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Parishadiya school: किताबों की छपाई में ढिलाई पर सात प्रकाशकों को नोटिस
Sun, 14 Aug 2022 04:07 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 14 Aug 2022 04:07 PM IST
सार
यूपी के जिलों में अभी तक महज चार करोड़ किताबें पहुंची हैं जबकि सितंबर के पहले सप्ताह तक किताबों का वितरण पूरा करना है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में सितंबर के पहले हफ्ते तक निशुल्क किताबों का वितरण होना है। मगर अभी 10.75 करोड़ में से लगभग 4 करोड़ किताबें ही जिलों में पहुंची हैं। किताबों की आपूर्ति में ढिलाई बरतने वाले कुल 13 में से 7 प्रकाशकों को बेसिक शिक्षा विभाग ने नोटिस भेजा गया। वहीं विभाग ने यह दावा भी किया है कि किताबों का वितरण सितंबर के पहले सप्ताह तक पूरा करा लिया जाएगा।
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पाठ्यपुस्तक अधिकारी श्याम किशोर तिवारी की ओर से प्रकाशकों को जारी नोटिस में कहा गया है कि उन प्रकाशकों को चेताया गया है कि जिन्होंने लक्ष्य के अनुरूप किताबों की आपूर्ति नहीं की है। अगर आपूर्ति में देरी हुई तो कार्रवाई की जाएगी।
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उधर, जिलों में किताबें पहुंचने के बाद उनके वितरण में भी समय लग रहा है। पहले किताबों की संख्या की जांच होती है। बाद में जिले के स्टोर से ब्लॉक केंद्र और फिर विद्यालयों तक किताबें पहुंचाई जाती हैं।
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इस कार्य में ढिलाई बरतने पर पिछले दिनों पाठ्यपुस्तक अधिकारी ने कई बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी आपत्ति जताई थी। इसके बाद इस काम में तेजी आई है। इसके बावजूद जिले में पहुंचने के बाद किताबों को विद्यालयों में बच्चों तक पहुंचाने में समय लग रहा है।