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स्त्री एवं प्रसूति रोग तक नहीं सीमित छात्राओं की प्रतिभा, अब रेडियोलॉजी बनी मेडिकल छात्राओं की पहली पसंद

Mon, 11 Apr 2022 01:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 01:33 AM IST
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Now Radiology become first choice of Medical Girls Students
रेडियोलॉजी बनी मेडिकल छात्राओं की पहली पसंद। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
सचिन त्रिपाठी
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मेडिकल की पढ़ाई करने वाली छात्राओं की प्रतिभा अब सिर्फ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ बनने तक ही सीमित नहीं है।
टॉपर छात्राएं भी परास्नातक स्तर पर रेडियोलॉजी, मेडिसिन और पीडियाट्रिक को पहला विकल्प चुन रही हैं। नीट पीजी 2021 की काउंसिलिंग के बाद ये नई तस्वीर सामने आई है।
केजीएमयू में परास्नातक स्तर पर इस काउंसिलिंग से हुए दाखिलों में शीर्ष 10 अभ्यर्थियों में से छह ने रेडियोलॉजी का चयन किया है। इनमें छात्र व छात्राएं दोनों समान रूप से शामिल हैं।
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जबकि, पिछले लंबे समय से गाइनी ही छात्राओं की पहली पसंद हुआ करती थी। देश में लंबे समय तक पढ़ाई के साथ कॅरिअर के विकल्प भी छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग होते थे।
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वहीं, मेडिकल में दोनों के बीच शाखाओं का भी जेंडर के आधार पर बंटवारा नजर आता था, लेकिन अब इसमें बदलाव आ रहा है।
इस बार की काउंसिलिंग के अनुसार पीजी के टॉप 10 मेधावियों (छात्र-छात्राओं दोनों) ने समान तौर पर रेडियोलॉजी का चयन किया है। इसके बाद मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स का नंबर आता है।
चौथे स्थान पर गायनेकोलॉजिस्ट और पांचवें पर हड्डी रोग विशेषज्ञ बनने का विकल्प है। फिर सर्जरी, ईएनटी, एनेस्थीसिया और पैथोलॉजी का नंबर आता है। इसके बाद नॉन क्लीनिकल ब्रांच के विकल्प दिए गए हैं।
छात्र भी बन रहे स्त्री-प्रसूति रोग विशेषज्ञ
आम धारणा है कि सिर्फ छात्राएं ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ बनने के लिए दाखिला लेती हैं, जबकि ऐसा नहीं है। केजीएमयू में ही कई छात्र परास्नातक स्तर पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की डिग्री ले चुके हैं। वर्ष 2019 में भी यहां से छात्र ने इसकी डिग्री ली थी। हालांकि, पिछले दो साल से किसी छात्र ने इस ब्रांच में दाखिला नहीं लिया है।
मेडिकल में अब कॅरिअर के विकल्प ज्यादा हैं। गायनेकोलॉजी ब्रांच आगे चलकर रुक जाती है, जबकि रेडियोलॉजी, मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स में सुपर स्पेशियलिटी कोर्स करने का विकल्प है। ऐसे में अच्छी रैंक लाने वाली छात्राएं भी अब इनकी ओर रुख कर रही हैं।

- प्रो. सुजाता देव, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, क्वीन मेरी अस्पताल
मेडिकल में रेडियोलॉजी, मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स जैसी ब्रांच में सर्जरी और गायनेकोलॉजी के मुकाबले कम दबाव होता है। इसके साथ ही कॅरिअर के विकल्प भी इन ब्रांच में बहुत अच्छे हैं। इस कारण अच्छी रैंक वाले छात्र-छात्राएं दोनों इन ब्रांच में दाखिला ले रहे हैं।
- प्रो. संतोष सिंह, महासचिव, केजीएमयू शिक्षक संघ
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