LDA: महंगा हुआ घरों का नक्शा पास कराना
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लखनऊ विकास प्राधिकरण लगातार दूसरे साल मानचित्र पास कराने का रेट बढ़ाने जा रहा है। मानचित्र के प्रत्येक मद में शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव बना लिया गया है।
इस मद में वाह्य, अत: विकास शुल्क, सुद्रढ़ीकरण और अंबार शुल्क बढ़ाया जाएगा। इस तरह से मानचित्र जमा करने का शुल्क दोगुने से ढाई गुना तक बढ़ जाएगा।
यही नहीं एलडीए क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए जल शुल्क भी बढ़ाया जाएगा। एलडीए ने पिछले साल अगस्त में मानचित्र और ले-आउट पास करने के शुल्कों में दोगुने तक वृद्धि की थी।
इससे पहले यह वृद्धि वर्ष 2000 में की गई थी। एक बार फिर से बढ़ोतरी कर दी गई है। यह प्रस्ताव शनिवार को सचिव अष्टभुजा प्रसाद तिवारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
विकास शुल्क संबंधित एक प्रकरण सुप्रीमकोर्ट में लंबित है। ऐसे में शुल्क बढ़ोतरी से पहले सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के प्रकाश में इस प्रस्ताव का परीक्षण करने के का भी सचिव ने निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट में है मामला
दरअसल पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्राधिकरणों और आवास विकास परिषदों द्वारा मानचित्र पास करते समय लिए जाने वाले विकास शुल्क को अवैध ठहराया था।
अदालत ने कहा था कि, एक्ट में इस तरह का प्रावधान तो है मगर सरकार ने बिना कोई पॉलिसी बनाए ही इसको लागू कर दिया है।
इसी के बाद सभी तरह के शुल्क लेने पर रोक लगा दी गई थी। इस फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी। जहां से इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे था।
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस मामले में विधिक राय ली जाए कि क्या स्टे के बावजूद प्राधिकरण शुल्क बढ़ा सकता है। अगर यह विधिक होगा तो बहुत जल्द ही शुल्क बढ़ोतरी कर दी जाएगी।
अंत: और वाह्य विकास शुल्क भी बढ़ा
एलडीए में आंतरिक और वाह्य विकास शुल्क भी बढ़ाया जाएगा। इसका बोझ बिल्डरों और डवलपरों के सिर पर भी डाला जाएगा।
उन्हें ले-आउट पास कराने के लिए अब ज्यादा वाह्य और आंतरिक विकास शुल्क देना पड़ेगा। वाह्य विकास शुल्क 1350 रुपये की जगह अब करीब 1470 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगा। जबकि अत: विकास शुल्क 1090 रुपये की जगह 1180 रुपये होगा।
अत: विकास शुल्क निजी डवलपर जो ले आउट प्लान (तलपट मानचित्र) पास कराएंगे उनसे लिया जाएगा। यह शुल्क एलडीए के पास जमा रहेगा और जब कॉलोनी को प्राधिकरण से कंपलीशन सर्टिफिकेट मिल जाएगा, उसके बाद में यह राशि वापस कर दी जाएगी।
जल व्यय शुल्क में भी की गई वृद्धि
भवनों के निर्माण के दौरान जल व्यय के लिए कनेक्शन प्राधिकरण देता है। इसके लिए वह जल व्यय शुल्क लेता है।