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Lucknow News: अब 60 दिन में करना ही होगा नामांतरण

Tue, 01 Oct 2024 12:11 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Oct 2024 12:11 AM IST
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Now name transfer will have to be done within 60 days
लखनऊ। संपत्तियों का नामांतरण आसान बनाने के लिए एलडीए ने एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) बना दी है। अब शुल्क सत्यापन के नाम पर बाबू नामांतरण की फाइलें नहीं अटका पाएंगे। उन्हें 60 दिन में प्रक्रिया पूरी करनी ही होगी। पहले भी इतना ही समय तय था, पर यह सख्ती से लागू नहीं हो पा रहा था। अब इसमें ढिलाई पर बाबुओं की जवाबदेही तय की जाएगी।
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नामांतरण शुल्क अधिकतम 10 हजार रुपये लिए जाने का आदेश शासन की ओर से जारी हो चुका है। इसके बाद भी बाबू नामांतरण शुल्क सत्यापन के नाम पर एलडीए में फाइलें घुमाते थे। इससे नामांतरण में एक-एक साल तक का समय लग रहा था।
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बीते शनिवार को सिंगल विंडो क्लीयरेंस की बैठक में वीसी प्रथमेश कुमार के सामने नामांतरण के ऐसे कई मामले सामने आए। इसके बाद उन्होंने एसओपी बनाई है। इसमें तय कर दिया गया कि किस स्तर पर आवेदन कितने दिन में निस्तारित होगा। विभाग के बजाय संपत्ति अधिकारी ही ऑनलाइन जमा होने वाले शुल्क का सत्यापन रसीद के यूटीआर नंबर से कर नामांतरण को पूरा करेंगे। आवेदन से लेकर इसका आदेश जारी करने तक की प्रक्रिया के लिए अधिकतम 60 दिन का समय तय कर दिया गया है।
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संपत्ति प्रभारी को शुल्क सत्यापन का अधिकार

वीसी ने बताया कि पूर्व में जारी आदेश के तहत 10 हजार रुपये के शुल्क का सत्यापन संपत्ति अधिकारी अपने स्तर पर रसीद और ऑनलाइन जमा रसीद के यूटीआर नंबर से कर सके हैं। ऐसे में शुल्क जमा है या नहीं, इसका सत्यापन करने के लिए फाइल लेखा विभाग में भेजने की जरूरत नहीं है। सत्यापन के बाद संपत्ति प्रभारी रिपोर्ट लगा देगा और फिर नामांतरण के लिए फाइल को स्वीकृत कर देगा।




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कुछ इस तरह आगे बढ़ेगी फाइल

0 ऑनलाइन आवेदन को नोडल अधिकारी उसी दिन प्रभारी अधिकारी संपत्ति स्तर-दो को भेजेगा।

0 प्रभारी अधिकारी संपत्ति स्तर-दो आवेदन को उसी या अगले दिन जांच के लिए योजना सहायक को भेजेगा।

0 योजना सहायक आवेदन पत्र और उससे जुड़ी फाइल की जांच करेगा। जरूरी होगा तो उसकी सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशन के लिए भेजेगा और फाइल प्रभारी अधिकारी संपत्ति स्तर-एक को भेजेगा। ये सारी प्रकिया वह सात दिन में पूरी करेगा।

0 प्रभारी संपत्ति स्तर-एक जांच के बाद उसी दिन नामांतरण शुल्क और प्रकाशन शुल्क जमा करने के लिए ऑनलाइन ही पत्र आवेदक को जारी करेगा।
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