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Lucknow News: ...अब नई ई पॉस मशीन से बांटी जाएगी खाद
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लखनऊ। जिले में उर्वरक की मारामारी के बीच इसके वितरण की ईपॉस मशीन बदलने का काम भी शुरू कर दिया गया है। सक्रिय करीब 550 उर्वरक विक्रेताओं में से 534 के पास मौजूद पुरानी एल-0 पॉस मशीनों को बदलकर उन्हें एल-1 ई पॉस मशीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। शेष विक्रेताओं को नोटिस जारी करते हुए 31 अगस्त तक का समय मशीन बदलने के लिए दिया गया है। इसके बाद वह पुरानी मशीन से उर्वरक वितरण नहीं कर सकेंगे।
जिला कृषि अधिकारी तेजबहादुर सिंह ने बताया कि एल-1 ई पॉस मशीन नई टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसके उपयोग से वितरण को पारदर्शी बनाने में और अधिक मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुरानी मशीनों को जमा कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। सितंबर तक 287,080 क्विंटल उर्वरक वितरण का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष 284,860 क्विंटल उर्वरक जिले को प्राप्त हो चुकी है, उसमें 269,590 क्विंटल का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि यूरिया की एक और रैक शनिवार को जिले को प्राप्त हो गई। जिन्हें आवश्यकता के मुताबिक वितरण केंद्रों पर भेजा जा रहा है।
नई ई-पॉस मशीन की खासियत
आधुनिक तकनीक पर आधारित इस मशीन में अगर किसी किसान के नाम पर अधिक उर्वरक खारिज हो गई है तो उसे संशोधित करने के विकल्प है। एंड्रायड डिवाइस है। नए फीचर व टच स्क्रीन के साथ है। किस किसान को कितनी उर्वरक मिली, यह जानकारी तुरंत सरकारी सर्वर पर अपडेट हो जाती है।- आने वाले समय में किसानों की भूमि आधार से लिंक होने पर इस मशीन से उसे कनेक्ट किया जा सकेगा।
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जिला कृषि अधिकारी तेजबहादुर सिंह ने बताया कि एल-1 ई पॉस मशीन नई टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसके उपयोग से वितरण को पारदर्शी बनाने में और अधिक मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुरानी मशीनों को जमा कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। सितंबर तक 287,080 क्विंटल उर्वरक वितरण का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष 284,860 क्विंटल उर्वरक जिले को प्राप्त हो चुकी है, उसमें 269,590 क्विंटल का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि यूरिया की एक और रैक शनिवार को जिले को प्राप्त हो गई। जिन्हें आवश्यकता के मुताबिक वितरण केंद्रों पर भेजा जा रहा है।
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नई ई-पॉस मशीन की खासियत
आधुनिक तकनीक पर आधारित इस मशीन में अगर किसी किसान के नाम पर अधिक उर्वरक खारिज हो गई है तो उसे संशोधित करने के विकल्प है। एंड्रायड डिवाइस है। नए फीचर व टच स्क्रीन के साथ है। किस किसान को कितनी उर्वरक मिली, यह जानकारी तुरंत सरकारी सर्वर पर अपडेट हो जाती है।- आने वाले समय में किसानों की भूमि आधार से लिंक होने पर इस मशीन से उसे कनेक्ट किया जा सकेगा।
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