{"_id":"8ec8873090fc84696dfc869aa27a49b2","slug":"officer-cast-connection-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"..इसलिए डटे रहे बिहारी बाबू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
..इसलिए डटे रहे बिहारी बाबू
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 13 Oct 2014 03:24 PM IST
विज्ञापन
सूबे में एक अफसर इन दिनों जातिवादी कनेक्शन साधने में लगे हुए हैं। वे यूपी के साथ ही बिहार कनेक्शन पर भी काम कर रहे हैं। बात पिछले दिनों की है।
विज्ञापन
वे अपनी जाति के ही एक संगठन के चिंतन शिविर में पहुंच गए। पहले तो लगा कि इस शिविर में प्रदेश के मुखिया को रहना है, इसलिए वे आए हैं, लेकिन ये अफसर तो लंच के बाद दूसरे सेशन में भी रुक गए।
विज्ञापन
बाद में पता चला कि ...साहब इसलिए रुके हैं क्योंकि दूसरे सत्र में बिहार के एक बड़े नेता को आना था। ये अफसर भी बिहार के ही हैं।
ऐसे में वे अपना बिहार कनेक्शन जोड़ने के लिए पूरे दिन चिंतन शिविर में ही डटे रहे। अफसर बिरादरी में उनके इस व्यवहार के मायने तलाशे जा रहे हैं।
बहरहाल, ये अफसर वही हैं जिन्होंने अपने विभाग में मलाईदार कुर्सी पर भी अपनी ही जाति के एक अधिकारी को बैठा दिया है।