{"_id":"694b00a9ecfee1d08609a9e2","slug":"now-waste-will-generate-electricity-not-pollution-lucknow-news-c-13-1-lko1028-1530345-2025-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: अब प्रदूषण नहीं बिजली पैदा करेगा कचरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: अब प्रदूषण नहीं बिजली पैदा करेगा कचरा
Wed, 24 Dec 2025 02:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 24 Dec 2025 02:20 AM IST
विज्ञापन
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों द्वारा विकसित ये मॉडल आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। प्रदेश के बाल वैज्ञानिकों ने यह साबित कर दिया कि नवाचार की कोई उम्र नहीं होती। खराब और घरेलू उपकरणों से तैयार किए गए विज्ञान मॉडलों के जरिये बच्चों ने कचरा प्रबंधन की नई तस्वीर पेश की है। इन नवाचारों की खास बात यह है कि कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकते हुए उससे बिजली और उपयोगी सामग्री का उत्पादन संभव बताया गया है।
गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान परिसर में आयोजित तीन दिवसीय युवा उत्सव के दौरान प्रदेश स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में सभी मंडलों से चयनित बाल वैज्ञानिकों ने दो-दो मॉडल प्रस्तुत किए। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों द्वारा विकसित ये मॉडल आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण बने।
नारियल के छिलके से बनेगा प्रदूषण रहित कोयला
चित्रकूट मंडल के विज्ञान शिक्षक शिवजीत सिंह ने बताया कि वेस्ट इन वेल्थ की अवधारणा पर आधारित इस मॉडल में नारियल के छिलकों से कृत्रिम कोयला और ज्वलनशील पदार्थ तैयार किया गया है। इससे न सिर्फ कचरे का निस्तारण होगा, बल्कि ईंधन का वैकल्पिक स्रोत भी मिलेगा। इस नवाचार को आकार देने में छात्र समीर, दीपक, आशु और आयुष की अहम भूमिका रही।
विज्ञापन
घर का कचरा बनेगा बिजली का स्रोत
आजमगढ़ मंडल के आदित्य वर्मा, आदित्य आयुष और सौरभ यादव ने ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया, जिसमें घरेलू कचरे को जलाने से निकलने वाली ऊष्मा की मदद से बिजली उत्पादन संभव बताया गया है। बाल वैज्ञानिकों ने समझाया कि इस प्रक्रिया में निकलने वाली राख और धुएं को भी एकत्र कर खाद और अन्य उपयोगी सामग्री में बदला जा सकता है, जिससे प्रदूषण पर भी नियंत्रण रहेगा।
खराब कागज से बनेगा नया पेपर
मेरठ मंडल के लक्की कश्यप ने रिसाइकिल पेपर पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया। इसमें खराब कागज, गत्ता और बेकार पेपर को गलाकर सांचे की मदद से नया कागज तैयार किया जाता है। यह तकनीक न केवल किफायती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
विज्ञापन
गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान परिसर में आयोजित तीन दिवसीय युवा उत्सव के दौरान प्रदेश स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में सभी मंडलों से चयनित बाल वैज्ञानिकों ने दो-दो मॉडल प्रस्तुत किए। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों द्वारा विकसित ये मॉडल आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण बने।
विज्ञापन
नारियल के छिलके से बनेगा प्रदूषण रहित कोयला
चित्रकूट मंडल के विज्ञान शिक्षक शिवजीत सिंह ने बताया कि वेस्ट इन वेल्थ की अवधारणा पर आधारित इस मॉडल में नारियल के छिलकों से कृत्रिम कोयला और ज्वलनशील पदार्थ तैयार किया गया है। इससे न सिर्फ कचरे का निस्तारण होगा, बल्कि ईंधन का वैकल्पिक स्रोत भी मिलेगा। इस नवाचार को आकार देने में छात्र समीर, दीपक, आशु और आयुष की अहम भूमिका रही।
विज्ञापन
घर का कचरा बनेगा बिजली का स्रोत
आजमगढ़ मंडल के आदित्य वर्मा, आदित्य आयुष और सौरभ यादव ने ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया, जिसमें घरेलू कचरे को जलाने से निकलने वाली ऊष्मा की मदद से बिजली उत्पादन संभव बताया गया है। बाल वैज्ञानिकों ने समझाया कि इस प्रक्रिया में निकलने वाली राख और धुएं को भी एकत्र कर खाद और अन्य उपयोगी सामग्री में बदला जा सकता है, जिससे प्रदूषण पर भी नियंत्रण रहेगा।
खराब कागज से बनेगा नया पेपर
मेरठ मंडल के लक्की कश्यप ने रिसाइकिल पेपर पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया। इसमें खराब कागज, गत्ता और बेकार पेपर को गलाकर सांचे की मदद से नया कागज तैयार किया जाता है। यह तकनीक न केवल किफायती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों द्वारा विकसित ये मॉडल आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संर

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों द्वारा विकसित ये मॉडल आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संर