{"_id":"61ba57891016f113e61659a1","slug":"now-bhatkhandey-become-cultural-university-lucknow-news-lko60912361","type":"story","status":"publish","title_hn":"भातखंडे संस्कृत संस्थान अब भातखंडे राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय बना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भातखंडे संस्कृत संस्थान अब भातखंडे राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय बना
विज्ञापन
भातखंडे अब बना संस्कृति विश्वविद्यालय। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
योगी कैबिनेट ने भातखंडे संगीत संस्थान सम विश्वविद्यालय को अब भातखंडे राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित करने की मंजूरी दी है।
अब संस्कृत, संस्कृति के साथ लोक कलाओं, लोक नृत्य पर शोध और पाठ्यक्रम संचालित हो सकेंगे।
संस्कृति विभाग के अधिकारी के अनुसार, भातखंडे संगीत संस्थान अभी तक सम विश्वविद्यालय था। कैबिनेट ने संस्थान को अब पूर्ण विश्वविद्यालय का दर्जा दिया है।
इसका कार्यक्षेत्र संपूर्ण उत्तर प्रदेश रहेगा। अभी तक भारतेंदु नाट्य अकादमी ड्रामा में डिप्लोमा दे पाती है, लेकिन अब अकादमी की संस्कृति विश्वविद्यालय से संबद्धता होने पर ड्रामा में डिग्री भी मिल सकेगी।
कहा कि अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान को अभी बौद्ध अध्ययन और शोध केलिए लखनऊ विवि सहित अन्य विश्वविद्यालय पर निर्भर रहना पड़ता था।
संस्कृति विवि के जरिये अब बौद्ध अध्ययन और शोध कार्य भी हो सकेगा। इनके अतिरिक्त लोक कला, शास्त्रीय संगीत, ग्रामीण कला, संस्कृति और लोक नृत्यों पर भी शोध और अध्ययन किया जा सकेगा। इससे रोजगार की संभावना बढ़ेगी। साथ ही संस्कृत और संस्कृति का विकास होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब संस्कृत, संस्कृति के साथ लोक कलाओं, लोक नृत्य पर शोध और पाठ्यक्रम संचालित हो सकेंगे।
संस्कृति विभाग के अधिकारी के अनुसार, भातखंडे संगीत संस्थान अभी तक सम विश्वविद्यालय था। कैबिनेट ने संस्थान को अब पूर्ण विश्वविद्यालय का दर्जा दिया है।
इसका कार्यक्षेत्र संपूर्ण उत्तर प्रदेश रहेगा। अभी तक भारतेंदु नाट्य अकादमी ड्रामा में डिप्लोमा दे पाती है, लेकिन अब अकादमी की संस्कृति विश्वविद्यालय से संबद्धता होने पर ड्रामा में डिग्री भी मिल सकेगी।
विज्ञापन
कहा कि अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान को अभी बौद्ध अध्ययन और शोध केलिए लखनऊ विवि सहित अन्य विश्वविद्यालय पर निर्भर रहना पड़ता था।
संस्कृति विवि के जरिये अब बौद्ध अध्ययन और शोध कार्य भी हो सकेगा। इनके अतिरिक्त लोक कला, शास्त्रीय संगीत, ग्रामीण कला, संस्कृति और लोक नृत्यों पर भी शोध और अध्ययन किया जा सकेगा। इससे रोजगार की संभावना बढ़ेगी। साथ ही संस्कृत और संस्कृति का विकास होगा।
विज्ञापन