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Lucknow News: एआई ग्रोक के जवाब ने डीआरएम को सांसत में डाला, दिनभर देते रहे सोशल मीडिया पर जवाब
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चारबाग रेलवे स्टेशन पर व्हीलचेयर का मामला
48 से अधिक यूजर्स को देना पड़ा जवाब
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन पर व्हीलचेयर के लिए शुल्क लिया जाता है, एआई ग्रोक के इस जवाब ने उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल डीआरएम को सांसत में डाल दिया। ग्रोक के इस जवाब पर डीआरएम के सोशल मीडिया एकाउंट से दिनभर जवाब दिए गए कि व्हीलचेयर निःशुल्क भी मिल रही है।
अमर उजाला लखनऊ संस्करण में बीती 22 जुलाई को 'फ्री मिलने वाली व्हीलचेयर के लिए अब 500 सिक्योरिटी मनी के साथ 50 रुपये भी देने होंगे' शीर्षक खबर प्रकाशित की गई। खबर में स्टेशन पर रेलवे कोर्ट के पास जनसुविधा केंद्र का जिक्र किया गया, जहां व्हीलचेयर के लिए शुल्क लिया जाता है। हालांकि, रेलवे प्रशासन की ओर से प्लेटफॉर्म नंबर एक पर डिप्टी एसएस कार्यालय पर निःशुल्क व्हीलचेयर भी उपलब्ध कराई जाती है, जिसका जिक्र खबर में था। खबर प्रकाशित होने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। देखते ही देखते देशभर से इस पर कमेंट आने लगे। इसी क्रम में शनिवार को संतोष भारतवंशी नामक एक्स यूजर ने एआई ग्रोक से पूछा कि जरा पता करो कि भारत में कितने ऐसे रेलवे स्टेशन हैं, जहां व्हीलचेयर के लिए चार्ज लिया जाता है। क्या यह फैसला भारतीय रेल या किसी प्राइवेट संस्था की ओर से लिया गया है। इसके जवाब में ग्रोक ने बताया कि चारबाग रेलवे स्टेशन पर 23 जुलाई से प्रति व्हीलचेयर 50 रुपये शुल्क और सिक्योरिटी मनी का 500 रुपये लिए जाते हैं। सिक्योरिटी मनी रिफंडेबल है। यह भी बताया कि अन्य किसी स्टेशनों पर ऐसा चार्ज नहीं लिया जाता। ग्रोक के इस जवाब से उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन के लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं। यूजर ने ग्रोक के जवाब को एक्स हैंडल पर पोस्ट कर दिया। उसके बाद तमाम यूजर्स ने इस जवाब को डीआरएम को टैग कर दिया, जिस पर यात्रियों ने कमेंट करने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया एक्स पर यूजर्स के पोस्ट पर डीआरएम हैंडल की ओर से दिनभर जवाब दिए गए। डीआरएम ने प्रत्येक पोस्ट के जवाब में बताया कि व्हील चेयर की सेवा निशुल्क है। यह बताया गया कि व्हीलचेयर यदि किसी यात्री को चाहिए तो वह डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (डीएसएस) कार्यालय से निःशुल्क ले सकता है। इसे लेने के लिए यात्री को आधार देना होता है।
48 से अधिक यूजर्स को देना पड़ा जवाब
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन पर व्हीलचेयर के लिए शुल्क लिया जाता है, एआई ग्रोक के इस जवाब ने उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल डीआरएम को सांसत में डाल दिया। ग्रोक के इस जवाब पर डीआरएम के सोशल मीडिया एकाउंट से दिनभर जवाब दिए गए कि व्हीलचेयर निःशुल्क भी मिल रही है।
अमर उजाला लखनऊ संस्करण में बीती 22 जुलाई को 'फ्री मिलने वाली व्हीलचेयर के लिए अब 500 सिक्योरिटी मनी के साथ 50 रुपये भी देने होंगे' शीर्षक खबर प्रकाशित की गई। खबर में स्टेशन पर रेलवे कोर्ट के पास जनसुविधा केंद्र का जिक्र किया गया, जहां व्हीलचेयर के लिए शुल्क लिया जाता है। हालांकि, रेलवे प्रशासन की ओर से प्लेटफॉर्म नंबर एक पर डिप्टी एसएस कार्यालय पर निःशुल्क व्हीलचेयर भी उपलब्ध कराई जाती है, जिसका जिक्र खबर में था। खबर प्रकाशित होने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। देखते ही देखते देशभर से इस पर कमेंट आने लगे। इसी क्रम में शनिवार को संतोष भारतवंशी नामक एक्स यूजर ने एआई ग्रोक से पूछा कि जरा पता करो कि भारत में कितने ऐसे रेलवे स्टेशन हैं, जहां व्हीलचेयर के लिए चार्ज लिया जाता है। क्या यह फैसला भारतीय रेल या किसी प्राइवेट संस्था की ओर से लिया गया है। इसके जवाब में ग्रोक ने बताया कि चारबाग रेलवे स्टेशन पर 23 जुलाई से प्रति व्हीलचेयर 50 रुपये शुल्क और सिक्योरिटी मनी का 500 रुपये लिए जाते हैं। सिक्योरिटी मनी रिफंडेबल है। यह भी बताया कि अन्य किसी स्टेशनों पर ऐसा चार्ज नहीं लिया जाता। ग्रोक के इस जवाब से उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन के लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं। यूजर ने ग्रोक के जवाब को एक्स हैंडल पर पोस्ट कर दिया। उसके बाद तमाम यूजर्स ने इस जवाब को डीआरएम को टैग कर दिया, जिस पर यात्रियों ने कमेंट करने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया एक्स पर यूजर्स के पोस्ट पर डीआरएम हैंडल की ओर से दिनभर जवाब दिए गए। डीआरएम ने प्रत्येक पोस्ट के जवाब में बताया कि व्हील चेयर की सेवा निशुल्क है। यह बताया गया कि व्हीलचेयर यदि किसी यात्री को चाहिए तो वह डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (डीएसएस) कार्यालय से निःशुल्क ले सकता है। इसे लेने के लिए यात्री को आधार देना होता है।
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