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अब और ऊंची इमारतों वाला होगा लखनऊ शहर

Mon, 09 Mar 2015 08:08 AM IST
ऋषि मिश्रा/अमर उजाला, लखनऊ
ऋषि मिश्रा/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 09 Mar 2015 08:08 AM IST
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Now buildings to be much higher in Lucknow.

राजधानी में अब और अधिक ऊंची इमारतें बनाने का रास्ता खुल गया है। ऐसा लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के फ्लोर एरिया रेश्यो बढ़ाने के फैसले से संभव हुआ है। इसके तहत क्षेत्रफल और क्षेत्र के आधार पर अधिक ऊंची बिल्डिंगें बनाई जा सकेंगी। मगर इसके लिए बिल्डरों को एलडीए को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।

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राजधानी के पुराने इलाकों में 24 मीटर सड़क पर अब तक डेढ़ एफएआर देने का नियम था। अब सड़क की चौड़ाई घटाकर 18 मीटर कर दी गई है। एलडीए की पुरानी और नई विकसित की जा रही कॉलोनियों में बिल्डर के एलडीए ऊंचाई खरीदने की जो न्यूनतम सीमा 20 और 35 फीसदी थी, उसे बढ़ा कर 35 और 50 फीसदी कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि पुराने शहर से लेकर नए शहर तक अब पहले कहीं अधिक ऊंची बिल्डिंगें राजधानी में बनाई जा सकेंगी।
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जानिए कैसे होती है एफएआर की गणना
दरअसल फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) बिल्डिंगों की ऊंचाई का मानक है। एक एफ एआर का अर्थ है कि 100 वर्ग मीटर भूमि पर सभी मंजिल मिलाकर 200 वर्ग मीटर का निर्माण। इसमें निर्धारित सेट बैक भी बिल्डिंग के लिए छोड़ना होता है।
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इसका अर्थ है कि 100 मीटर वर्ग मीटर भूमि पर करीब ढाई मंजिल निर्माण संभव है। डेढ़ एफएआर में यह बढ़ कर करीब चार मंजिल तक हो जाता है। जबकि दो एफएआर में साढ़े पांच मंजिल तक का निर्माण हो सकता है।

अलग-अलग इलाकों में अलग ऊंचाई

Now buildings to be much higher in Lucknow.

प्राधिकरण ने शहर को तीन हिस्सों में बांटा है। इसमें पूर्ण विकसित क्षेत्र (बिल्टअप एरिया), विकासरत क्षेत्र (डवलपिंग एरिया) और विकसित क्षेत्र (डवलप्ड एरिया) शामिल हैं। इसी के तहत अलग-अलग खरीदे जा सकने वाले एफएआर की लिमिट तय की गई है।

बिल्टअप एरिया: जो व्यवस्था शासन की ओर से तय की गई है, उसके तहत पुराने मोहल्ले यानी बिल्टअप एरिया में चौक, चौपटिया, हजरतगंज, चारबाग, नक्खास, अमीनाबाद जैसे इलाके शामिल होंगे। इन इलाकों में डेढ़ एफएआर एलडीए देता है।

यानी 24 मीटर सड़क पर डेढ़ एफएआर का नियम ग्रुप

हाउसिंग, संस्थागत, शैक्षणिक और कॉमर्शियल इमारतों के लिए है। यहां एफएआर तो नहीं बढ़ाया गया, मगर इसकी जगह सड़क की चौड़ाई घटाकर 18 मीटर कर दी गई है। ऐसे में यहां अधिक ऊंची इमारतों को बनाने का रास्ता खुल गया है।

इन क्षेत्रों के लिए ये होंगे मानक

Now buildings to be much higher in Lucknow.

डवलपिंग एरिया: जिन क्षेत्रों में प्राधिकरण अब भी विकास कर रहा है और वे अभी प्राधिकरण की ही जद में हैं, वे शामिल होंगे। इनमें जानकीपुरम विस्तार, गोमतीनगर विस्तार, कानपुर रोड सेक्टर-ओ, विभूतिखंड, गोमती नगर फेज-2 की कई कॉलोनियां शामिल होंगी।

वहीं, आगे चलकर सीजी सिटी आवासीय योजना और मोहान रोड आवासीय योजना इसमें शामिल हो जाएंगी। यहां पर फिलहाल 24 मीटर सड़क पर डेढ़ एफएआर देना तय था। अब इसको 18 मीटर कर दिया गया है। अब यहां 35 फीसदी एफएआर के बजाय 50 फीसदी एफएआर खरीदा जा सकेगा। इससे ऊंचाई बढ़ाने का रास्ता खुलेगा।

डवलप्ड एरिया: विकसित क्षेत्र वे हैं, जिन्हें प्राधिकरण नगर निगम को हैंडओवर कर चुका है। इनमें अलीगंज, गोमतीनगर, जानकीपुरम, कानपुर रोड एलडीए कॉलोनी शामिल हैं। इन इलाकों में फिलहाल 20 फीसदी एफएआर खरीदा जा सकता था, अब यहां 35 फीसदी एफएआर खरीदा जा सकेगा। ऐसे में इन इलाकों में भी बढ़ी ऊंचाई की इमारतें बनाई जा सकेंगी।

नई नियमावली लागू
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है‌ कि बढ़े हुए एफएआर के संबंध में प्राधिकरण ने अपनी नई नियमावली लागू कर दी है। इसके तहत अलग-अलग इलाकों के लिए एफएआर तय किया गया है। मगर ये अतिरिक्त एफएआर पर्चेबल होगा।

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