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चौंकाने वाले आंकड़ें: कार वाले भी ले रहे थे वृद्धावस्था पेंशन, अब होगी रिकवरी, 10 हजार से ज्यादा मिले अपात्र
Tue, 23 Aug 2022 10:30 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 23 Aug 2022 10:30 AM IST
सार
प्रदेश में चमचमाते मकान में रहने वाले और बढ़िया कार में चलने वाले भी वृद्धावस्था पेंशन ले रहे थे। जांच में अपात्र पाए गए ऐसे 10 हजार लोगों से रिकवरी का फैसला किया गया है। धनराशि वापस न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यह खबर चौंकाने वाली है। बड़े-बड़े मकानों में रहने वाले और अच्छी कार में चलने वाले जिन लोगों को समृद्ध समझा जाता है, वे भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले बुजुर्गों की तरह सरकार से वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं। यह तथ्य सामने आया है समाज कल्याण विभाग की रिपोर्ट में।
विभाग ने लाभार्थियों का सत्यापन कराया तो पता चला कि 10 हजार से अधिक अपात्र इसका लाभ ले रहे थे। इन सभी से रिकवरी की जाएगी। रकम वापस न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सामने आया कि ऐसे वृद्ध भी योजना का लाभ ले रहे हैं, जिनके ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में बढ़िया पक्के मकान बने हैं। उनके पास चौपहिया वाहन भी है। तमाम वृद्ध ऐसे मिले, जिनके पुत्र सरकारी नौकरियों में हैं।
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इसके अलावा लाभार्थियों की सूची में शामिल 2.5 लाख वृद्धों की मौत हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हर साल योजना का लाभ लेने वाले औसतन इतने वृद्धों की मौत हो ही जाती है। इनके खाते बंद करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
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विभाग ने लाभार्थियों का सत्यापन कराया तो पता चला कि 10 हजार से अधिक अपात्र इसका लाभ ले रहे थे। इन सभी से रिकवरी की जाएगी। रकम वापस न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जांच में सामने आया कि ऐसे वृद्ध भी योजना का लाभ ले रहे हैं, जिनके ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में बढ़िया पक्के मकान बने हैं। उनके पास चौपहिया वाहन भी है। तमाम वृद्ध ऐसे मिले, जिनके पुत्र सरकारी नौकरियों में हैं।
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इसके अलावा लाभार्थियों की सूची में शामिल 2.5 लाख वृद्धों की मौत हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हर साल योजना का लाभ लेने वाले औसतन इतने वृद्धों की मौत हो ही जाती है। इनके खाते बंद करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
इन्हें मिल सकता है लाभ
वृद्धावस्था पेंशन में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे बुजुर्गों को प्रति माह 1000 रुपये की दर से हर तिमाही पेंशन दी जाती है। लाभ लेने के लिए शहर में परिवार की आय 56460 रुपये और देहात में 46080 रुपये सालाना से अधिक नहीं होनी चाहिए।
समाज कल्याण निदेशक राकेश कुमार का कहना है कि अपात्रों से धनराशि की रिकवरी की जाएगी। अगर वे इस राशि को नहीं लौटाते हैं तो नियमानुसार विधिक कार्रवाई होगी। मृतकों और अपात्रों के स्थान पर उतने ही नए लाभार्थियों का भी शीघ्र चयन होगा।
समाज कल्याण निदेशक राकेश कुमार का कहना है कि अपात्रों से धनराशि की रिकवरी की जाएगी। अगर वे इस राशि को नहीं लौटाते हैं तो नियमानुसार विधिक कार्रवाई होगी। मृतकों और अपात्रों के स्थान पर उतने ही नए लाभार्थियों का भी शीघ्र चयन होगा।