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अब बिजली कनेक्शन फॉर्म में गलती पर निरस्त नहीं होगा आवेदन
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नरेश शर्मा
बिजली कनेक्शन सहित अन्य कार्य के लिए झटपट पोर्टल पर आवेदन के दौरान होने वाली मानवीय गलतियों पर अब आवेदन निरस्त नहीं होेंगे। जांच अधिकारी गलती को सही करने का मौका देंगे, और आपत्ति लगा कर आवेदन वापस करेंगे।
आवेदक लॉगइन आईडी व पासवर्ड से आवेदन को खोलकर कर आपत्ति वाली गलतियों को सुधार कर फॉर्म क्लोज कर सकेंगे। यह सुविधा यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने दी है।
निदेशक (वाणिज्य) अशोक कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में 15 जुलाई को पूर्वांचल वाराणसी, मध्यांचल लखनऊ, केस्को कानपुर, पश्चिमांचल मेरठ व दक्षिणांचल आगरा के प्रबंध निदेशक को सर्कुलर भेज कर नई व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए हैं।
इन गलतियों की भरमार
- अंग्रेजी में नाम भरते समय स्पेलिंग गलत कर देते हैं।
- घर के कनेक्शन की श्रेणी को वाणिज्यिक भर देते हैं।
- पता का उल्लेख करते वक्त मोहल्ला, मकान नंबर नहीं भरते।
- आधार कार्ड का नंबर भरने के दौरान गलती कर देते हैं।
- कनेक्शन के संबंध में सही दस्तावेज अपलोड नहीं करते।
अब नहीं होगा ये नुकसान
मुख्य अभियंता (लेसा) ट्रांस व सिस मधुकर वर्मा ने बताया कि आवेदकों का साइबर कैफे में गलत फॉर्म भरने के कारण सरकारी व फॉर्म भरने की फीस का जो नुकसान होता था, वह अब नहीं होगा। साइबर कैफे वाले अपनी आमदनी करने के लिए फॉर्म भरने के दौरान जानबूझ कर गलतियां कर देते थे, जिससे जांच के दौरान फॉर्म निरस्त हो जाता था। फॉर्म निरस्त होने से सरकारी फीस व फॉर्म की फीस बट्टे खाते में चली जाती थी। आवेदक को दोबारा नए सिरे से प्रक्रिया को पूरा करना पड़ता था।
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प्रोसेसिंग फीस से 10 गुना तक वसूली
साइबर कैफे एवं उपकेंद्रों के आसपास खुली फॉर्म भरने की दुकानों में आवेदकों से सरकारी फीस से 10 गुना तक ज्यादा शुल्क फॉर्म भरने के लिए वसूल लिया जाता है। दो किलोवाट का घरेलू कनेक्शन लेने के लिए यूपी पावर कॉर्पोेरेशन के खाते में प्रोसेसिंग फीस के तौर पर 118 रुपये जाते हैं, जिसमें 18 रुपये जीएसटी के शामिल होते हैं। लेकिन फॉर्म भरने वाले अतिरिक्त रूप से 600 रुपये तक वसूल लेते हैं। वहीं एक किलोवाट का वाणिज्यिक कनेक्शन लेने पर 68 रुपये सरकारी खजाने में जमा होते हैं, जिसमें 50 रुपये प्रोसेसिंग फीस व 18 रुपये जीएसटी के होते हैं। फॉर्म भरने वाले 1000 से 1200 रुपये तक वसूल रहे हैं।
आवेदकों को मिलेगी सहूलियत
आवेदकों को झटपट पोर्टल पर गलती सुधारने का मौका यूपी पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) के द्वारा जारी आदेश से मिला है। इससे आवेदकों का कोई भी आवेदन अब निरस्त नहीं होगा। इससे आवेदकों को न तो बार-बार साइबर कैफे जाना होगा न ही दोबारा फीस भरनी पड़ेगी।
- सूर्यपाल गंगवार, एमडी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ
