आगरा के बाद अब अलीगढ़ में होगा धर्म परिवर्तन!
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आगरा के बाद अब अलीगढ़ के सासनीगेट इलाके में 25 दिसंबर को धर्म जागरण मंच की ओर से हजारों की तादाद में गैर हिंदू संप्रदाय के लोगों की हिंदू धर्म में वापसी का बड़ा आयोजन करने की सूचना पर खलबली मच गई है।
आरएसएस से जुड़े धर्म जागरण मंच सहित दूसरे सहयोगी संगठनों के प्रमुखों और कार्यकर्ताओं के बीच दिन चढ़ने के साथ ही सरगर्मी बढ़ती गई। धर्म जागरण मंच की ओर से स्थानीय आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे बृजेश कंटक पर भी सवालों की बौछार होने लगी।
आयोजन स्थल से लेकर आयोजकों तक का फीडबैक लिया जाने लगा। इस बीच गैर भाजपाई नेताओं ने तीखी बयानबाजी कर मामले को गरमा दिया। पुलिस प्रशासन भी अलर्ट होता दिखा।
खुफिया एजेंसियां प्रशासन और शासन को इसकी रिपोर्ट देती रहीं। इस आयोजन में योगी आदित्यनाथ के आने की भी चर्चा होती रही। बुधवार दोपहर ढलते ही धर्म जागरण मंच के क्षेत्रीय प्रमुख राजेश्वर सिंह मीडिया के सामने आए।
नरेन्द्र मोदी के विरोधी कर रहे हैं दुष्प्रचार
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के विरोधी घर वापसी को धर्म परिवर्तन का नाम देकर दुष्प्रचार कर रहे हैं। 25 दिसंबर को हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अलीगढ़ में प्रस्तावित धर्म रक्षा संकल्प यज्ञ एवं हिंदू पंचायत होनी है जिसमें धर्मांतरण नहीं बल्कि एक साल में घर वापस (ईसाई या मुसलमान) लौटे लोगों को सम्मानित किया जाना है।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को कलमा न पढ़ना पड़े, इसलिए धर्म की रक्षा कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन में अलीगढ़, पीलीभीत, बदायूं, बरेली, शाहजहांपुर, कासगंज, एटा, मैनपुरी, मथुरा, आगरा एवं फीरोजाबाद आदि जिलों के करीब तीन हजार लोग शामिल होंगे।
राजेश्वर सिंह ने कहा कि देश में इस्लाम और ईसाई धर्म नहीं है बल्कि यह विदेशी मत है, जो भारतीय संस्कृति को खत्म करना चाहता है। हम भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। इस संबंध में धर्म जागरण मंच, आरएसएस और दूसरे हिंदूवादी संगठनों के स्थानीय प्रमुखों के साथ बैठक प्रस्तावित है, जिसमें इस संबंध में कोई और नया फैसला सामने आ सकता है।