पीएम अवॉर्ड के लिए भेजे दो प्रस्ताव
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2014 के प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए प्रदेश से दो प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं।
प्रधानमंत्री हर साल 21 अप्रैल को प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अफसरों को पुरस्कार देते हैं। ये पुरस्कार व्यक्तिगत और टीम की श्रेणी में होते हैं।
इन पुरस्कारों को केंद्रीय प्रशासनिक सुधार विभाग की तरफ से दिया जाता है। प्रस्ताव भेजने के लिए प्रत्येक वर्ष की 15 जुलाई आखिरी तारीख होती है और अक्सर इसे बढ़ाकर 15 अगस्त कर दिया जाता है ताकि जिन्होंने प्रस्ताव नहीं भेजे हैं, वे भेज दें। इस साल भी तारीख बढ़ा दी गई है।
इस बार प्रदेश से दो प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे गए हैं। इनमें से एक केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे मिड डे मिल योजना का है। हालांकि इसे पिछले साल भी भेजने का प्रयास हुआ था लेकिन समय समाप्त हो जाने के कारण मुख्य सचिव के पास भेजा नहीं जा सका।
प्रदेश के1.60 लाख स्कूलों में चल रही इस योजना के तहत जूनियर प्राइमरी के 90 लाख बच्चे व अपर प्राइमरी के34 लाख बच्चे रोज खाना खा रहे हैं। बच्चों के लिए खाना बना या नहीं या और कितने बच्चों ने खाना खाया।
मॉनीटरिंग की व्यवस्था की
इसकी जांच करना मुश्किल था। लिहाजा प्राधिकरण ने इसकी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की। इसके लिए आईवीआरएस यानी इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम को विकसित किया गया। इसमें कॉल सेंटर के जरिए स्कूलों के अध्यापक और प्रधानाचार्य के पास कॉल जाती है।
डाटा कॉल सेंटर में भेजने के लिए कॉल सेंटर से सवाल पूछे जाते हैं और अध्यापक को उसी के अनुसार जवाब देना होता है। यह जवाब डाटा कॉल सेंटर में चला जाता है। प्राधिकरण के पास सभी स्कूलों से डाटा आता है।
प्रोजेक्ट को देख रहे प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक सुधांशु त्रिपाठी कहते हैं कि शुरू में हम लोग सोच रहे थे कि क्या यह योजना सफल हो पाएगी। लेकिन अब रोजाना 1.42 से 1.45 लाख डाटा आ रहा है।
पहले मैनुवल होने के कारण डाटा एक-एक महीने में मिल पाता था और इसका कोई मैकेनिज्म भी नहीं था। आईवीआरएस के जरिए हम मिलने वाले डाटा को क्रास चेक भी करते हैं।
इसके अलावा दूसरा प्रस्ताव टीम की श्रेणी में गोंडा जिले की जिलाधिकारी रोशन जैकब के जरिए दिया जा रहा है।
इसके मुताबिक लोकवाणी के जरिए गरीबों को मिलने वाली गैस का वितरण किया जाना है। हालांकि, उन्होंने इस प्रस्ताव के बारे में पूरी जानकारी देने से मना कर दिया।