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अब लोहिया संस्थान को कोविड अस्पताल बनाने की योजना
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अब लोहिया संस्थान को कोविड अस्पताल बनाने की योजना
लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के मुख्य परिसर को कोविड हॉस्पिटल में तब्दील करने की योजना शुरू हो गई है। इसके लिए अधिकारियों ने बैठक कर कार्य योजना पर विचार विमर्श किया।
वहीं इसकी जानकारी मिलते ही रेजिडेंट एसोसिएशन और नर्सेज संघ ने योजना पर अपना विरोध दर्ज करा दिया है।
गौरतलब है कि शहीद पथ के पास लोहिया संस्थान के मातृ शिशु एवं रेफरल सेंटर को पहले ही कोविड अस्पताल बनाया जा चुका है।
बेड बढ़ाने की सरकार की मंशा को पूरा करने के लिए अधिकारियों ने विभूतिखंड स्थित संस्थान की मुख्य परिसर में कोविड अस्पताल बनाने की योजना बना डाली।
हाल ही में कमिश्नर और डीएम ने मुख्य कैंपस का निरीक्षण किया और बेड बढ़ाने की अपनी इच्छा जताई थी। नतीजा यह हुआ कि अधिकारी 350 बेड वाले मुख्य कैंपस में कोविड अस्पताल चलाने की योजना पर काम करने लगे।
योजना का पता चलने पर संस्थान के सीनियर डॉक्टरों ने ऐतराज जताया और कहा कि इससे सुपर स्पेशिएलिटी सेवाएं ठप हो जाएंगी जो मरीजों के लिए अच्छा नहीं होगा।
संस्थान में इस समय आंको सर्जरी, मेडिकल आंकोलॉजी, रेडिएशन आंकोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, कोर्डियोलॉजी, सीवीटीएस, पीडियाट्रिक सर्जरी समेत करीब 15 विभागों में मरीजों का इलाज हो रहा है।
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रेजीडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गुरनाम सिंह व सचिव डॉ. अनिल लोधी ने इस योजना को नकार दिया।
उनका कहना है कि अगर कोविड अस्पताल के चलते संक्रमण का डर फैलेगा और 500 एमबीबीएस व 140 पीजी छात्रों का शैक्षणिक सत्र खतरे में पड़ जाएगा।
उनका कहना है कि यदि सरकार कोविड बेड बढ़ाना चाहती है तो कैंसर संस्थान को कोविड हॉस्पिटल बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वहां डॉक्टरों की जरूरत होगी तो वे ड्यूटी करने के लिए तैयार हैं।
उधर नर्सेज संघ के अध्यक्ष अमित शर्मा ने इस योजना का विरोध किया और कहा कि कोरोना का इलाज शुरू होने के बाद परिसर में बने आवासों में भी संक्रमण फैलने का डर होगा।
डॉक्टरों ने जताया ऐतराज
दर्ज कराई आपत्ति : ठप हो जाएगा कैंसर और दिल जैसे गंभीर मरीजों का इलाज, 500 एमबीबीएस, 140 पीजी छात्रों के शैक्षणिक सत्र पर भी आएगा संकट
दिया सुझाव : सरकार कोविड बेड बढ़ाना चाहती है तो कैंसर संस्थान को कोविड हॉस्पिटल बनाया जा सकता है। जरूरत होगी तो वहां ड्यूटी के लिए तैयार हैं
यह सिर्फ योजना है
लोहिया संस्थान कें प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश सिंह ने बताया कि अभी तो यह सिर्फ योजना है। लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के मुख्य परिसर में कोविड हॉस्पिटल बन ही जाएगा, यह कहना जल्दबाजी होगी।
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लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के मुख्य परिसर को कोविड हॉस्पिटल में तब्दील करने की योजना शुरू हो गई है। इसके लिए अधिकारियों ने बैठक कर कार्य योजना पर विचार विमर्श किया।
वहीं इसकी जानकारी मिलते ही रेजिडेंट एसोसिएशन और नर्सेज संघ ने योजना पर अपना विरोध दर्ज करा दिया है।
गौरतलब है कि शहीद पथ के पास लोहिया संस्थान के मातृ शिशु एवं रेफरल सेंटर को पहले ही कोविड अस्पताल बनाया जा चुका है।
बेड बढ़ाने की सरकार की मंशा को पूरा करने के लिए अधिकारियों ने विभूतिखंड स्थित संस्थान की मुख्य परिसर में कोविड अस्पताल बनाने की योजना बना डाली।
हाल ही में कमिश्नर और डीएम ने मुख्य कैंपस का निरीक्षण किया और बेड बढ़ाने की अपनी इच्छा जताई थी। नतीजा यह हुआ कि अधिकारी 350 बेड वाले मुख्य कैंपस में कोविड अस्पताल चलाने की योजना पर काम करने लगे।
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योजना का पता चलने पर संस्थान के सीनियर डॉक्टरों ने ऐतराज जताया और कहा कि इससे सुपर स्पेशिएलिटी सेवाएं ठप हो जाएंगी जो मरीजों के लिए अच्छा नहीं होगा।
संस्थान में इस समय आंको सर्जरी, मेडिकल आंकोलॉजी, रेडिएशन आंकोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, कोर्डियोलॉजी, सीवीटीएस, पीडियाट्रिक सर्जरी समेत करीब 15 विभागों में मरीजों का इलाज हो रहा है।
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रेजीडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गुरनाम सिंह व सचिव डॉ. अनिल लोधी ने इस योजना को नकार दिया।
उनका कहना है कि अगर कोविड अस्पताल के चलते संक्रमण का डर फैलेगा और 500 एमबीबीएस व 140 पीजी छात्रों का शैक्षणिक सत्र खतरे में पड़ जाएगा।
उनका कहना है कि यदि सरकार कोविड बेड बढ़ाना चाहती है तो कैंसर संस्थान को कोविड हॉस्पिटल बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वहां डॉक्टरों की जरूरत होगी तो वे ड्यूटी करने के लिए तैयार हैं।
उधर नर्सेज संघ के अध्यक्ष अमित शर्मा ने इस योजना का विरोध किया और कहा कि कोरोना का इलाज शुरू होने के बाद परिसर में बने आवासों में भी संक्रमण फैलने का डर होगा।
डॉक्टरों ने जताया ऐतराज
दर्ज कराई आपत्ति : ठप हो जाएगा कैंसर और दिल जैसे गंभीर मरीजों का इलाज, 500 एमबीबीएस, 140 पीजी छात्रों के शैक्षणिक सत्र पर भी आएगा संकट
दिया सुझाव : सरकार कोविड बेड बढ़ाना चाहती है तो कैंसर संस्थान को कोविड हॉस्पिटल बनाया जा सकता है। जरूरत होगी तो वहां ड्यूटी के लिए तैयार हैं
यह सिर्फ योजना है
लोहिया संस्थान कें प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश सिंह ने बताया कि अभी तो यह सिर्फ योजना है। लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के मुख्य परिसर में कोविड हॉस्पिटल बन ही जाएगा, यह कहना जल्दबाजी होगी।