पूरे देश में बढ़े पर यूपी में घट गए बाघ
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देश में भले ही बाघों की संख्या 1706 से बढ़कर 2226 तक पहुंच गई हो, लेकिन यूपी इस मामले में पिछड़ गया है। पिछले चार वर्षों में यहां बाघों की संख्या बढ़ने के बजाय घट गई है।
नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2014 की गिनती के अनुसार यूपी में 117 बाघ हैं, जबकि 2010 में हुई गणना में यह संख्या 118 थी।
देशभर में बाघों की संख्या के मामले में यूपी आठवें नंबर पर आ गया है, जबकि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में इन चार वर्षों में बाघों की संख्या 227 से बढ़कर 340 हो गई है। वहीं बिहार में भी यह संख्या 20 से 28 हो गई। उत्तर प्रदेश के अलावा आंध्र प्रदेश (तेलंगाना समेत), झारखंड और मिजोरम में भी बाघों का कुनबा घटा है।
बाघों का भटकना भी एक कारण
वन विभाग से रिटायर्ड एक अधिकारी के मुताबिक सूबे में एक-दो बाघों का कम होना कोई चिंता की बात नहीं है। जिस वक्त बाघों की गिनती चल रही थी, उस समय प्रदेश में कुछेक बाघ अपने मूल स्थान से भटके हुए थे। ऐसे में संभव है उनकी गिनती न हो सकी हो।
इन राज्यों में बढ़ी बाघों की संख्या
राज्य--2010--2014
कर्नाटक--300--406
उत्तराखंड--227--340
मध्यप्रदेश--257--308
तमिलनाडु--163--229
महाराष्ट्र--169--190
असम--143--167
केरल--71--136
छत्तीसगढ़--26--46
राजस्थान--36--45
बिहार--8--28
(सभी आंकड़े एनटीसीए से प्राप्त। बाघों की गिनती डेढ़ साल से अधिक आयुवर्ग में)
पिछले कुछ वर्षों में यूपी में बाघ
वर्ष--बाघ
2010--118
2006--109
2002--284
1989--735