{"_id":"671058df84c68aa7df0df594","slug":"notice-to-employees-on-agitation-silence-on-doctors-lucknow-news-c-13-1-lko1029-916922-2024-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: आंदोलन पर कर्मचारियों को नोटिस, डॉक्टरों पर चुप्पी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: आंदोलन पर कर्मचारियों को नोटिस, डॉक्टरों पर चुप्पी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। पीजीआई प्रशासन की दोहरे रवैये से आउटसोर्सिंग कर्मचारी आक्रोशित हैं। वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे इन कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है, वहीं ओपीडी बंद कर हड़ताल कर रहे डॉक्टरों को समर्थन दिया जा रहा है।
संस्थान में करीब पांच हजार आउटसोर्स कर्मचारी हैं। इनके बुधवार को आंदोलन करने की सूचना पर नोटिस जारी किया गया है। इस पर कर्मचारियों का कहना है कि संस्थान में डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज बेहाल हैं। फिर भी उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि नियमानुसार हड़ताल करने पर जूनियर डॉक्टरों की तैनाती की अवधि बढ़ानी चाहिए। साथ ही हड़ताल की अवधि तक वेतन भी नहीं दिया जाना चाहिए। इसके बावजूद डॉक्टरों को मनमानी की छूट दी गई है।
उधर, आउटसोर्स कर्मचारी जायज मांगें पूरी न होने पर विरोध करते हैं तो उन्हें बिना किसी जांच के ही निजी कंपनी पर दबाव बनाकर नौकरी से हटा दिया जाता है। इतनी महंगाई में कर्मचारी लंबे समय से 10 से 15 व 20 हजार रुपये में काम कर रहे हैं। गर्वनिंग बॉडी में प्रस्ताव पास होने के बावजूद वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
संस्थान में करीब पांच हजार आउटसोर्स कर्मचारी हैं। इनके बुधवार को आंदोलन करने की सूचना पर नोटिस जारी किया गया है। इस पर कर्मचारियों का कहना है कि संस्थान में डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज बेहाल हैं। फिर भी उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि नियमानुसार हड़ताल करने पर जूनियर डॉक्टरों की तैनाती की अवधि बढ़ानी चाहिए। साथ ही हड़ताल की अवधि तक वेतन भी नहीं दिया जाना चाहिए। इसके बावजूद डॉक्टरों को मनमानी की छूट दी गई है।
विज्ञापन
उधर, आउटसोर्स कर्मचारी जायज मांगें पूरी न होने पर विरोध करते हैं तो उन्हें बिना किसी जांच के ही निजी कंपनी पर दबाव बनाकर नौकरी से हटा दिया जाता है। इतनी महंगाई में कर्मचारी लंबे समय से 10 से 15 व 20 हजार रुपये में काम कर रहे हैं। गर्वनिंग बॉडी में प्रस्ताव पास होने के बावजूद वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा।
विज्ञापन