पुलिस नहीं एनसीसी सुधारेगी यूनीवर्सिटी का माहौल
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लखनऊ विश्वविद्यालय में अनुशासित और शांत माहौल बनाने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड अब एनसीसी कैडेट्स को भी अपने साथ जोड़ेगा। विश्वविद्यालय में पहली बार इस तरह का प्रयास किया जा रहा है।
इतना ही नहीं नई प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम को इस तरह से तैयार किया जाएगा कि सभी ब्लॉक में न्यूनतम एक एडिशनल और एक असिस्टेंट प्रॉक्टर शामिल हों। इसके लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के गठन का काम शुरू किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश महिला सम्मान प्रकोष्ठ द्वारा इस सत्र से विश्वविद्यालय के प्रत्येक विभाग में दो-दो कैडेट कॉप तैयार किए जाने हैं जो छात्राओं और महिलाओं की समस्या को विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस तक पहुंचाएं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड अनुशासन बनाने में भी इन्हें साथ लेकर चलेगा।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशी ने शुक्रवार को लेफ्टिनेन्ट डॉ. किरन लता डंगलवाल से विश्वविद्यालय के एनीसी कैडेट्स की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि यहां कुल 160 कैडेट्स हैं जिसमें 55 छात्राएं और 105 छात्र शामिल हैं। इन सभी को प्रॉक्टोरियल बोर्ड अपने साथ लेकर चलेगा। क्योंकि इन सभी कैडेट्स को विशेष प्रशिक्षण मिलता है इसलिए ये अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सभी कैडेट्स को उनके विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
सुबह 10 से शाम 4 तक रहेंगे कैडेट्स
डॉ. किरन के साथ प्रो. निशी से मिलने पहुंची एनसीसी कैडेट्स उत्कर्षा, कृतिका, ज्योति, मंजू, शुभांगी और अंशू ने कहा कि उनको प्रॉक्टोरियल बोर्ड के साथ काम करने में खुशी होगी।
प्रो. निशी ने बताया कि इन सभी कैडेट्स को विश्वविद्यालय की ओर से इस काम के लिए सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा।
लेफ्टिनेंट डॉ. किरन लता डंगवाल ने एनसीसी कैडेट्स के साथ चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशी पांडेय से मुलाकात की। प्रो. निशी ने बताया कि विश्वविद्यालय के दोनों परिसर में जितने भी ब्लॉक हैं जैसे आर्ट्स फैकल्टी, कॉमर्स ब्लॉक, पीजी ब्लॉक, सोशल वर्क विभाग, साइकोलॉजी विभाग आदि सभी जगह एक-एक एडिशिनल व असिस्टेंट प्रॉक्टर होंगे।
सभी ब्लॉक में वहां चलने वाले विभागों के शिक्षकों को ही ये जिम्मेदारी दी जाएगी जिससे कि वह समय से अपनी कक्षाएं भी ले सकें। इसके अलावा उस विभाग में व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी उन पर रहेगी। ऐसी व्यवस्था में सभी का उत्तरदायित्व भी निर्धारित रहेगा।
दूसरा प्रॉक्टर ऑफिस में सुबह 10 से शाम चार बजे तक हर समय एक एडिशनल और एक असिस्टेंट प्रॉक्टर रहेंगे जिससे कि छात्र किसी समस्या की स्थिति में उनसे संपर्क कर सकें। इसके लिए उनके लेक्चर को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक दो घंटे पर शिफ्ट चेंज होगी। प्रशासनिक भवन और बड़े ब्लॉक में आवश्यकतानुसार अधिक एडिशनल व असिस्टेंट प्रॉक्टर नियुक्त होंगे।