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बिजली कनेक्शन सहित अन्य कार्य के लिए झटपट पोर्टल पर आवेदन के दौरान होने वाली मानवीय गलतियों पर अब आवेदन निरस्त नहीं होेंगे। जांच अधिकारी गलती को सही करने का मौका देंगे, और आपत्ति लगा कर आवेदन वापस करेंगे।
आवेदक लॉगइन आईडी व पासवर्ड से आवेदन को खोलकर कर आपत्ति वाली गलतियों को सुधार कर फॉर्म क्लोज कर सकेंगे। यह सुविधा यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने दी है।
निदेशक (वाणिज्य) अशोक कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में 15 जुलाई को पूर्वांचल वाराणसी, मध्यांचल लखनऊ, केस्को कानपुर, पश्चिमांचल मेरठ व दक्षिणांचल आगरा के प्रबंध निदेशक को सर्कुलर भेज कर नई व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए हैं।
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इन गलतियों की भरमार
- अंग्रेजी में नाम भरते समय स्पेलिंग गलत कर देते हैं।
- घर के कनेक्शन की श्रेणी को वाणिज्यिक भर देते हैं।
- पता का उल्लेख करते वक्त मोहल्ला, मकान नंबर नहीं भरते।
- आधार कार्ड का नंबर भरने के दौरान गलती कर देते हैं।
- कनेक्शन के संबंध में सही दस्तावेज अपलोड नहीं करते।
अब नहीं होगा ये नुकसान
मुख्य अभियंता (लेसा) ट्रांस व सिस मधुकर वर्मा ने बताया कि आवेदकों का साइबर कैफे में गलत फॉर्म भरने के कारण सरकारी व फॉर्म भरने की फीस का जो नुकसान होता था, वह अब नहीं होगा। साइबर कैफे वाले अपनी आमदनी करने के लिए फॉर्म भरने के दौरान जानबूझ कर गलतियां कर देते थे, जिससे जांच के दौरान फॉर्म निरस्त हो जाता था। फॉर्म निरस्त होने से सरकारी फीस व फॉर्म की फीस बट्टे खाते में चली जाती थी। आवेदक को दोबारा नए सिरे से प्रक्रिया को पूरा करना पड़ता था।
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प्रोसेसिंग फीस से 10 गुना तक वसूली
साइबर कैफे एवं उपकेंद्रों के आसपास खुली फॉर्म भरने की दुकानों में आवेदकों से सरकारी फीस से 10 गुना तक ज्यादा शुल्क फॉर्म भरने के लिए वसूल लिया जाता है। दो किलोवाट का घरेलू कनेक्शन लेने के लिए यूपी पावर कॉर्पोेरेशन के खाते में प्रोसेसिंग फीस के तौर पर 118 रुपये जाते हैं, जिसमें 18 रुपये जीएसटी के शामिल होते हैं। लेकिन फॉर्म भरने वाले अतिरिक्त रूप से 600 रुपये तक वसूल लेते हैं। वहीं एक किलोवाट का वाणिज्यिक कनेक्शन लेने पर 68 रुपये सरकारी खजाने में जमा होते हैं, जिसमें 50 रुपये प्रोसेसिंग फीस व 18 रुपये जीएसटी के होते हैं। फॉर्म भरने वाले 1000 से 1200 रुपये तक वसूल रहे हैं।
आवेदकों को मिलेगी सहूलियत
आवेदकों को झटपट पोर्टल पर गलती सुधारने का मौका यूपी पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) के द्वारा जारी आदेश से मिला है। इससे आवेदकों का कोई भी आवेदन अब निरस्त नहीं होगा। इससे आवेदकों को न तो बार-बार साइबर कैफे जाना होगा न ही दोबारा फीस भरनी पड़ेगी।
- सूर्यपाल गंगवार, एमडी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