यूपी में अब बेहद आसान हुआ दरोगा बनना, बदल गए नियम
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पुलिस में दरोगा बनकर अपना करियर संवारने का ख्वाब देखने वालों के लिए खुशखबरी है। अब दरोगा की परीक्षा को आसानी से पास किया जा सकेगा। अखिलेश यादव की कैबिनेट ने इस बदलाव पर मोहर लगा दी है।
दरोगा भर्ती में अब न तो प्रारंभिक परीक्षा होगी और न ही ग्रुप डिस्कशन होगा। सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों का सीधे फिजिकल टेस्ट होगा। इसमें सफल होने पर 400 अंकों की लिखित परीक्षा देनी होगी।
लिखित परीक्षा के आधार पर ही मेरिट तैयार की जाएगी। वहीं कुल खाली पदों का आधा सीधी भर्ती से तो बाकी प्रमोशन से भरे जाएंगे। उप निरीक्षक व निरीक्षक (नागरिक पुलिस) की नई सेवा नियमावली में यह व्यवस्था की गई है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में नई सेवा नियमावली को मंजूरी दे दी गई।
कठिन थी पहले की प्रक्रिया
सरकार का मानना है कि जो मौजूदा प्रक्रिया थी, उसमें अत्यधिक समय लग रहा था। लिहाजा प्रारंभिक परीक्षा और ग्रुप डिस्कशन को खत्म किया गया। सीधी भर्ती के लिए 21 से 28 वर्ष की आयु सीमा तय की गई है। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद सीधे फिजिकल टेस्ट होगा।
स्टेप फर्स्ट : पुरुष अभ्यर्थी को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 28 मिनट में तो महिला अभ्यर्थियों को 2.4 किलोमीटर की दौड़ 16 मिनट में पूरी करनी होगी। इसी दौरान मेडिकल भी हो जाएगा।
यह भी बदलाव
सीनियारिटी : नियमावली में दो दिसंबर 2008 से पहले और उसके बाद भर्ती किए गए उप निरीक्षकों की सीनियारिटी अलग-अलग निर्धारित करने का प्रावधान किया गया है। पदोन्नति के माध्यम से नियुक्त निरीक्षकों की ज्येष्ठता उनके चयन की तिथि के निर्धारित की जाएगी।
मृतक आश्रित : नौकरी के दौरान मौत पर उसके आश्रित के सीधी भर्ती के आवेदन पर भर्ती बोर्ड संबंधित विभागाध्यक्ष द्वारा तय नीति के अनुसार भर्ती करेगा। हालांकि उप निरीक्षकों के ऐसे पद सीधी भर्ती के कुल पदों के पांच प्रतिशत से ज्यादा नहीं होंगे।
स्टेप सेकंड : 400 अंकों की परीक्षा में 200 अंक पाने पर ही अभ्यर्थी सफल माना जाएगा। यानी इससे कम अंक वाले का सलेक्शन नहीं हो सकेगा। इसके बाद आरक्षण के मुताबिक लिखित परीक्षा में हासिल अंकों के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी।