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अब 75 रूपये अधिक देकर देख सकेंगे केबल
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 18 Feb 2014 11:47 AM IST
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मनोरंजन कर विभाग द्वारा बकाया कर राशि के लिए क्षेत्रीय केबल ऑपरेटरों पर शिकंजा कसना उपभोक्ताओं पर भारी पड़ गया है।
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इससे निपटने के लिए शहर के ज्यादातर इलाकों के केबल ऑपरेटरों ने गुपचुप तरीके से मासिक किराए में 50 से 75 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है।
हैरानी की बात यह है कि एसटीबी उपभोक्ताओं से हो रही इस वसूली की जानकारी न तो प्रसारण सिग्नल मुहैया कराने वाले मल्टी सिस्टम ऑपरेटरों (एमएसओ) को है और न ही जिला मनोरंजन कर विभाग को।
आलमबाग, राजाजीपुरम, तेलीबाग सहित कुछ अन्य इलाकों में बढ़ी हुई किराया दर वसूले जाने की जानकारी दिए जाने पर दोनों ने ही इससे अनभिज्ञता जताते हुए अपने स्तर पर मामले की जांच कराने की बात कही है।
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मल्टी सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) बीते छह माह से कैफ-पैफ की आड़ में मनोरंजन कर विभाग को एसटीबी उपभोक्ताओं की वास्तविक संख्या बताने में अड़ंगेबाजी कर रहे हैं।
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इसके कारण ही मनोरंजन कर राशि का निर्धारण नहीं हो पा रहा। इसे देखते हुए बीते माह से विभागीय अधिकारियों ने बकाया टैक्स राशि वसूलने के लिए नई कवायद शुरू की।
एमएसओ को छोड़ पंजीकृत 304 क्षेत्रीय ऑपरेटरों से सीधे उनकी कस्टमर संख्या के आधार पर टैक्स राशि का निर्धारण कर इसकी वसूली को नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू की गई है।
केबल ऑपरेटरों ने फरवरी से बिना संबंधित एमएसओ व विभाग को बताए उपभोक्ताओं से फिक्स मासिक शुल्क में 50 से 75 रुपये तक बढ़ोतरी कर वसूली शुरू कर दी है।
तेलीबाग, रुचिखंड, कृष्णानगर, इंदिरानगर, गोमतीनगर व चौक सहित कई अन्य इलाकों के एसटीबी उपभोक्ताओं ने इस महीने केबल ऑपरेटरों द्वारा डेढ़ सौ रुपये मासिक की जगह दो से सवा दो सौ रुपये लेने की बात कही है।
उनका कहना है कि केबल ऑपरेटर इसके लिए सोनी कंपनी से जुड़े विभिन्न मनोरंजन चैनलों के किराये में हुई बढ़ोतरी को कारण बता रहे हैं।
दूसरी तरफ, केबल ऑपरेटरों को प्रसारण सिग्नल मुहैया कराने वाले डेन नेटवर्क से जुड़े मुख्य एमएसओ ओमेश्वर सिंह व योगेश कुमार दोनों ने ही उपभोक्ताओं के मासिक शुल्क में किसी भी तरह की बढ़ोतरी की जानकारी से इन्कार किया है।
पैकेज शुल्क को खुद भरना पड़ेगा एसएपीएफ
कैफ-पैफ को लेकर चल रही रस्साकसी दरकिनार कर एमएसओ ने अब केबल ऑपरेटरों के माध्यम से एसटीबी उपभोक्ताओं से सबक्राइबर एप्लीकेशन पैकेज फॉर्म (एसएपीएफ) भरवाना शुरू किया है।
डेन नेटवर्क से जुड़े एमएसओ योगेश कुमार ने बताया कि इसका उद्देश्य अगले माह से एसटीबी उपभोक्ताओं को उनका मनचाहा प्रोग्राम पैकेज चुनने व इसी आधार पर मासिक किराये का भुगतान करने का मौका देने का है।
हालांकि कैफ-पैफ की तरह इस फॉर्म को भराने की जिम्मेदारी एमएसओ अथवा केबल ऑपरेटरों पर नहीं होगी वरन एसटीबी उपभोक्ता को खुद पैकेज प्रोग्राम का फायदा उठाने के लिए अपने क्षेत्रीय केबल ऑपरेटर से यह फॉर्म मांग कर भरना व जमा कराना होगा।
अगले माह से केबल ऑपरेटर भरे हुए एसएपीएफ फॉर्म के आधार पर उपभोक्ताओं को चार श्रेणी में पैकेज प्रोग्राम शुल्क चुनने का मौका देंगे।
फिक्स की जगह अगले माह से पैकेज शुल्क
एसएपीएफ भरने के बाद केबल ऑपरेटर उपभोक्ता से मनमाना शुल्क नहीं वसूल पाएंगे। योगेश कुमार ने बताया कि अगले माह से एसटीबी उपभोक्ताओं को निर्धारित पैकेज बुके में से अपना मनचाहा ऑप्शन चुनने का मौका मिलेगा।
उपभोक्ता चार तरह के पैकेज प्रोग्राम चुन सकेंगे। इस पैकेज बुके में न्यूनतम 134 रुपये, 199 रुपये, 260 रुपये व 299 रुपये (टैक्स सहित) के विकल्प रखे गए हैं।