राम मंदिर को धार देने में जुटी भगवा टोली, अयोध्या में होगा महासम्मेलन
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भगवा टोली हिंदुत्व व मंदिर मुद्दे को और धार देने की तैयारी में जुट गई है। श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास के जन्मदिन के समापन समारोह के बहाने 7 जून को अयोध्या में प्रमुख भगवा चेहरों का जमावड़ा होने जा रहा है।
संत सम्मेलन के नाम से हो रहे इस जमावड़े में हरिद्वार में संपन्न हुई विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में पारित प्रस्ताव और बनी योजनाओं पर भी चर्चा होगी।
स्वाभाविक है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का प्रसंग आएगा। साथ ही इस मुद्दे पर केंद्र व प्रदेश सरकार के रुख पर भी बातचीत होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 31 मई को अयोध्या यात्रा में सुलह-समझौते से मामला सुलझाने में राज्य सरकार की तरफ से सहयोग की पेशकश पर भी चर्चा तय है।
इस जमावड़े का महत्व इसी से समझा जा सकता है कि इसमें मंदिर मुद्दे पर लगातार मुखर सुब्रह्मण्यम स्वामी और विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया भी शामिल हो रहे हैं। ये दोनों लंबे अरसे बाद अयोध्या में होंगे।
इनके अलावा प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया भी सम्मेलन में शामिल होंगे। मौर्य पहले विहिप में काम करते रहे हैं तो पवैया राजनीति में सक्रिय होने से पहले बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक रह चुके हैं।
इसके अलावा मंदिर आंदोलन से लंबे समय से जुड़े रहे पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती, बद्रिकाश्रम के शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, रामानंदाचार्य रामभद्राचार्य, जगद्गुरु हंसदेवाचार्य भी सम्मेलन में शामिल होंगे।
इसलिए है महत्वपूर्ण
भले ही संत सम्मेलन का घोषित एजेंडा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर न हो लेकिन नृत्य गोपाल दास के श्रीराम जन्मभूमि न्यास का अध्यक्ष होने के नाते सम्मेलन में मंदिर मुद्दे पर बातचीत होना स्वाभाविक है।
तोगड़िया ने अभी हरिद्वार में संपन्न हुई केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक के मौके पर सुलह-समझौते और वार्ता से मंदिर मुद्दे का हल निकलने की संभावनाओं को खारिज किया था।
साथ ही कहा था कि केंद्र सरकार को कानून बनाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। सोचने-समझाने का लंबा दौर चल चुका है। अब हिंदू समाज ज्यादा इंतजार नहीं कर सकता। सुब्रह्मण्यम स्वामी भी पिछले कुछ वर्षों से राम मंदिर मुद्दे पर काफी सक्रिय रहे हैं। स्वामी पिछले दिनों 2018 से मंदिर निर्माण की भविष्यवाणी कर चुके हैं।
ऐसे में समझा जा सकता है कि मंदिर मुद्दे पर चर्चा होगी ही। संत सम्मेलन में जुटे लोग मुख्यमंत्री योगी के अयोध्या दौरे में बातचीत से विवाद के समाधान के प्रस्ताव के सिलसिले में तोगड़िया व स्वामी की राय भी जानना चाहेंगे।
विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा कहते भी हैं कि संत जल्द से जल्द श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण देखना चाहते हैं। इसलिए जब इतनी बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे तो इस बारे में बातचीत होना स्वाभाविक है।
ये मामले भी देंगे धार
साथ ही कहा है कि गोवध पर पूरे देश में रोक लगनी चाहिए। इसे देखते हुए अयोध्या के संत सम्मेलन में गाय का मुद्दा भी उठने की संभावना है। इसके अलावा गंगा की सफाई और संरक्षण तथा मठ-मंदिरों की सुरक्षा पर भी सम्मेलन में भाग लेने वाले संत-धर्माचार्य विचार व्यक्त करेंगे।
महंत के जन्मोत्सव में शनिवार को भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक भी हिस्सा लेंगे। केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र 6 जून को अयोध्या जाकर मंहत नृत्यगोपाल दास का आशीर्वाद लेंगे। संत सम्मेलन में 7 जून को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा के अलावा विहिप के महामंत्री चंपत राय, संगठन महामंत्री दिनेश चंद्र भी रहेंगे।