9 अफसर व इंजीनियर सस्पेंड, सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में बरती थी लापरवाही
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सरकार की प्राथमिकता वालों कार्यों में शामिल सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के अभियान में लापरवाही बरतने पर शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए गुरुवार को 9 इंजीनियरों व अफसरों सस्पेंड कर दिया है।
इसके अलावा 3 अपर मुख्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और 5 अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। यह कार्रवाई 24 जिलों में गड्ढामुक्त की गई सड़कों की जांच रिपोर्ट आने के बाद पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी के निर्देश पर की गई है।
चौधरी ने कहा कि सड़कों को गड्ढा मुक्त करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि 24 जिलों में जिला पंचायतों की ओर से जिन सड़कों को गड्ढामुक्त कराया गया था, उसकी जांच कराई गई थी।
जांच में कई गड़बड़ियां मिली हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने दोहराया कि आगे भी काम में लापरवाही व भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ये हुए निलंबित
मंत्री ने बताया कि कुशीनगर के अपर मुख्य अधिकारी उमेश पटेल, जिला पंचायत के अभियंता केएन गुप्ता, अवर अभियंता सुनील प्रताप सिंह, अवर अभियंता कपिल देव यादव, तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी गोरखपुर जिला पंचायत एसके सिंह, तत्कालीन अभियंता जिला पंचायत एलडीबी सिंह, तत्कालीन अवर अभियंता ओपी सिंह, अवर अभियंता डीपी सिंह और अवर अभियंता एके सिंह को निलंबित किया गया है।
इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई
चौधरी ने बताया कि बस्ती जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उदय शंकर सिंह, शाहजहांपुर जिला पंचायत के अपर अधिकारी शिशुपाल यादव और जालौन जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अरुण कुमार सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इनसे स्पष्टीकरण तलब
चौधरी के मुताबिक फर्रुखाबाद जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उज्ज्वल अंबेश, झांसी के प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी कमेलश सिंह, खीरी के अपर मुख्य अधिकारी अशोक कुमार सिंह, खीरी की अभियंता कल्पना सिंह और अवर अभियंता सत्येंद्र श्रीवास्तव से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर इनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होगी।