यूपी: कई गाड़ियां रखकर ‘भौकाल’ नहीं बना पाएंगे अफसर
सरकारी खर्च पर अपने साथ कई वाहन रखकर नेताओं की तरह भौकाल जमाने वाले अफसरों पर सरकार की नजर पड़ गई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने ऐसे अफसरों को तत्काल अतिरिक्त वाहन वापस करने का फरमान सुनाया है।
उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि वे अब न तो निगमों और निदेशालयों के वाहन अपने साथ संबद्ध रख पाएंगे और न ही वाहनों की फ्लीट अपने आवास पर खड़ी कर पाएंगे।
राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों व अन्य अधिकारियों को वाहन के प्रयोग के लिए पहले से दिशा निर्देश तय हैं। ‘अमर उजाला’ ने तीन अप्रैल के अंक में सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निदेशालयों और निगमों से वाहन संबद्ध कर तय मानक से अधिक वाहन रखने की खबर प्रकाशित की थी।
सरकार ने इस खबर का संज्ञान लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। शासन ने पत्र में साफ कहा है कि कुछ अफसर स्वीकृत से अधिक वाहनों का प्रयोग कर रहे हैं। कई वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीन निदेशालय व निगमों आदि से भी वाहन संबद्ध कर लेते हैं जो उचित नहीं हैं।
अभी तक वापस नहीं किए पूर्व में दिए गए वाहन
इसके अलावा ऐसे सेवानिवृत्त अधिकारी व पदाधिकारी भी हैं जिन्होंने पूर्व में उपलब्ध कराए गए सरकारी वाहनों को अभी तक वापस नहीं किया है। इसे अत्यंत आपत्तिजनक बताया गया है।
सरकार ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को निर्देशित किया है कि किसी अधिकारी द्वारा स्वीकृत मानक से अधिक वाहन का प्रयोग किसी भी दशा में न किया जाए। साथ ही वाहनों की फ्लीट आवासों पर न रखी जाए।
हिदायत दी गई है कि वाहनों के प्रयोग में दिखावा न करते हुए मितव्ययिता का विशेष ध्यान रखा जाए। ऐसे सेवानिवृत्त अधिकारियों व पदाधिकारियों से तत्काल सरकारी वाहन वापस करने को कहा गया है जो अब भी प्रयोग में ला रहे हैं।