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Lucknow News: कमेटी के भरोसे बैठे अफसर, आवेदक डीएल के लिए भटक रहे

Tue, 10 Feb 2026 02:09 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Feb 2026 02:09 AM IST
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Officers relying on the committee, applicants wandering for DL
प्रतीकात्मक।
लखनऊ। आधार कार्ड के नए स्वरूप में पिता या पति का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज न होने से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले आवेदक परेशान हैं। सात महीनों से जारी इस तकनीकी समस्या के कारण लखनऊ में ही 8,200 से अधिक आवेदन लंबित हो गए हैं। आवेदक आरटीओ से लेकर परिवहन आयुक्त कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समाधान कमेटी के फैसलों में उलझा हुआ है।
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परिवहन विभाग ने लर्नर डीएल की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दी है, जिसे एनआईसी पोर्टल के जरिये फेसलेस सुविधा के तहत घर बैठे बनाया जा सकता है। सिस्टम आवेदक का डाटा आधार नंबर से लेता है। आधार कार्ड में अब पिता या पति के नाम की जगह केयर ऑफ का विकल्प आता है या कई मामलों में यह कॉलम खाली रहता है। एनआईसी का सिस्टम पिता के नाम के बिना आवेदन को स्वीकार ही नहीं कर रहा, जिससे प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही।
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केस 1ः
ट्रांसपोर्टनगर निवासी मो. अनवर पिता की तरह ट्रक चलाकर गुजारा करना चाह रहे हैं। वह छह महीने से लर्नर डीएल के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आधार में पिता का नाम नहीं होने से लाइसेंस नहीं बन रहा। डीएल नहीं होने से वह भारी वाहन नहीं चला पा रहे, जिससे रोजी-रोटी का संकट बना हुआ है।
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केस 2ः
अलीगंज निवासी नेहा सिंह जर्मनी में पति के साथ रहती हैं। गत माह वह अपने घर आई थीं। लर्नर लाइसेंस आवेदन के बाद भी नहीं बन सका, क्योंकि आधार में पति का नाम नहीं दर्ज है। उन्हें आगे अंतरराष्ट्रीय डीएल के लिए भी आवेदन करना है, लेकिन उनका कामकाज बाधित हो रहा है।
कमेटी के भरोसे आवेदक

परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह समस्या केवल पूरे देश में है। इसे दूर करने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर कमेटी का गठन किया गया है, लेकिन महीनों बाद भी कमेटी ने कोई ठोस रास्ता नहीं निकाला है। परिवहन विभाग के अफसर अब भी इसी कमेटी के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

सिस्टम अपग्रेडेशन का दावा

एनआईसी के वरिष्ठ निदेशक पीयूष श्रीवास्तव के अनुसार, समस्या को देखते हुए सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। हालांकि, धरातल पर अभी हजारों आवेदक ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ के चक्कर काट रहे हैं, क्योंकि पोर्टल पर आधार आधारित वेरिफिकेशन अब भी पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहा है।

Iआधार में पिता व पति का नाम नहीं होने से लर्नर डीएल नहीं बन पा रहे हैं। आधार के विकल्पों को लेकर बातचीत चल रही है। मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एवं हाइवेज (मॉर्थ) के साथ कमेटी बात कर रही है। जल्द ही सकारात्मक परिणाम आएंगे। I
I-किंजल सिंह, परिवहन आयुक्तI
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