिए आरक्षण का वर्गीकरण कराया जाए। वह इसकी लड़ाई लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, इस बाबत वह मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिल चुके हैं। राष्ट्रपति ने आरक्षण का वर्गीकरण करने को कहा है। ऐसा होने से सभी जातियों को बराबर का हिस्सा मिलने लगेगा। अन्य प्रदेशों में यह व्यवस्था लागू है।
योगी को बदनाम कर रहे कुछ अधिकारी : राजभर
गाजीपुर के डीएम को हटाने के लिए मंत्री पद से इस्तीफा देने की धमकी देने वाले कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर तेवर दिखाया है। उन्होंने कहा, उनकी मुख्यमंत्री से कोई नाराजगी नहीं है।
अलबत्ता कुछ अधिकारी मुख्यमंत्री को बदनाम कर रहे हैं। पिछली सरकार का ठप्पा लगे कई अधिकारी आज भी महत्वपूर्ण पदों पर बैठे हैं और सरकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
मीडिया से बातचीत में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार खत्म करने को लगातार मेहनत कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी उनके मंसूबे पर पानी फेर रहे हैं। सरकार से नाराजगी के बारे में पूछने पर ओमप्रकाश ने कहा, मुख्यमंत्री तो योगी, संत व महात्मा हैं, इसलिए मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है।
मुख्यमंत्री तो काम करना चाहते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो सरकार को काम नहीं करने देना चाहते। इनमें कुछ अधिकारी भी शामिल हैं। निकाय चुनाव में भाजपा से समझौते को लेकर कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से भी ओमप्रकाश नाराज दिखे। कहा, अगर भाजपा समझौता नहीं करेगी तो उनकी पार्टी अपने दम पर लड़ेगी।
गोंडा में मेरी गाड़ी से दुर्घटना साबित हो तो छोड़ दूंगा मंत्री पद
गोंडा के करनैलगंज में दुर्घटना में बच्चे की मौत पर ओमप्रकाश ने कहा, बच्चे का एक्सीडेंट मेरे काफिले में शामिल किसी गाड़ी से नहीं बल्कि पीछे आ रहे किसी दूसरे वाहन से हुआ। इसके बावजूद पीड़ित परिवार की तसल्ली के लिए हमने अपना एक वाहन और चालक रामजीत को पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। वाहन की फोरेंसिक जांच करा ली जाए। अगर मेरे वाहन से बच्चे की मौत होने की पुष्टि हुई तो मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा।