कहां हैं राहुल गांधी? बदल रहा है अमेठी का नक्शा!
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अमेठी व सुल्तानपुर जिले के प्रस्ताव व शासन के निर्देश के बाद राजस्व परिषद ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। इसी माह राजस्व परिषद में प्रकरण को लेकर बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि अप्रैल माह तक निर्वाचन व राजस्व के मामले में दो जिलों में पड़ने वाले गांवों की अव्यवस्था दूर हो जाएगी।
निर्वाचन क्षेत्र के हिसाब से अमेठी लोकसभा व राजस्व क्षेत्र में जिले में पड़ने वाले सदर तहसील के हलियापुर क्षेत्र के 29 गांवों की समस्या जल्द दूर होने के आसार हैं। दोनों जिलों के जिलाधिकारियों के प्रस्ताव व समस्या को देखते हुए शासन ने 29 गांवों को अमेठी जनपद में शामिल करने पर विचार शुरू कर दिया है।
शासन के निर्देश पर राजस्व परिषद इसी माह प्रकरण पर विचार करने के लिए दोनों जिलों के जिलाधिकारियों की बैठक बुलाई है। राजस्व परिषद अध्यक्ष के निर्देश पर 27 मार्च को बुलाई गई बैठक संबंधी पत्र उप भूमि व्यवस्था आयुक्त एसकेएस चौहान ने डीएम को भेजा है। पत्र में डीएम को बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया गया है।
29 गांवों को जोड़ने की कवायद
प्रस्ताव के मुताबिक, हलियापुर क्षेत्र के 29 गांवों को सदर तहसील से निकाल कर अमेठी के मुसाफिरखाना तहसील में जोडे़ जाने की कवायद चल रही है। मुसाफिरखाना तहसील में जुड़ने से ये गांव अमेठी के जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में आ जाएंगे। साथ ही अमेठी जनपद में शामिल हो जाएंगे।
हलियापुर क्षेत्र के 29 गांव अभी तक राजस्व जिले में शामिल हैं लेकिन लोकसभा व विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिहाज से अमेठी में आते हैं। चुनाव कार्य के लिहाज से दो जिलों में गांव पड़ने से अधिकारियों एवं क्षेत्रवासियों को काफी दिक्कतें आती हैं। इसे देखते हुए अधिकारियों ने प्रस्ताव राजस्व परिषद को भेजा था।